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इजाज के मददगारों के मोबाइल बंद
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 07 Dec 2015 02:14 AM IST
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मेरठ में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद इजाज के मोबाइल फोन में मिले नंबर खुफिया एजेंसियों ने सर्विलांस पर ले लिए हैं। इनमें आगरा के पांच नंबर बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इजाज लंबे समय इनके संपर्क में रहा है। लेकिन उसके पकड़े जाते ही इनके फोन बंद हो गए हैं। अब इनकी आईडी निकलवाई जा रही है। इसके बाद इन लोगों से पूछताछ की जा सकती है। इजाज दो बार आगरा में रात को रुका था। माना जा रहा है कि उसे ठहराने वाले भी यही लोग थे।
इजाज के मिशन वेस्ट यूपी में पहले नंबर पर आगरा ही था। ताजनगरी के उसे तीन टारगेट मिले थे। पहला यमुना एक्सप्रेस वे, दूसरा ताजमहल और तीसरा एयरबेस। उसने तीनों जगह जासूसी की।
इसके लिए उसने कई लोगों से दोस्ती भी की। इनसे पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि ये लोग अनजाने में उसका साथ दे रहे थे या फिर उसकी हकीकत जानकर भी देश से गद्दारी की। खुफिया सूत्रों ने बताया कि कई बार पूछे जाने पर भी उसने उन लोगों के नाम नहीं बताए हैं। उनके फोन सर्विलांस पर लगाए गए तो पता चला कि स्विच ऑफ हैं।
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कॉल डिटेल रिकार्ड का अभी अध्ययन किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों नंबर हैं। पड़ताल में वक्त लगेगा। उसने आगरा के लोगों के जो नंबर बताए हैं, उनकी आईडी निकलवाई जा रही है। इनसे कुछ सुराग मिलने की उम्मीद है। अगर आईडी फर्जी हुई तो खुफिया एजेंसियों को सभी नंबरों की काल डिटेल निकलवाकर अध्ययन करना होगा। इनके मोबाइल फोन बंद हो जाने से इन पर शक बढ़ रहा है।
दो बार आया ताजमहल
आगरा। खुफिया पुलिस ने बताया कि इजाज दो बार ताजमहल पहुंचा। पहली बार उसने मालूम किया कि यहां कितनी भीड़ रहती है? वह बुधवार का दिन था। उसे पता चला कि वीकेंड पर ज्यादा पर्यटक आते हैं। इसकेबाद शनिवार को आया। उसने आईएसआई को यह जानकारी भी भेजी कि ताजमहल पर सबसे ज्यादा भीड़ किस समय और किस जगह रहती है?
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इजाज के मिशन वेस्ट यूपी में पहले नंबर पर आगरा ही था। ताजनगरी के उसे तीन टारगेट मिले थे। पहला यमुना एक्सप्रेस वे, दूसरा ताजमहल और तीसरा एयरबेस। उसने तीनों जगह जासूसी की।
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इसके लिए उसने कई लोगों से दोस्ती भी की। इनसे पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि ये लोग अनजाने में उसका साथ दे रहे थे या फिर उसकी हकीकत जानकर भी देश से गद्दारी की। खुफिया सूत्रों ने बताया कि कई बार पूछे जाने पर भी उसने उन लोगों के नाम नहीं बताए हैं। उनके फोन सर्विलांस पर लगाए गए तो पता चला कि स्विच ऑफ हैं।
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कॉल डिटेल रिकार्ड का अभी अध्ययन किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों नंबर हैं। पड़ताल में वक्त लगेगा। उसने आगरा के लोगों के जो नंबर बताए हैं, उनकी आईडी निकलवाई जा रही है। इनसे कुछ सुराग मिलने की उम्मीद है। अगर आईडी फर्जी हुई तो खुफिया एजेंसियों को सभी नंबरों की काल डिटेल निकलवाकर अध्ययन करना होगा। इनके मोबाइल फोन बंद हो जाने से इन पर शक बढ़ रहा है।
दो बार आया ताजमहल
आगरा। खुफिया पुलिस ने बताया कि इजाज दो बार ताजमहल पहुंचा। पहली बार उसने मालूम किया कि यहां कितनी भीड़ रहती है? वह बुधवार का दिन था। उसे पता चला कि वीकेंड पर ज्यादा पर्यटक आते हैं। इसकेबाद शनिवार को आया। उसने आईएसआई को यह जानकारी भी भेजी कि ताजमहल पर सबसे ज्यादा भीड़ किस समय और किस जगह रहती है?