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पति-पत्नी में भरी कचहरी चले लात-घूंसे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2016 10:57 PM IST
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बचाव में आए सिपाही को थप्पड़ लगा , हंगामा मचा
- फोटो : अमर उजाला
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दीवानी कचहरी परिसर में मंगलवार दोपहर तलाक के मामले में तारीख पर आए पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो गया। दोनों ओर से पहले थप्पड़ चले। इसके बाद लात और घूंसे। लड़ते-झगड़ते दोनों जमीन पर गिर पड़े। इसी बीच साथ आए उनके परिवारीजनों में मारपीट होने लगी। एक सिपाही ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उसे भी थप्पड़ लग गया। बाद में आए लोगों ने किसी तरह उन्हें रोका।
महिला सदर की रहने वाली रविता है। उसकी शादी करीब एक साल पहले भरतपुर के राजेश से हुई थी। दोनों में विवाद रहता था। रविता ने राजेश समेत ससुरालीजनों पर दहेज मांगने का आरोप लगाया। इसके बाद कोर्ट में तलाक के लिए केस कर दिया। इसी मामले में मंगलवार को तारीख थी।
दोनों कोर्ट में आए तभी एक दूसरे पर नजर पड़ गईं। उनके साथ परिवारीजन भी थे। पहले कहासुनी हुई और फिर मारपीट होने लगी। इसी बीच एक सिपाही वहां पहुंचा। उसने राजेश को पकड़कर रविता से दूर ले जाने की कोशिश की। उसे थप्पड़ लग गया। दोनों रोके नहीं रुक रहे थे। पहले राजेश नीचे गिरा और फिर रविता। उसके हाथ में चोट भी लग गई। खून निकल आया। रविता ने कहा कि उस पर राजेश ने हमला किया। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उधर राजेश का कहना था कि झगड़ा रविता की ओर से शुरू किया गया।
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फिर खुली सुरक्षा की पोल
आगरा। कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर बताते हुए अधिवक्ताओं ने दस दिन न्यायिक कार्य नहीं किया। इसके बावजूद पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया गया। इतने हंगामे के बावजूद सिर्फ एक सिपाही पहुंचा। बता दें, 15 दिन पहले कचहरी में अधिवक्ता ओमवीर सिंह चाहर पर जानलेवा हमला हुआ था।
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महिला सदर की रहने वाली रविता है। उसकी शादी करीब एक साल पहले भरतपुर के राजेश से हुई थी। दोनों में विवाद रहता था। रविता ने राजेश समेत ससुरालीजनों पर दहेज मांगने का आरोप लगाया। इसके बाद कोर्ट में तलाक के लिए केस कर दिया। इसी मामले में मंगलवार को तारीख थी।
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दोनों कोर्ट में आए तभी एक दूसरे पर नजर पड़ गईं। उनके साथ परिवारीजन भी थे। पहले कहासुनी हुई और फिर मारपीट होने लगी। इसी बीच एक सिपाही वहां पहुंचा। उसने राजेश को पकड़कर रविता से दूर ले जाने की कोशिश की। उसे थप्पड़ लग गया। दोनों रोके नहीं रुक रहे थे। पहले राजेश नीचे गिरा और फिर रविता। उसके हाथ में चोट भी लग गई। खून निकल आया। रविता ने कहा कि उस पर राजेश ने हमला किया। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उधर राजेश का कहना था कि झगड़ा रविता की ओर से शुरू किया गया।
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फिर खुली सुरक्षा की पोल
आगरा। कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर बताते हुए अधिवक्ताओं ने दस दिन न्यायिक कार्य नहीं किया। इसके बावजूद पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया गया। इतने हंगामे के बावजूद सिर्फ एक सिपाही पहुंचा। बता दें, 15 दिन पहले कचहरी में अधिवक्ता ओमवीर सिंह चाहर पर जानलेवा हमला हुआ था।