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बड़े कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती थीं वीना और विमला
बड़े कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती थीं वीना और विमला
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:52 AM IST
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बड़े कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती थीं वीना और विमला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वीना और विमला भले ही तंगहाली मेें जीवन यापन कर रही थीं, लेकिन वे बडे़ परिवार से ताल्लुक रखती थीं। विमला के पिता गोपालदास और नाना रावतपाड़ा के बड़े कारोबारी थे। पति कैलाशचंद्र की भी आढ़त थी। पति की मौत के बाद वह बेटी के साथ इलाहाबाद से आगरा आ गईं। एक परिचित ने इस बारे में पुलिस को बताया।
विमला जिन हालातों में जीवन यापन कर रहीं थीं, उसे देखकर हर कोई दंग रह गया था। लोगों को लग रहा था कि उनका इस दुनिया में कोई नहीं है। मगर, यह गलत है। विमला लोहामंडी के सिरकी मंडी में एक रिटायर्ड अधिकारी के घर पर किराये पर रहीं थीं। उनकी मौत की जानकारी पर रिटायर्ड अधिकारी ने पुलिस को बताया कि विमला का मायका रावतपाड़ा में है। उनके पिता कारोबारी थे। जौहरी बाजार में विमला ने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खाता खोला था। इसमें उनका एक लॉकर भी था। विमला के तीन भाई भी हैं। इनमें एक भाई गाजियाबाद में परिवार सहित रहते हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी डाक्टर हैं। एक भाई झांसी में कारोबारी है। वहीं तीसरे भाई के बारे में पता नहीं है। एक बहन जयपुर हाउस में रहती हैं। बहन से विमला के संबंध नहीं थे।
बताया गया है कि वीना प्रेम विवाह करना चाहती थीं। रकाबगंज स्थित कैंपस में रहने वाले लोगों ने बताया कि वीना को युवक ने धोखा दे दिया था। पिता की मौत के बाद मां की जिम्मेदारी भी उन पर ही आ गई थी। इस कारण उन्होंने शादी नहीं की। उन्होंने एक स्कूल में नौकरी की। वहीं संगीत भी पढ़ाती थीं। वह किसी से बोलती नहीं थीं। यही वजह थी कि अर्जुन नगर में पड़ोसी तक उनके बारे में नहीं जानते थे।
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किराये पर कई मकानों में रहीं
विमला की नौकरी 1957 में लगी थी। 1986 में विमला रकाबगंज स्थित सरकारी आवास में रहने लगी थीं। 1990 में विमला रिटायर्ड हुईं। वे 1993 तक आवास में रहीं। यहां से मकान खाली करने के बाद वह आवास विकास कालोनी में रहने चली गई। सिरकी मंडी में दो साल किराये पर रहीं। इसके बाद अर्जुन नगर में मकान लिया। वहां से खाली करने के बाद वीरेंद्र चाहर के मकान में आकर रहने लगीं।
कहती थीं मां अस्पताल में भर्ती हैं
अर्जुन नगर में वीना से मिलने पांच महीने पहले मकान मालिक वीरेंद्र आए थे। उन्होंने विमला के नहीं दिखने पर उनके बारे में पूछा था। वीना ने कह दिया था कि उनकी मां अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है। मगर, बीमारी नहीं बता सकी थीं। इस पर जब मकान मालिक ने मकान खाली करने को कहा। इस पर बताया कि उनका मकान बन रहा है। जल्द ही वह मकान में शिफ्ट हो जाएंगी।
इलाहाबाद में रहते हैं कई रिश्तेदार
विमला की ससुराल इलाहाबाद में थी। उनके कई रिश्तेदार वहीं भी रहते हैं। जब अन्य रिश्तेदारों से विमला के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ज्यादा कुछ जानकारी होने से इंकार कर दिया।
