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तांत्रिक के बेटे ने अय्याशी के लिए रंगे खून से हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:16 AM IST
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आकाश ने पुलिस को बताया, सीरियल देखकर बनाया प्लान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मासूम की अपहरण के बाद हत्या में पकड़ा गया आकाश शातिर दिमाग का है। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके पिता राम निहारे जाटव तंत्र मंत्र का काम करते हैं। आकाश ने यह भी बताया कि वह फिरौती की रकम से अय्याशी करना चाहता था। उसने सीरियल देखकर प्लान बनाया।
पुलिस को उसकी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि यह उसका पहला गुनाह है। उससे देर रात तक पूछताछ की जाती रही। पुलिस ने उससे बार-बार यही पूछा कि इससे पहले कोई ऐसी वारदात तो नहीं की थी। वह मना करता रहा। उसने बताया किवह अंकित के घर पर ही टीवी देखता था। वहां उसने क्राइम पर आधारित सीरियल कई बार देखे।
इसमें ही उसने देखा कि अपहरण कर फिरौती वसूली जा सकती है। इसके बाद अपहरण की योजना बनाई। रविवार सुबह ही जंगल में फावड़ा पहुंचा दिया था। उसका पहले से इरादा था कि अगर फंसने का डर हुआ तो अंकित की हत्या कर देगा। उसने अंकित को ही अपहरण के लिए इसलिए चुना क्योंकि एक तो वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। दूसरा उसके रिश्तेदार पास में ही रहते हैं। उसे लगता था कि सब आपस में मिलकर 1.5 लाख को इकट्ठा कर ही लेंगे। आकाश इस रकम से हिल स्टेशन पर जाकर होटलों में अय्याशी करना चाहता था।
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तुम फिरौती अपने पड़ोसी को देना
आगरा। आकाश ने फोन पर अपना नाम नहीं बताया था। बस यही कहा था कि शाम को सात बजे बताएगा कि फिरौती कहां पहुंचानी है। उसका प्लान यह बताने का था कि 1.5 लाख रुपये पड़ोस में रहने वाले किसी युवक को दे दो, वह लेकर उसके (अपहर्ता के ) पास आएगा। फिरौती मिलने पर वह इसे रख लेता और झूठ बोल देता कि अपहर्ता को दे आया। उसने यह नहीं सोचा था कि सात बजने से पहले ही पकड़ लिया जाएगा।
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पुलिस को उसकी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि यह उसका पहला गुनाह है। उससे देर रात तक पूछताछ की जाती रही। पुलिस ने उससे बार-बार यही पूछा कि इससे पहले कोई ऐसी वारदात तो नहीं की थी। वह मना करता रहा। उसने बताया किवह अंकित के घर पर ही टीवी देखता था। वहां उसने क्राइम पर आधारित सीरियल कई बार देखे।
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इसमें ही उसने देखा कि अपहरण कर फिरौती वसूली जा सकती है। इसके बाद अपहरण की योजना बनाई। रविवार सुबह ही जंगल में फावड़ा पहुंचा दिया था। उसका पहले से इरादा था कि अगर फंसने का डर हुआ तो अंकित की हत्या कर देगा। उसने अंकित को ही अपहरण के लिए इसलिए चुना क्योंकि एक तो वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। दूसरा उसके रिश्तेदार पास में ही रहते हैं। उसे लगता था कि सब आपस में मिलकर 1.5 लाख को इकट्ठा कर ही लेंगे। आकाश इस रकम से हिल स्टेशन पर जाकर होटलों में अय्याशी करना चाहता था।
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आगरा। आकाश ने फोन पर अपना नाम नहीं बताया था। बस यही कहा था कि शाम को सात बजे बताएगा कि फिरौती कहां पहुंचानी है। उसका प्लान यह बताने का था कि 1.5 लाख रुपये पड़ोस में रहने वाले किसी युवक को दे दो, वह लेकर उसके (अपहर्ता के ) पास आएगा। फिरौती मिलने पर वह इसे रख लेता और झूठ बोल देता कि अपहर्ता को दे आया। उसने यह नहीं सोचा था कि सात बजने से पहले ही पकड़ लिया जाएगा।