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लड़कियों की मीठी आवाज में फंसाता है गैंग, छह राज्यों की पुलिस तलाश में जुटी, जानिए क्या है हेलो गैंग
Mon, 14 Dec 2020 08:14 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 14 Dec 2020 08:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बाह और पिनाहट के बीहड़ के गांवों में चल रहे हेलो गैंग के 50 सदस्यों की तलाश में छह राज्यों की पुलिस है। ये साइबर अपराधी इन राज्यों के 5000 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। इसके लिए नौकरी दिलाने और युवतियों से दोस्ती कराने का झांसा देते हैं। राज्यों की पुलिस ने आगरा पुलिस से संपर्क किया है। आगरा पुलिस पहले से इनकी तलाश में है, लेकिन ये हाथ नहीं आए हैं। आगरा जोन में मथुरा के टटलू गिरोह के बाद यह सबसे बड़ा गिरोह बन गया है। दोनों का काम करने का तरीका लगभग एक जैसा है।
आगरा पुलिस को राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र और गुजरात से हेलो गैंग की शिकायतें मिली हैं। सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र् और गुजरात से आए हैं। पंजाब में पिछले महीने ही गिरोह ने खिलाड़ियों के साथ ठगी की थी। तब तीन अपराधी पकड़े गए थे। राजस्थान और मध्य प्रदेश में दो महीने पहले नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी। इन राज्यों की पुलिस खुद भी दबिश दे रही है और आगरा पुलिस से सहयोग मांग रही हैं। इस गिरोह के अपराधियों ने पिछले तीन साल में ही 5000 लोगों को ठगा है।
टटलुओं के बाद सबसे बड़ा गिरोह
आगरा जोन में मथुरा के टटलुओं के बाद हेलो गैंग दूसरा सबसे बड़ा गिरोह बन गया है। गिरोह में लगभग 100 अपराधी हैं। टटलू और हेलो गैंग का अपराध का तरीका लगभग एक जैसा है। दोनों फोन पर झांसा देते हैं और खाते में रकम डलवाकर निकाल लेते हैं।
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आगरा पुलिस को राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र और गुजरात से हेलो गैंग की शिकायतें मिली हैं। सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र् और गुजरात से आए हैं। पंजाब में पिछले महीने ही गिरोह ने खिलाड़ियों के साथ ठगी की थी। तब तीन अपराधी पकड़े गए थे। राजस्थान और मध्य प्रदेश में दो महीने पहले नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी। इन राज्यों की पुलिस खुद भी दबिश दे रही है और आगरा पुलिस से सहयोग मांग रही हैं। इस गिरोह के अपराधियों ने पिछले तीन साल में ही 5000 लोगों को ठगा है।
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टटलुओं के बाद सबसे बड़ा गिरोह
आगरा जोन में मथुरा के टटलुओं के बाद हेलो गैंग दूसरा सबसे बड़ा गिरोह बन गया है। गिरोह में लगभग 100 अपराधी हैं। टटलू और हेलो गैंग का अपराध का तरीका लगभग एक जैसा है। दोनों फोन पर झांसा देते हैं और खाते में रकम डलवाकर निकाल लेते हैं।
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लड़के ही लड़कियां बनकर करते हैं बात
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि हेलो गैंग के सदस्य युवतियों से दोस्ती कराने के नाम पर ठगी करते हैं। इसके लिए फ्रेंडशिप क्लब मेंबरशिप का झांसा देकर रकम खाते में जमा कराई जाती है। युवकों को झांसे में लेने के लिए गैंग के पुरुष सदस्य ही एप के माध्यम से महिला बनकर बात करते हैं। गिरफ्तार हो चुके सदस्यों से पूछताछ में यह जानकारी मिली।
कॉल सेंटर में काम करते थे, चलाने लगे गिरोह
एसएसपी ने बताया कि गिरोह के जेल जा चुके सदस्यों से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि बीहड़ के गांवों के कुछ नौजवान पांच साल पहले गुरुग्राम और दिल्ली में कॉल सेंटर में काम करते थे। इन्होंने डाटा इकट्ठा किया और घर आकर हेलो गैंग चलाने लगे। बाद में और लोग भी यही अपराध करने लगे। फोन पर ठगी करते हैं, इसलिए गिरोह का नाम हेलो गैंग पड़ गया।
बन रही है कुंडली, गैंगस्टर लगेगा :एसएसपी
पिछले एक साल में हेलो गैंग के 45 सदस्य जेल भेजे गए हैं। हर सदस्य का डोजियर (कुंडली) तैयार किया जा रहा है। इनकी मदद करने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है। गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही गिरोह को सूचीबद्ध भी किया जाएगा। महाराष्ट्र और गुजरात सहित अन्य जगह जो ठगी इस गिरोह ने की हैं, उन पर भी काम चल रहा है। कई और अपराधी जल्द पकड़ में आएंगे। - बबलू कुमार, एसएसी
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि हेलो गैंग के सदस्य युवतियों से दोस्ती कराने के नाम पर ठगी करते हैं। इसके लिए फ्रेंडशिप क्लब मेंबरशिप का झांसा देकर रकम खाते में जमा कराई जाती है। युवकों को झांसे में लेने के लिए गैंग के पुरुष सदस्य ही एप के माध्यम से महिला बनकर बात करते हैं। गिरफ्तार हो चुके सदस्यों से पूछताछ में यह जानकारी मिली।
कॉल सेंटर में काम करते थे, चलाने लगे गिरोह
एसएसपी ने बताया कि गिरोह के जेल जा चुके सदस्यों से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि बीहड़ के गांवों के कुछ नौजवान पांच साल पहले गुरुग्राम और दिल्ली में कॉल सेंटर में काम करते थे। इन्होंने डाटा इकट्ठा किया और घर आकर हेलो गैंग चलाने लगे। बाद में और लोग भी यही अपराध करने लगे। फोन पर ठगी करते हैं, इसलिए गिरोह का नाम हेलो गैंग पड़ गया।
बन रही है कुंडली, गैंगस्टर लगेगा :एसएसपी
पिछले एक साल में हेलो गैंग के 45 सदस्य जेल भेजे गए हैं। हर सदस्य का डोजियर (कुंडली) तैयार किया जा रहा है। इनकी मदद करने वाले लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है। गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही गिरोह को सूचीबद्ध भी किया जाएगा। महाराष्ट्र और गुजरात सहित अन्य जगह जो ठगी इस गिरोह ने की हैं, उन पर भी काम चल रहा है। कई और अपराधी जल्द पकड़ में आएंगे। - बबलू कुमार, एसएसी
ऐसे बिछाते हैं जाल
-सोशल मीडिया पर नौकरी दिलाने के मैसेज देते हैं। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर दे देते हैं। इन मोबाइल के सिम फर्जी आईडी पर लिए जाते हैं।
-जो झांसे में आकर कॉल कर दे, उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1500 से 3000 रुपये जमा करा लेते हैं। पैसा आते ही खाते से निकाल लेते हैं।
- जो युवक युवतियों से दोस्ती के नाम पर ठगी का शिकार होते हैं, वे शर्म के कारण शिकायत ही नहीं करते हैं।
नौकरी के नाम पर ठगे जाने पर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन इनकी संख्या भी कम है। क्योंकि ,एक व्यक्ति से ज्यादा रकम नहीं ठगी जाती।
(एसएसपी का कहना है कि ठगी से बचने का एक ही तरीका है कि लोग इस तरह के कॉल के झांसे में ही न आएं)
-सोशल मीडिया पर नौकरी दिलाने के मैसेज देते हैं। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर दे देते हैं। इन मोबाइल के सिम फर्जी आईडी पर लिए जाते हैं।
-जो झांसे में आकर कॉल कर दे, उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1500 से 3000 रुपये जमा करा लेते हैं। पैसा आते ही खाते से निकाल लेते हैं।
- जो युवक युवतियों से दोस्ती के नाम पर ठगी का शिकार होते हैं, वे शर्म के कारण शिकायत ही नहीं करते हैं।
नौकरी के नाम पर ठगे जाने पर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन इनकी संख्या भी कम है। क्योंकि ,एक व्यक्ति से ज्यादा रकम नहीं ठगी जाती।
(एसएसपी का कहना है कि ठगी से बचने का एक ही तरीका है कि लोग इस तरह के कॉल के झांसे में ही न आएं)