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इनामी निकले खंदौली में पकड़े गए बदमाश
इनामी निकले खंदौली में पकड़े गए बदमाश
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:38 AM IST
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इनामी निकले खंदौली में पकड़े गए बदमाश
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खंदौली के बाजार से गिरफ्तार किए गए बदमाश पांच-पांच हजार के इनामी निकले हैं। इन पर खंदौली में फीरोजाबाद के पशु व्यापारी छिंगा से 16 अगस्त को हुई 10 लाख लूट में यह ईनाम घोषित किया गया था। तभी से इनकी तलाश चल रही थी। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अलीगढ़ और फीरोजाबाद में कई वारदात कर चुका है।
पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में इनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पांचाें फीरोजाबाद के हैं। लाइनपार के नगला विष्णु राम नगर के योगेश यादव, राजकुमार उर्फ राजू, नीटू, आशीष यादव और मटसौना के नगला हलपुरा का सुखवीर यादव। एक अलीगढ़ बन्ना देवी के जमीराबाद का कबीर राम है।
इनसे 315 बोर के चार तमंचे, चार कारतूस, एक देसी पिस्टल, 12,500 रुपये और एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि योगेश यादव पर फीरोजाबाद, एत्मादपुर, खंदौली में केस दर्ज हैं। सुखवीर पर फीरोजाबाद और आगरा में चार केस दर्ज है। आशीष और राजकुमार पर दो-दो केस हैं। इस गिरोह के दो बदमाश जेल में बंद हैं। बता दें, पुलिस ने इन्हें सोमवार देर शाम भरे बाजार में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया था। इस दौरान कई गोलियां चली थीं। इससे बाजार में भगदड़ मच गई थी। यह कार्रवाई खंदौली थाना और क्राइम ब्रांच की पुलिस ने की थी।
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‘उसे दो करोड़ की ब्लैकमनी बदलवानी थी’
आगरा। खंदौली में गिरफ्तार छह बदमाशों में से एक ने पुलिस को बड़ी ही चौंकाने वाली जानकारी दी। उसने बताया कि आगरा के एक कारोबारी को 30 फीसदी कमीशन पर हाथरस के सासनी में दो करोड़ की ब्लैकमनी नए नोट से बदलवानी थी। पूरी रकम 1000-500 के बंद किए जा चुके नोटों में थी, जो सासनी ले जाई जानी थी। इसके लिए व्यापारी ने आगरा के एत्माद्दौला के पवन नाम के शख्स से संपर्क किया था। पवन ने कैश की सुरक्षा के लिए बदमाश बुलाए थे।
हालांकि पुलिस ने इस पर जरा भी यकीन नहीं किया है। इसकी कोई लिखा-पढ़ी भी नहीं की गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाश ने पकड़े जाने के तुरंत बाद यह बात बताई थी। उसने कहा था कि पवन ने सुखवीर से कैश की सुरक्षा का जिम्मा दिया था। बदले में बदमाशों को 20-20 हजार रुपये दिए जाने थे।
वह व्यापारी और पवन बदमाशों की स्कारपियो के पीछे आई-टेन कार में चल रहे थे। बदमाशों के पकडे़ जाते ही भाग गए। पुलिस को इस पर इसलिए यकीन नहीं हुआ क्योंकि कैश की सुरक्षा के लिए भला कोई सुरक्षा का जिम्मा बदमाशों को कैसे दे सकता है। वो भी ऐसे गिरोह को जो कैश लूट के लिए बदनाम हो।
एसपी पश्चिमी मंशाराम गौतम का कहना है कि पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली। एसओ खंदौली थाना का कहना है कि यह गले उतरने वाली बात ही नहीं है। न ही बदमाशों ने ऐसा कुछ बताया।
पुलिस यूनिफार्म में था गैंग का सरगना
