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जिला जेल में बंदी ने पिता के सामने टावर से कूदकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2016 12:09 AM IST
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पत्नी की हत्या के आरोप में एक महीने से बंद था
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दहेज हत्या के मामले में जिला जेल में बंद कृष्ण मुरारी (27) ने मुलाकात के लिए आए पिता रघुवीर सिंह के सामने रेडियो फ्रिक्वेंसी टावर से कूदकर जान दे दी। घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों का कहना है कि जमानत न हो पाने के कारण वह तनाव में था। पिता से कहासुनी के बाद ही उसने आत्मघाती कदम उठाया।
फतेहपुर सीकरी के गांव सिरौली डावर निवासी कृष्ण मुरारी की शादी पांच जून 2015 को गांव नागर, अछनेरा निवासी मनीषा पुत्री जल सिंह से हुई थी। 22 अगस्त की रात को मनीषा की जल जाने से ससुराल में मौत हो गई थी। ससुरालियों ने दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पहले कृष्ण मुरारी को नामजद किया था। बाद में उसके पिता रघुवीर, मां कलावती, रिश्ते के भाई महावीर, उसके बटे रवि और भांजे गुड्डू को भी आरोपी बना दिया गया।
21 सितंबर को कृष्ण मुरारी को पुलिस ने पकड़ लिया था। तब से वह जेल में बंद था। गुरुवार दोपहर दो बजे उससे मिलने पिता और गांव का युवक मुकेश पहुंचे। पिता ने बताया कि कृष्ण मुरारी अपनी जमानत को लेकर परेशान था। उन्होंने उससे कहा कि अभी जमानत में कुछ और महीने लग सकते हैं। बातचीत के दौरान अचानक वह उठकर चला गया। वह समझे कि अभी वापस आ रहा होगा। वह वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम के बाहर रेडियो फ्रिक्वेंसी टावर पर सीढ़ियों से चढ़ गया। मुलाकात को आए कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कैदी ने तकरीबन 50 फीट की ऊंचाई से छलांग लगा दी। जेल अधीक्षक ने बताया कि कर्मचारी घायल कैदी को पहले जेल अस्पताल ले गए। यहां से एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी भेजा गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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जेल प्रशासन की लापरवाही सामने आई
आगरा। इस घटना में जेल प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष के बाहर रेडियो फ्रिक्वेंसी टावर खुले में लगा है। उसके चारों तरफ कोई बैरीकेटिंग भी नहीं है, जिससे टावर के पास आसानी से पहुंचा जा सकता है। उस पर जाने के लिए सीढ़ियां भी बनी हैं। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। बंदी टावर पर चढ़ गया, इसकी जानकारी भी काफी देर बाद हो सकी।
घर और खेत बेचने की कर ली थी तैयारी
रघुवीर सिंह ने बताया कि बेटे की जमानत कराने के लिए वह हर संभव प्रयास में लगे थे। लेकिन बेटे के जेल जाने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। पिछले दिनों उन्होंने घर और खेत बेचने का भी मन बनाया, लेकिन घर की ज्यादा कीमत नहीं मिल पा रही थी। वहीं खेत बेचने में कई अड़चन आ रही थीं। इसके बावजूद वह वकील से बातचीत करने में लगे थे।
गांव में मचा कोहराम
फतेहपुर सीकरी। गांव सिरौली डावर में कृष्ण मुरारी उर्फ डब्बू के आत्महत्या करने की जानकारी से कोहराम मच गया। ग्रामीणों का कहना था कि उसके ऊपर लगा आरोप गलता था। रघुवीर के बड़े बेटे बदन सिंह ने भी कई साल पहले आत्महत्या कर ली थी। कृष्ण मुरारी की दो बहन अनीता और विनीता की शादी हो चुकी है। घटना की जानकारी पर ग्रामीण अजित सिंह, फतेह सिंह, हरी शंकर, अवतार सिंह, रामवीर सिंह, बलवीर सिंह कृष्ण मुरारी के घर पहुंचे। परिवार का ढांढस बंधाया।
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फतेहपुर सीकरी के गांव सिरौली डावर निवासी कृष्ण मुरारी की शादी पांच जून 2015 को गांव नागर, अछनेरा निवासी मनीषा पुत्री जल सिंह से हुई थी। 22 अगस्त की रात को मनीषा की जल जाने से ससुराल में मौत हो गई थी। ससुरालियों ने दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पहले कृष्ण मुरारी को नामजद किया था। बाद में उसके पिता रघुवीर, मां कलावती, रिश्ते के भाई महावीर, उसके बटे रवि और भांजे गुड्डू को भी आरोपी बना दिया गया।
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21 सितंबर को कृष्ण मुरारी को पुलिस ने पकड़ लिया था। तब से वह जेल में बंद था। गुरुवार दोपहर दो बजे उससे मिलने पिता और गांव का युवक मुकेश पहुंचे। पिता ने बताया कि कृष्ण मुरारी अपनी जमानत को लेकर परेशान था। उन्होंने उससे कहा कि अभी जमानत में कुछ और महीने लग सकते हैं। बातचीत के दौरान अचानक वह उठकर चला गया। वह समझे कि अभी वापस आ रहा होगा। वह वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम के बाहर रेडियो फ्रिक्वेंसी टावर पर सीढ़ियों से चढ़ गया। मुलाकात को आए कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कैदी ने तकरीबन 50 फीट की ऊंचाई से छलांग लगा दी। जेल अधीक्षक ने बताया कि कर्मचारी घायल कैदी को पहले जेल अस्पताल ले गए। यहां से एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी भेजा गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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जेल प्रशासन की लापरवाही सामने आई
आगरा। इस घटना में जेल प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष के बाहर रेडियो फ्रिक्वेंसी टावर खुले में लगा है। उसके चारों तरफ कोई बैरीकेटिंग भी नहीं है, जिससे टावर के पास आसानी से पहुंचा जा सकता है। उस पर जाने के लिए सीढ़ियां भी बनी हैं। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। बंदी टावर पर चढ़ गया, इसकी जानकारी भी काफी देर बाद हो सकी।
घर और खेत बेचने की कर ली थी तैयारी
रघुवीर सिंह ने बताया कि बेटे की जमानत कराने के लिए वह हर संभव प्रयास में लगे थे। लेकिन बेटे के जेल जाने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। पिछले दिनों उन्होंने घर और खेत बेचने का भी मन बनाया, लेकिन घर की ज्यादा कीमत नहीं मिल पा रही थी। वहीं खेत बेचने में कई अड़चन आ रही थीं। इसके बावजूद वह वकील से बातचीत करने में लगे थे।
गांव में मचा कोहराम
फतेहपुर सीकरी। गांव सिरौली डावर में कृष्ण मुरारी उर्फ डब्बू के आत्महत्या करने की जानकारी से कोहराम मच गया। ग्रामीणों का कहना था कि उसके ऊपर लगा आरोप गलता था। रघुवीर के बड़े बेटे बदन सिंह ने भी कई साल पहले आत्महत्या कर ली थी। कृष्ण मुरारी की दो बहन अनीता और विनीता की शादी हो चुकी है। घटना की जानकारी पर ग्रामीण अजित सिंह, फतेह सिंह, हरी शंकर, अवतार सिंह, रामवीर सिंह, बलवीर सिंह कृष्ण मुरारी के घर पहुंचे। परिवार का ढांढस बंधाया।