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हत्या से डरे कर्मचारी, प्रभार लेने से पीछे हटे
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Mon, 15 Feb 2016 01:26 AM IST
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परीक्षा विभाग के वरिष्ठ सहायक सतेंद्र सिंह की हत्या के बाद डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। स्थिति ये है कि उनके स्थान पर नियुक्त होने की बात से कर्मचारी ठिठक जा रहे हैं। इधर सतेंद्र जिन दस्तावेजों को देखने का काम करते थे, पुलिस ने उन दस्तावेजों को सील कर दिया है।
ऐसे में मुख्य परीक्षा की तैयारियों को तगड़ा झटका लगा है। कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल से संकट और बढ़ गया है। विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा एक मार्च से होनी है। साढ़े छह सौ कालेजों के छह लाख से अधिक विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे। स्कीम जारी हो चुकी है। कालेजों की फीस, पुराने रिकार्ड का विवरण सतेंद्र ही रखते थे। वे करीब 15 साल से परीक्षा कार्यक्रम की व्यवस्थाएं देख रहे थे। उनकी हत्या के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अन्य कर्मचारियों को प्रभार देने को कहा, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कर्मियों ने सतेंद्र का प्रभार लेने से साफ मना कर दिया। इधर पुलिस ने शुल्क न देने वाले 14 कालेजों के दस्तावेजों को सील कर दिया है। कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर हैं। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने घोषित तिथि पर परीक्षा कराना चुनौती बन गया है। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का कहना है कि तैयारियां प्रभावित हुईं हैं, लेकिन समय पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का प्रयत्न किया जाएगा।
हत्यारोपी की गिरफ्तारी न होने तक हड़ताल
हत्यारोपी के गिरफ्तार न होने तक हड़ताल जारी रखने का कर्मचारियों ने एलान किया है। हड़ताल में खंदारी और छलेसर कैंपस के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। डा. बीआरए विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी का कहना है कि सहकर्मी की हत्या के बाद से कर्मचारी दहशत में हैं। सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है। सोमवार को श्रद्धांजलि सभा के बाद सुरक्षा के मुद्दे पर मीटिंग होगी। औटा अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने भी घटना की निंदा करते हुए कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया।
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ऐसे में मुख्य परीक्षा की तैयारियों को तगड़ा झटका लगा है। कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल से संकट और बढ़ गया है। विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा एक मार्च से होनी है। साढ़े छह सौ कालेजों के छह लाख से अधिक विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे। स्कीम जारी हो चुकी है। कालेजों की फीस, पुराने रिकार्ड का विवरण सतेंद्र ही रखते थे। वे करीब 15 साल से परीक्षा कार्यक्रम की व्यवस्थाएं देख रहे थे। उनकी हत्या के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अन्य कर्मचारियों को प्रभार देने को कहा, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कर्मियों ने सतेंद्र का प्रभार लेने से साफ मना कर दिया। इधर पुलिस ने शुल्क न देने वाले 14 कालेजों के दस्तावेजों को सील कर दिया है। कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर हैं। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने घोषित तिथि पर परीक्षा कराना चुनौती बन गया है। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का कहना है कि तैयारियां प्रभावित हुईं हैं, लेकिन समय पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का प्रयत्न किया जाएगा।
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हत्यारोपी की गिरफ्तारी न होने तक हड़ताल
हत्यारोपी के गिरफ्तार न होने तक हड़ताल जारी रखने का कर्मचारियों ने एलान किया है। हड़ताल में खंदारी और छलेसर कैंपस के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। डा. बीआरए विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी का कहना है कि सहकर्मी की हत्या के बाद से कर्मचारी दहशत में हैं। सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है। सोमवार को श्रद्धांजलि सभा के बाद सुरक्षा के मुद्दे पर मीटिंग होगी। औटा अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने भी घटना की निंदा करते हुए कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया।
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