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पायलट बन फेसबुक पर दोस्ती, व्हाट्सएप पर चैटिंग, सच्चाई सामने आई तो उड़े युवती के होश

Tue, 29 Jan 2019 11:25 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 29 Jan 2019 11:25 AM IST
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facebook friend fraud with girl of agra
प्रतीकात्मक तस्वीर
फेसबुक पर सक्रिय साइबर अपराधियों के जाल में आगरा की एक युवती भी फंस गई। युवती की आईडी पर पायलट बताकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। दोस्ती करने के बाद मदद के नाम पर खातों में कई बार में 5.62 लाख रुपये जमा करा लिए। 
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पीड़िता को जब फेसबुक दोस्त की सच्चाई का पता चला तो उसके होश उड़ गए। आरोपी ने अपनी आईडी, मोबाइल और व्हाट्स नंबर बंद कर लिए। पीड़िता ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस में शिकायती पत्र दिया है।
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रकाबगंज क्षेत्र की रहने वाली युवती नाई की मंडी स्थित एक आफिस में कार्यरत है। उन्होंने एसएसपी आफिस में शिकायती पत्र देकर कहा कि नवंबर 2018 में उनकी फेसबुक आईडी पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। 
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खुद का बताया पायलट

रिक्वेस्ट भेजने वाले ने यूके की ब्रिटिश एयरलाइंस में खुद को पायलट बताया। इसके बाद अपना फोटो भी भेजा। कुछ दिन बाद वह मेसेंजर पर चैट करने लगा। व्हाट्स एप पर भी चैटिंग शुरू कर दी।

एक दिन आंख में दर्द की समस्या बताते हुए ऑपरेशन खर्च के लिए एक लाख रुपये की मदद मांगी। युवती ने रकम बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दी। दिसंबर 2018 में दवाइयों के लिए 70 हजार की मांग की। 

राजस्थान की युवती का खाता बताया। इस बार भी युवती ने रकम ट्रांसफर कर दी। छह दिन बाद 1.47 लाख रुपये और जमा करा लिए। सात दिन बाद एक फोन आया। फोन पर एक युवती बोल रही थी। 

आरोपी ने फोन स्विच ऑफ किया

उसने बताया कि वो दिल्ली एयरपोर्ट से बोल रही है। उसके दोस्त को पकड़ा है। सामान के साथ पकड़े जाने के कारण टैक्स की रकम के 245000 रुपये जमा करने होंगे। इस पर युवती ने यह रकम जमा कर दी। 

फेसबुक फ्रेंड ने पांच दिन बाद रकम युवती के खाते में जमा करने और मिलने आने की बात कही। मगर, इससे पहले उसकी फेसबुक आईडी बंद हो गई। फोन भी स्विच ऑफ हो गया। ठगी का पता चलने पर पीड़िता ने एसएसपी ऑफिस में शिकायती पत्र दिया। मामले में साइबर क्राइम सेल को जांच के आदेश किए हैं।

कई मामले आ रहे सामने

साइबर क्राइम सेल में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट बनकर दोस्ती कर ली जाती है। इसके बाद लोगों से मदद के नाम पर रकम जमा कराई जाती है। 

कई बार युवतियों को कारोबारी और बड़ी कंपनी में अधिकारी बताकर झांसे में लिया जाता है। उनसे शादी के बाद विदेश ले जाने की बात कहकर ठगी कर ली जाती है। दो साल पहले शाहगंज थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था।

फेसबुक पर अंजान दोस्तों से रहें सावधान

एक्सपर्ट के मुताबिक, फेसबुक पर अंजान दोस्तों से सावधान रहने की जरूरत है। फेंड रिक्वेस्ट भेजने वाले की प्रोफाइल चेक करें। अंजान दोस्त बनाने से बचें। फेसबुक के अंजान फ्रेंड को अपना व्हाट्स एप नंबर नहीं देना चाहिए। मदद के नाम पर रुपयों की मांग करने वाला धोखेबाज भी हो सकता है। 
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