{"_id":"3773b32c724a6f9c750a2b39a457a336","slug":"ipad-neha-was-sold-by-uday-swaroop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उदय स्वरूप ने ही बेचा था नेहा का आईपैड ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उदय स्वरूप ने ही बेचा था नेहा का आईपैड
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) की नैनो बायो टेक्नोलॉजी लैब में शोध छात्रा दिल्ली निवासी नेहा शर्मा की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट में सिर्फ एक ही आरोपी बनाया गया है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि नेहा की लाश के पास से उसका आईपैड चोरी कर इसे बेचने और खरीदने वाले को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? क्या जांच अभी जारी है? और क्या सीबीआई सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल करेगी? जांच एजेंसी का कहना है कि तफ्तीश पूरी हो चुकी है।
केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 480 पन्नों की चार्जशीट में आईपैड का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि इसे उदय स्वरूप ने ही झूठ बोलकर बेचा था। खरीदार को मालूम नहीं था कि यह आईपैड चोरी का है। इसके चलते किसी और को आरोपी नहीं बनाया गया है। उधर, जांच एजेंसी ने 36 गवाह बनाए हैं। इनमें चश्मदीद भी शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि एक चश्मदीद के बयान से लैब असिस्टेंट यशवीर सिंह संधू का नाम चार्जशीट से निकल गया। जबकि पुलिस ने उदय स्वरूप के साथ उसे भी आरोपी बनाया था। लेकिन सीबीआई को चश्मदीद ने बयान दिया कि उसने सिर्फ उदय स्वरूप को ही मौका ए वारदात से भागते हुए देखा था। इसके अलावा मौके से सिर्फ उदय स्वरूप के बाल मिले थे, संधू के नहीं। जांच एजेसी के अधिकारियों ने बताया कि तफ्तीश पूरी हो जाने के बाद ही चार्जशीट दाखिल की गई है। सप्लिमेंट्री चार्जशीट का कोई सवाल ही नहीं है। उधर, इस मामले में सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 480 पन्नों की चार्जशीट में आईपैड का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि इसे उदय स्वरूप ने ही झूठ बोलकर बेचा था। खरीदार को मालूम नहीं था कि यह आईपैड चोरी का है। इसके चलते किसी और को आरोपी नहीं बनाया गया है। उधर, जांच एजेंसी ने 36 गवाह बनाए हैं। इनमें चश्मदीद भी शामिल हैं।
विज्ञापन
सूत्रों ने बताया कि एक चश्मदीद के बयान से लैब असिस्टेंट यशवीर सिंह संधू का नाम चार्जशीट से निकल गया। जबकि पुलिस ने उदय स्वरूप के साथ उसे भी आरोपी बनाया था। लेकिन सीबीआई को चश्मदीद ने बयान दिया कि उसने सिर्फ उदय स्वरूप को ही मौका ए वारदात से भागते हुए देखा था। इसके अलावा मौके से सिर्फ उदय स्वरूप के बाल मिले थे, संधू के नहीं। जांच एजेसी के अधिकारियों ने बताया कि तफ्तीश पूरी हो जाने के बाद ही चार्जशीट दाखिल की गई है। सप्लिमेंट्री चार्जशीट का कोई सवाल ही नहीं है। उधर, इस मामले में सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख लगी है।
विज्ञापन