आगरा। पुलिस ने बताया कि एक बदमाश भाग निकला। गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वह पवन था। वह भी दस लाख की लूट में वांटेड है। गिरोह यमुना एक्सप्रेस वे पर किसी व्यापारी से 70 लाख की लूट करने जा रहा था। पवन को उसकी पहचान करानी थी। सुखवीर ने पुलिस यूनिफार्म पहन रखी थी। वही आगे बैठा था ताकि चेकिंग में पुलिस उसे पकड़े नहीं।
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पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में इनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पांचाें फीरोजाबाद के हैं। लाइनपार के नगला विष्णु राम नगर के योगेश यादव, राजकुमार उर्फ राजू, नीटू, आशीष यादव और मटसौना के नगला हलपुरा का सुखवीर यादव। एक अलीगढ़ बन्ना देवी के जमीराबाद का कबीर राम है।
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इनसे 315 बोर के चार तमंचे, चार कारतूस, एक देसी पिस्टल, 12,500 रुपये और एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि योगेश यादव पर फीरोजाबाद, एत्मादपुर, खंदौली में केस दर्ज हैं। सुखवीर पर फीरोजाबाद और आगरा में चार केस दर्ज है। आशीष और राजकुमार पर दो-दो केस हैं। इस गिरोह के दो बदमाश जेल में बंद हैं। बता दें, पुलिस ने इन्हें सोमवार देर शाम भरे बाजार में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया था। इस दौरान कई गोलियां चली थीं। इससे बाजार में भगदड़ मच गई थी। यह कार्रवाई खंदौली थाना और क्राइम ब्रांच की पुलिस ने की थी।
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‘उसे दो करोड़ की ब्लैकमनी बदलवानी थी’
आगरा। खंदौली में गिरफ्तार छह बदमाशों में से एक ने पुलिस को बड़ी ही चौंकाने वाली जानकारी दी। उसने बताया कि आगरा के एक कारोबारी को 30 फीसदी कमीशन पर हाथरस के सासनी में दो करोड़ की ब्लैकमनी नए नोट से बदलवानी थी। पूरी रकम 1000-500 के बंद किए जा चुके नोटों में थी, जो सासनी ले जाई जानी थी। इसके लिए व्यापारी ने आगरा के एत्माद्दौला के पवन नाम के शख्स से संपर्क किया था। पवन ने कैश की सुरक्षा के लिए बदमाश बुलाए थे।
हालांकि पुलिस ने इस पर जरा भी यकीन नहीं किया है। इसकी कोई लिखा-पढ़ी भी नहीं की गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाश ने पकड़े जाने के तुरंत बाद यह बात बताई थी। उसने कहा था कि पवन ने सुखवीर से कैश की सुरक्षा का जिम्मा दिया था। बदले में बदमाशों को 20-20 हजार रुपये दिए जाने थे।
वह व्यापारी और पवन बदमाशों की स्कारपियो के पीछे आई-टेन कार में चल रहे थे। बदमाशों के पकडे़ जाते ही भाग गए। पुलिस को इस पर इसलिए यकीन नहीं हुआ क्योंकि कैश की सुरक्षा के लिए भला कोई सुरक्षा का जिम्मा बदमाशों को कैसे दे सकता है। वो भी ऐसे गिरोह को जो कैश लूट के लिए बदनाम हो।
एसपी पश्चिमी मंशाराम गौतम का कहना है कि पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली। एसओ खंदौली थाना का कहना है कि यह गले उतरने वाली बात ही नहीं है। न ही बदमाशों ने ऐसा कुछ बताया।
पुलिस यूनिफार्म में था गैंग का सरगना
आगरा। पुलिस ने बताया कि एक बदमाश भाग निकला। गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वह पवन था। वह भी दस लाख की लूट में वांटेड है। गिरोह यमुना एक्सप्रेस वे पर किसी व्यापारी से 70 लाख की लूट करने जा रहा था। पवन को उसकी पहचान करानी थी। सुखवीर ने पुलिस यूनिफार्म पहन रखी थी। वही आगे बैठा था ताकि चेकिंग में पुलिस उसे पकड़े नहीं।