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सरार्फाओं के लिए सिरदर्द बने हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला मैनपुरी
Updated Fri, 07 Jul 2017 09:01 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे कोतवाली क्षेत्र के गांव बिछिया निवासी हिस्ट्रीशीटर रामू चौहान की शुक्रवार शाम आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि मृतक हिस्ट्रीशीटर की तलाश एसटीएफ भी कर रही थी। वह पिछले दो महीनों से गांव में रह रहा था। इसकी भनक पुलिस व खुफिया विभाग तक को नहीं लगी।
घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में पुलिसबल पहुंच गया। शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम मृतक के भाई ने गांव निवासी चार लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया। कोतवाली क्षेत्र के गांव बिछिया निवासी रामू चौहान ने जनवरी 2016 को साथियों के साथ मिलकर सराफा व्यापारी अरुण वर्मा की गोली मारकर हत्या करने के साथ ही लाखों की नकदी जेवर लूट लिए थे। उक्त मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा था, वहीं रामू चौहान पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका था।
थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है। उस पर हत्या, लूट समेत करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी वह हर बार चकमा देकर भागने में सफल हो जाता था। एसटीएफ को भी उसकी तलाश में लगाया गया था। मगर सफलता नहीं मिल रही थी। वहीं करीब दो माह से वह गांव में खुलेआम घर पर ही रह रहा था। उसके भय के चलते कोई भी उसके खिलाफ मुंह नहीं खोल पा रहा था। आए दिन वह शराब पीकर फायरिंग, मारपीट व लोगों से गाली गलौज करता घूम रहा था।
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शुक्रवार शाम को जब वह घर के बाहर मौजूद था तभी अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोली चला दी। उसे दो गोलियां मारी गईं। पेट में गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हत्यारे वहां से भाग गए। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में पहुंच गया। ग्रामीणों से पूछताछ की गई मगर कोई भी घटना को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। जिसके बाद पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं कुछ पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के चलते गांव में ही तैनात किया गया है। देर शाम मृतक के भाई भानू प्रताप ने गांव निवासी शेखर भदौरिया, संजू भदौरिया और बिरजू जाटव के विरुद्ध रंजिश के चलते गली के बाहर घेरकर हत्या किए जाने की तहरीर दी।
गांव निवासी अजय भदौरिया पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश में दबिश दी। मगर कोई भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में पुलिसबल पहुंच गया। शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम मृतक के भाई ने गांव निवासी चार लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया। कोतवाली क्षेत्र के गांव बिछिया निवासी रामू चौहान ने जनवरी 2016 को साथियों के साथ मिलकर सराफा व्यापारी अरुण वर्मा की गोली मारकर हत्या करने के साथ ही लाखों की नकदी जेवर लूट लिए थे। उक्त मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा था, वहीं रामू चौहान पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका था।
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थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है। उस पर हत्या, लूट समेत करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी वह हर बार चकमा देकर भागने में सफल हो जाता था। एसटीएफ को भी उसकी तलाश में लगाया गया था। मगर सफलता नहीं मिल रही थी। वहीं करीब दो माह से वह गांव में खुलेआम घर पर ही रह रहा था। उसके भय के चलते कोई भी उसके खिलाफ मुंह नहीं खोल पा रहा था। आए दिन वह शराब पीकर फायरिंग, मारपीट व लोगों से गाली गलौज करता घूम रहा था।
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शुक्रवार शाम को जब वह घर के बाहर मौजूद था तभी अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोली चला दी। उसे दो गोलियां मारी गईं। पेट में गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हत्यारे वहां से भाग गए। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में पहुंच गया। ग्रामीणों से पूछताछ की गई मगर कोई भी घटना को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। जिसके बाद पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं कुछ पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के चलते गांव में ही तैनात किया गया है। देर शाम मृतक के भाई भानू प्रताप ने गांव निवासी शेखर भदौरिया, संजू भदौरिया और बिरजू जाटव के विरुद्ध रंजिश के चलते गली के बाहर घेरकर हत्या किए जाने की तहरीर दी।
गांव निवासी अजय भदौरिया पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश में दबिश दी। मगर कोई भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
और ऐसे जुर्म का दूसरा नाम बन गया रामू चौहान
हत्या
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी के गांव बिछिया निवासी मृतक हिस्ट्रीशीटर पर पहला मामला वर्ष 2009 में मारपीट का दर्ज हुआ था। इसके बाद 2010 में उस पर अवैध असलाह रखने का मामला दर्ज हुआ था। इसी वर्ष जानलेवा हमला, मारपीट व गैंगेस्टर भी लगाया गया। वर्ष 2011 में गुंडा एक्ट, 2013 में घर में घुसकर मारपीट का मामला दर्ज हुआ।
2014 में उस आगरा के जैतपुर थाना क्षेत्र में हत्या किए जाने का मामला दर्ज हुआ। 2015 में जानलेवा हमला, चोरी का माल बरामद होने के दो मामले, जानलेवा हमला का एक, संदिग्ध हालत में मौजूद होने का एक मामला दर्ज हुआ। 2016 में सराफा व्यापारी हत्याकांड के बाद गैंगेस्टर लगाया गया। इसके बाद न्यायालय में पेश न होने पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना का मामला दर्ज हुआ।
रामू चौहान करीब दो माह से गांव में ही रह रहा था। मगर खुफिया विभाग और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। वहीं कुछ दिन पूर्व मृतक भांवत चौराहा पर फायरिंग कर दहशत भी फैला चुका था।
फिर भी खुफिया विभाग व पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी रही। सूत्रों की मानें तो पूर्व में भी जब आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने गांव में दबिश दीं। तो इसकी सूचना थाने से पहले ही मृतक को पहले ही मिल जातीं थी। आरोपी गांव से निकल जाता था।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर रामू चौहान हत्याकांड में नामजद एक आरोपी बीते करीब पांच दिनों से थाने में चक्कर लगा रहा था। वहीं कोतवाली पुलिस इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट बताने से बचती रही।
2014 में उस आगरा के जैतपुर थाना क्षेत्र में हत्या किए जाने का मामला दर्ज हुआ। 2015 में जानलेवा हमला, चोरी का माल बरामद होने के दो मामले, जानलेवा हमला का एक, संदिग्ध हालत में मौजूद होने का एक मामला दर्ज हुआ। 2016 में सराफा व्यापारी हत्याकांड के बाद गैंगेस्टर लगाया गया। इसके बाद न्यायालय में पेश न होने पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना का मामला दर्ज हुआ।
रामू चौहान करीब दो माह से गांव में ही रह रहा था। मगर खुफिया विभाग और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। वहीं कुछ दिन पूर्व मृतक भांवत चौराहा पर फायरिंग कर दहशत भी फैला चुका था।
फिर भी खुफिया विभाग व पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी रही। सूत्रों की मानें तो पूर्व में भी जब आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने गांव में दबिश दीं। तो इसकी सूचना थाने से पहले ही मृतक को पहले ही मिल जातीं थी। आरोपी गांव से निकल जाता था।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर रामू चौहान हत्याकांड में नामजद एक आरोपी बीते करीब पांच दिनों से थाने में चक्कर लगा रहा था। वहीं कोतवाली पुलिस इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट बताने से बचती रही।