{"_id":"5cf8a008bdec22076100d1ed","slug":"main-accused-arrested-of-schoolgirl-shivani-murder-case-in-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सलाखों के पीछे पहुंचा शिवानी हत्याकांड का मुख्य आरोपी, 10 साल से दे रहा था पुलिस को चकमा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
सलाखों के पीछे पहुंचा शिवानी हत्याकांड का मुख्य आरोपी, 10 साल से दे रहा था पुलिस को चकमा
Thu, 06 Jun 2019 10:40 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 06 Jun 2019 10:40 AM IST
विज्ञापन
शिवानी हत्याकांड का मुख्य आरोपी पीयूष पचौरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा की गोविंदनगर पुलिस ने छात्रा शिवानी कात्याल की हत्या के मामले के मुख्य अभियुक्त पीयूष पचौरी को जेल भेज दिया है। पीयूष 10 साल से पुलिस को गच्चा देकर ग्रेटर नोएडा में छुपा हुआ था। पुलिस ने आरोपी पर पांच हजार रुपये का इनाम रखा था। मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
23 फरवरी 2009 की रात को छात्रा शिवानी का शव छाता क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिला था। छात्रा के चाचा गौरव कात्याल ने शिवानी के दोस्त इंटरमीडिएट के छात्र पीयूष पचौरी निवासी कमला नगर, आगरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की जांच में पड़ोसी ऋषभ मोहन पुत्र राकेश मोहन और तेजस्वी शर्मा पुत्र वीरेश शर्मा निवासी शुभम अपार्टमेंट, हरीपर्वत के नाम सामने आए।
उनको दो आरोपियों को अप्रैल 2009 को ही जेल भेज दिया गया था। पीयूष पचौरी को गोविंदनगर पुलिस ने मंगलवार को गोकुल रेस्टोरेंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में पीयूष ने खुद को बेगुनाह बताया। उधर, छाता कोतवाली पुलिस भी आरोपी से पूछताछ करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
23 फरवरी 2009 की रात को छात्रा शिवानी का शव छाता क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिला था। छात्रा के चाचा गौरव कात्याल ने शिवानी के दोस्त इंटरमीडिएट के छात्र पीयूष पचौरी निवासी कमला नगर, आगरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की जांच में पड़ोसी ऋषभ मोहन पुत्र राकेश मोहन और तेजस्वी शर्मा पुत्र वीरेश शर्मा निवासी शुभम अपार्टमेंट, हरीपर्वत के नाम सामने आए।
विज्ञापन
उनको दो आरोपियों को अप्रैल 2009 को ही जेल भेज दिया गया था। पीयूष पचौरी को गोविंदनगर पुलिस ने मंगलवार को गोकुल रेस्टोरेंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में पीयूष ने खुद को बेगुनाह बताया। उधर, छाता कोतवाली पुलिस भी आरोपी से पूछताछ करेगी।
विज्ञापन
रेलवे ट्रैक पर फेंक गए थे लाश
गौरव कात्याल ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपी ऋषभ और तेजस्वी को घटना के कुछ दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया था कि शिवानी की दोस्ती पीयूष पचौरी से थी। आरोपी ऋषभ को शिवानी और पीयूष की दोस्ती के बारे में पता चल गया था। इसलिए उसने उनकी दोस्ती तुड़वाने का प्लान बनाया।
इसके लिए 23 फरवरी 2009 को शिवानी को ऋषभ ने मथुरा के छाता स्थित एक कॉलेज के स्पोर्ट्स डे में बुलाया। उससे कहा कि वो पीयूष के बारे में कुछ बताना चाहता है। इस पर शिवानी चली गई। रास्ते में पता पूछने के लिए शिवानी ने उसे तीन पीसीओ से फोन किए। उधर, तीसरे आरोपी तेजस्वी ने पीयूष से कहा कि शिवानी ऋषभ की दोस्त है। उसके साथ मथुरा गई है।
इसका पता चलने पर पीयूष भी पहुंच गया। तीनों एक ढाबे के पीछे गए। शिवानी और पीयूष के बीच झगड़ा हो गया। पीयूष ने उसे धक्का दे दिया। गिरने से शिवानी के चोट लगी। वो बेहोश हो गई। इस पर पीयूष ने सिर में लोहे की रॉड मार दी। इसके बाद उसे रेलवे ट्रैक पर छोड़ आए।
इसके लिए 23 फरवरी 2009 को शिवानी को ऋषभ ने मथुरा के छाता स्थित एक कॉलेज के स्पोर्ट्स डे में बुलाया। उससे कहा कि वो पीयूष के बारे में कुछ बताना चाहता है। इस पर शिवानी चली गई। रास्ते में पता पूछने के लिए शिवानी ने उसे तीन पीसीओ से फोन किए। उधर, तीसरे आरोपी तेजस्वी ने पीयूष से कहा कि शिवानी ऋषभ की दोस्त है। उसके साथ मथुरा गई है।
इसका पता चलने पर पीयूष भी पहुंच गया। तीनों एक ढाबे के पीछे गए। शिवानी और पीयूष के बीच झगड़ा हो गया। पीयूष ने उसे धक्का दे दिया। गिरने से शिवानी के चोट लगी। वो बेहोश हो गई। इस पर पीयूष ने सिर में लोहे की रॉड मार दी। इसके बाद उसे रेलवे ट्रैक पर छोड़ आए।
ट्रेन निकलने पर भी शिवानी के चोट नहीं लगी। बाद में पुलिस ने शव बरामद कर लिया। कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और कॉल डिटेल से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। तेजस्वी घटना में शामिल नहीं था। उसने पीयूष को कॉल किया था।
मुख्यमंत्री से शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
गौरव कात्याल ने बताया कि मुख्य आरोपी के पकड़े नहीं जाने पर वो तीन महीने पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिले थे। उन्होंने आरोपी को पकड़ने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देशित किया था। डीजीपी ने एसएसपी मथुरा से बात की। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। कई जगह दबिश दी गई थी
मुख्यमंत्री से शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
गौरव कात्याल ने बताया कि मुख्य आरोपी के पकड़े नहीं जाने पर वो तीन महीने पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिले थे। उन्होंने आरोपी को पकड़ने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देशित किया था। डीजीपी ने एसएसपी मथुरा से बात की। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। कई जगह दबिश दी गई थी