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गैंगरेप पीड़िता ने बच्चों समेत डीआईजी दफ्तर पर किया आत्मदाह का प्रयास
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 11 Aug 2015 02:10 AM IST
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गैंगरेप में समझौता करने के लिए पुलिस की शह पर मुल्जिमों से लगातार मिल रही धमकियों से टूटी विधवा दुखी होकर सोमवार सुबह 9:30 बजे अपने दो बच्चों समेत डीआईजी दफ्तर पर आत्मदाह करने जा पहुंची। उसने खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेल भी लिया, लेकिन आग लगाने से ऐन पहले महिला सिपाही ने दौड़ कर उसके हाथ से माचिस छीन ली। उसके इस कदम से टेंशन में आईं डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने उसे त्वरित कार्रवाई का भरोसा देते हुए सीओ से तुरंत जांच शुरू कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
इससे पहले पीड़िता को गांव में यही प्रयास करते उसके भाई ने बचाया था। उसका कहना है कि आरोपी रविवार रात और सोमवार सुबह उसे धमकाने के लिए उसके घर पहुंचे थे। इसके बाद ही उसने बच्चों समेत जान देने का फैसला लिया। कागारौल क्षेत्र के एक गांव की इस महिला के पति की मौत कई साल पहले हो चुकी है।
गैंगरेप की एफआईआर के मुताबिक आठ अगस्त की देर शाम को वह अपने चार साल के बेटे को बुखार की दवा दिलाने घर से निकली थी। रास्ते में कार सवार युवक और महिला मिले। उन्होंने अस्पताल छोड़ने की बात कहकर उसे कार में बैठा लिया। रास्ते में उसका देवर और प्रधान पुत्र भी कार में बैठ गए।
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आरोप है कि बच्चे को मारने की धमकी देकर बेहोशी की दवा मिलाकर उसे कोल्डड्रिंक पिला दी। इसके बाद तीनों लोगों ने खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस मामले में थाना कागारौल पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की। महिला का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी पक्ष ने उस पर राजीनामा का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पुलिस उनका साथ दे रही है।
रविवार रात को गांव के लोगों के साथ आरोपी पक्ष के लोग घर पर आ धमके। उसे और भाइयों को जान से मारने की धमकी दी। देवर भी आरोपी होने के कारण ससुराल पक्ष के लोग भी साथ नहीं दे रहे हैं। सोमवार सुबह फिर से दबाव बनाया। इसके बाद उसने जान देने का फैसला लिया।
उधर, एसओ कागारौल का कहना है कि महिला की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट न आने के चलते अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई।
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इससे पहले पीड़िता को गांव में यही प्रयास करते उसके भाई ने बचाया था। उसका कहना है कि आरोपी रविवार रात और सोमवार सुबह उसे धमकाने के लिए उसके घर पहुंचे थे। इसके बाद ही उसने बच्चों समेत जान देने का फैसला लिया। कागारौल क्षेत्र के एक गांव की इस महिला के पति की मौत कई साल पहले हो चुकी है।
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गैंगरेप की एफआईआर के मुताबिक आठ अगस्त की देर शाम को वह अपने चार साल के बेटे को बुखार की दवा दिलाने घर से निकली थी। रास्ते में कार सवार युवक और महिला मिले। उन्होंने अस्पताल छोड़ने की बात कहकर उसे कार में बैठा लिया। रास्ते में उसका देवर और प्रधान पुत्र भी कार में बैठ गए।
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आरोप है कि बच्चे को मारने की धमकी देकर बेहोशी की दवा मिलाकर उसे कोल्डड्रिंक पिला दी। इसके बाद तीनों लोगों ने खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस मामले में थाना कागारौल पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की। महिला का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी पक्ष ने उस पर राजीनामा का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पुलिस उनका साथ दे रही है।
रविवार रात को गांव के लोगों के साथ आरोपी पक्ष के लोग घर पर आ धमके। उसे और भाइयों को जान से मारने की धमकी दी। देवर भी आरोपी होने के कारण ससुराल पक्ष के लोग भी साथ नहीं दे रहे हैं। सोमवार सुबह फिर से दबाव बनाया। इसके बाद उसने जान देने का फैसला लिया।
उधर, एसओ कागारौल का कहना है कि महिला की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट न आने के चलते अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई।