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ककुआ कांड में बिल्डर का बेटा निकला मुख्य आरोपी
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 23 Jul 2015 02:03 AM IST
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ककुआ स्थित ओम गार्डन कॉलोनी में चौकीदार की पत्नी के साथ दुराचार और हत्या बिल्डर विक्रम सिंह के छोटे बेटे श्यामवीर ने की थी। उसके साथ आठ अन्य लोगों पर साक्ष्य मिटाने के लिए शव का गुपचुप तरीके से दाह संस्कार किए जाने का आरोप है। इनमें से पुलिस ने पुलिस ने श्यामवीर समेत पांच आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें चार अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
चौकीदार ने बयान के आधार पर बिल्डर के भतीजे रिंकू समेत नौ आरोपी बनाए गए हैं। एसओ कागारौल ने बताया कि न्यू ओम गार्डन के चौकीदार ने बयान में बताया है कि उसकी पत्नी के साथ दुराचार की आशंका है। इसी के विरोध पर उसकी हत्या की गई। दुराचार का आरोप बिल्डर विक्रम सिंह के छोटे बेटे श्यामवीर पर लगाया है। पुलिस ने बताया कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। इसके बाद विक्रम, उसके बेटों पप्पू, हरिओम व श्यामवीर, भाई राजेंद्र, भतीजे रिंकू, गांव के प्रधान पति सुखपाल, मनीश और रमेश ने जबरन अंतिम संस्कार करवाया।
वे लोग ही ट्रैक्टर में लकड़ियां और कंडे लेकर आए थे। शव फूंकने के बाद आरोपी उसे और बेटी को बाइक से आगरा कैंट स्टेशन लेकर आए। चौकीदार ने बताया कि दो बाइकों पर चार अन्य लोग भी साथ चल रहे थे, ताकि वह शोर नहीं मचा सके। इसके बाद उसे जबर्दस्ती ट्रेन में बैठा दिया। उसकी बेटी के हाथ में आरोपियों ने पांच सौ रुपये का नोट भी थमा दिया। पुलिस ने बताया कि श्यामवीर के खिलाफ दुराचार, हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराएं लगाई गई हैं, जबकि विक्रम, सुखपाल, मनीष, राजेंद्र को साक्ष्य मिटाने और ष़ड्यंत्र में जेल भेजा गया है।
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भाजपा नेताओं ने गांव का दौरा किया
आगरा। भाजपा नेताओं की टीम ने बुधवार को ककुआ में घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने घटनास्थल से चौकी ककुआ की दूरी मात्र दो मीटर होने पर पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस दौरान विधायक योगेंद्र उपाध्याय, जगन प्रसाद गर्ग, अलीगढ़ की महापौर शकुंतला भारती, पूर्व मेयर बेबीरानी मौर्य, कुंदनिका शर्मा, हेमंत शर्मा आदि मौजूद थे।
चौकीदार हाकिम सिंह की हत्या की फाइल फिर खुली
आगरा। ओम गार्डन कालोनी में एक साल पहले इसी कोठरी में रहने वाले चौकीदार हाकिम सिंह की हत्या करके शव को हाईवे पर फेंका गया था। चौकीदार के बेटे ने बिल्डर विक्रम सिंह के बेटे हरिओम समेत चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
मामला 26 जुलाई 2014 का है। मलपुरा के गांव भाहई के रहने वाले हाकिम सिंह (50) ओम गार्डन कालोनी में चौकीदार थे। वह उसी कोठरी में रहते थे, जिसमें सतना के चौकीदार की पत्नी की दुराचार के बाद हत्या की गई थी। हाकिम सिंह की सिर में भारी वस्तु से प्रहार करके हत्या कर दी गई थी। 26 जुलाई को उनका शव कालोनी के नजदीक हाईवे पर पड़ा मिला था। इस मामले में मृतक हाकिम के बेटे मीनू ने बिल्डर विक्रम सिंह के पुत्र हरिओम और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या और एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कराया था। गुस्साए ग्रामीणों ने जाम लगाकर बवाल भी काटा था। आरोपियों के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की। मामले की जांच तत्कालीन सीओ अखिलेश भदौरिया ने की थी। इस मामले में विवेचक ने 20 फरवरी 2015 को कोर्ट में एफआर लगा दी। मृतक के बेटे का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ के चलते हत्या पर परदा दिया गया। एक चौकीदार की हत्या में साफ बच निकलने के बाद अब ये दबंग दूसरी हत्या में फंस गए हैं। वहीं इस मामले में एसएसपी राजेश डी मोड़क का कहना है कि हत्याकांड की पुनर्विवेचना की जाएगी।
ककुआ कांड की जांच को आएगी आयोग की टीम