पुलिस ने किया तंत्र-मंत्र से इंकार
पुलिस ने तंत्र-मंत्र से इंकार किया है। वीना मानसिक रूप से कमजोर थी। यही वजह थी कि वह मां की मौत के बाद लाश के साथ ही रहती रही। उसने किसी को बताया भी नहीं। तंत्र-मंत्र क्रिया के लिए लाया गया किसी तरह का सामान भी नहीं मिला है।
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विमला जिन हालातों में जीवन यापन कर रहीं थीं, उसे देखकर हर कोई दंग रह गया था। लोगों को लग रहा था कि उनका इस दुनिया में कोई नहीं है। मगर, यह गलत है। विमला लोहामंडी के सिरकी मंडी में एक रिटायर्ड अधिकारी के घर पर किराये पर रहीं थीं। उनकी मौत की जानकारी पर रिटायर्ड अधिकारी ने पुलिस को बताया कि विमला का मायका रावतपाड़ा में है। उनके पिता कारोबारी थे। जौहरी बाजार में विमला ने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खाता खोला था। इसमें उनका एक लॉकर भी था। विमला के तीन भाई भी हैं। इनमें एक भाई गाजियाबाद में परिवार सहित रहते हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी डाक्टर हैं। एक भाई झांसी में कारोबारी है। वहीं तीसरे भाई के बारे में पता नहीं है। एक बहन जयपुर हाउस में रहती हैं। बहन से विमला के संबंध नहीं थे।
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बताया गया है कि वीना प्रेम विवाह करना चाहती थीं। रकाबगंज स्थित कैंपस में रहने वाले लोगों ने बताया कि वीना को युवक ने धोखा दे दिया था। पिता की मौत के बाद मां की जिम्मेदारी भी उन पर ही आ गई थी। इस कारण उन्होंने शादी नहीं की। उन्होंने एक स्कूल में नौकरी की। वहीं संगीत भी पढ़ाती थीं। वह किसी से बोलती नहीं थीं। यही वजह थी कि अर्जुन नगर में पड़ोसी तक उनके बारे में नहीं जानते थे।
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किराये पर कई मकानों में रहीं
विमला की नौकरी 1957 में लगी थी। 1986 में विमला रकाबगंज स्थित सरकारी आवास में रहने लगी थीं। 1990 में विमला रिटायर्ड हुईं। वे 1993 तक आवास में रहीं। यहां से मकान खाली करने के बाद वह आवास विकास कालोनी में रहने चली गई। सिरकी मंडी में दो साल किराये पर रहीं। इसके बाद अर्जुन नगर में मकान लिया। वहां से खाली करने के बाद वीरेंद्र चाहर के मकान में आकर रहने लगीं।
कहती थीं मां अस्पताल में भर्ती हैं
अर्जुन नगर में वीना से मिलने पांच महीने पहले मकान मालिक वीरेंद्र आए थे। उन्होंने विमला के नहीं दिखने पर उनके बारे में पूछा था। वीना ने कह दिया था कि उनकी मां अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है। मगर, बीमारी नहीं बता सकी थीं। इस पर जब मकान मालिक ने मकान खाली करने को कहा। इस पर बताया कि उनका मकान बन रहा है। जल्द ही वह मकान में शिफ्ट हो जाएंगी।
इलाहाबाद में रहते हैं कई रिश्तेदार
विमला की ससुराल इलाहाबाद में थी। उनके कई रिश्तेदार वहीं भी रहते हैं। जब अन्य रिश्तेदारों से विमला के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ज्यादा कुछ जानकारी होने से इंकार कर दिया।
पुलिस ने किया तंत्र-मंत्र से इंकार
पुलिस ने तंत्र-मंत्र से इंकार किया है। वीना मानसिक रूप से कमजोर थी। यही वजह थी कि वह मां की मौत के बाद लाश के साथ ही रहती रही। उसने किसी को बताया भी नहीं। तंत्र-मंत्र क्रिया के लिए लाया गया किसी तरह का सामान भी नहीं मिला है।