आगरा। ककुआ कांड की जांच दिल्ली तक पहुंच गई है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को मामले की जांच करने के राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की टीम आगरा आ रही है। टीम में आयोग के सलाहकार एमके बालू और अनुसंधान सहायक एपी गौतम के आने की संभावना है। दोनों लोग ककुआ पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे। पीड़ित परिवार से वार्ता के साथ पुलिस और आसपास के लोगों से पूछताछ कर सकते हैं।
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चौकीदार ने बयान के आधार पर बिल्डर के भतीजे रिंकू समेत नौ आरोपी बनाए गए हैं। एसओ कागारौल ने बताया कि न्यू ओम गार्डन के चौकीदार ने बयान में बताया है कि उसकी पत्नी के साथ दुराचार की आशंका है। इसी के विरोध पर उसकी हत्या की गई। दुराचार का आरोप बिल्डर विक्रम सिंह के छोटे बेटे श्यामवीर पर लगाया है। पुलिस ने बताया कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। इसके बाद विक्रम, उसके बेटों पप्पू, हरिओम व श्यामवीर, भाई राजेंद्र, भतीजे रिंकू, गांव के प्रधान पति सुखपाल, मनीश और रमेश ने जबरन अंतिम संस्कार करवाया।
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वे लोग ही ट्रैक्टर में लकड़ियां और कंडे लेकर आए थे। शव फूंकने के बाद आरोपी उसे और बेटी को बाइक से आगरा कैंट स्टेशन लेकर आए। चौकीदार ने बताया कि दो बाइकों पर चार अन्य लोग भी साथ चल रहे थे, ताकि वह शोर नहीं मचा सके। इसके बाद उसे जबर्दस्ती ट्रेन में बैठा दिया। उसकी बेटी के हाथ में आरोपियों ने पांच सौ रुपये का नोट भी थमा दिया। पुलिस ने बताया कि श्यामवीर के खिलाफ दुराचार, हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराएं लगाई गई हैं, जबकि विक्रम, सुखपाल, मनीष, राजेंद्र को साक्ष्य मिटाने और ष़ड्यंत्र में जेल भेजा गया है।
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भाजपा नेताओं ने गांव का दौरा किया
आगरा। भाजपा नेताओं की टीम ने बुधवार को ककुआ में घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने घटनास्थल से चौकी ककुआ की दूरी मात्र दो मीटर होने पर पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस दौरान विधायक योगेंद्र उपाध्याय, जगन प्रसाद गर्ग, अलीगढ़ की महापौर शकुंतला भारती, पूर्व मेयर बेबीरानी मौर्य, कुंदनिका शर्मा, हेमंत शर्मा आदि मौजूद थे।
चौकीदार हाकिम सिंह की हत्या की फाइल फिर खुली
आगरा। ओम गार्डन कालोनी में एक साल पहले इसी कोठरी में रहने वाले चौकीदार हाकिम सिंह की हत्या करके शव को हाईवे पर फेंका गया था। चौकीदार के बेटे ने बिल्डर विक्रम सिंह के बेटे हरिओम समेत चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
मामला 26 जुलाई 2014 का है। मलपुरा के गांव भाहई के रहने वाले हाकिम सिंह (50) ओम गार्डन कालोनी में चौकीदार थे। वह उसी कोठरी में रहते थे, जिसमें सतना के चौकीदार की पत्नी की दुराचार के बाद हत्या की गई थी। हाकिम सिंह की सिर में भारी वस्तु से प्रहार करके हत्या कर दी गई थी। 26 जुलाई को उनका शव कालोनी के नजदीक हाईवे पर पड़ा मिला था। इस मामले में मृतक हाकिम के बेटे मीनू ने बिल्डर विक्रम सिंह के पुत्र हरिओम और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या और एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कराया था। गुस्साए ग्रामीणों ने जाम लगाकर बवाल भी काटा था। आरोपियों के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की। मामले की जांच तत्कालीन सीओ अखिलेश भदौरिया ने की थी। इस मामले में विवेचक ने 20 फरवरी 2015 को कोर्ट में एफआर लगा दी। मृतक के बेटे का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ के चलते हत्या पर परदा दिया गया। एक चौकीदार की हत्या में साफ बच निकलने के बाद अब ये दबंग दूसरी हत्या में फंस गए हैं। वहीं इस मामले में एसएसपी राजेश डी मोड़क का कहना है कि हत्याकांड की पुनर्विवेचना की जाएगी।
ककुआ कांड की जांच को आएगी आयोग की टीम
आगरा। ककुआ कांड की जांच दिल्ली तक पहुंच गई है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को मामले की जांच करने के राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की टीम आगरा आ रही है। टीम में आयोग के सलाहकार एमके बालू और अनुसंधान सहायक एपी गौतम के आने की संभावना है। दोनों लोग ककुआ पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे। पीड़ित परिवार से वार्ता के साथ पुलिस और आसपास के लोगों से पूछताछ कर सकते हैं।