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हैंडीक्राफ्ट कारोबारी और पत्नी को बांधकर डाका
हैंडीक्राफ्ट कारोबारी और पत्नी को बांधकर डाका
Updated Mon, 27 Mar 2017 01:15 AM IST
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हैंडीक्राफ्ट कारोबारी और पत्नी को बांधकर डाका
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर की पॉश कालोनी लताकुंज में शनिवार रात को हथियारबंद आठ बदमाशों ने हैंडीक्राफ्ट कारोबारी सत्येंद्र शर्मा (65) के घर में डाका डाला। बदमाशों ने पांच लाख के जेवर और नगदी लूट ली। डेढ़ घंटे बाद बदमाश दंपति को कमरों में बंद करके भाग गए। रविवार सुबह कालोनी के लोगों ने उन्हेें खोला। जानकारी पर एसपी सिटी सहित थाना हरीपर्वत की फोर्स पहुंच गई।
11, लता कुंज, आगरा-मथुरा रोड निवासी सत्येंद्र शर्मा का क्रियेटिव हैंड्स के नाम से हैंडीक्राफ्ट का एक्सपोर्ट का कारोबार है। फैक्ट्री शास्त्रीपुरम में है। पत्नी मंजुला आर्मी स्कूल में टीचर हैं। बेटी स्वाती और बेटा मयंक अमेरिका में रहते हैं। मयंक इंजीनियर हैं। वहीं एक बेटी निधि गुड़गांव में रहती हैं। कोठी के पिछले हिस्से में सर्वेंट रूम है, जिसमें नौकर संजय टोपो (अल्परदार, पश्चिम बंगाल), पत्नी, बहन और भतीजी के साथ रहता है। रात तकरीबन तीन बजे 7-8 बदमाश लॉबी के दो गेट के ताले तोड़कर अंदर घुस आए। सभी ने अपने चेहरे ढक रखे थे। दो के पास तमंचे तो बाकी के हाथों में छुरे थे। बदमाशों ने दंपति को कमरे में बंधक बना लिया। नौकर के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। सत्येंद्र और मंजुला ने शोर मचाने का प्रयास किया तो गोली मारने की धमकी दी। घर की चादर को फाड़कर उनके हाथ-पैर और मुंह बांध दिया। मंजुला के कड़े, चेन और टाप्स लूट लिए। सत्येंद्र पर कंबल डालकर बेड पर लिटा दिया। इसके बाद बेखौफ होकर लूट करते रहे। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद दंपति को अलग-अलग कमरों में बंद करके बदमाश चले गए। रविवार तड़के तकरीबन 5:45 बजे कालोनी में रहने वाली मंजुला की ननद गिरजा टहलने के लिए बाहर निकली। मंजुला की आवाज सुनकर वह घर पहुंची। घटना की जानकारी पर थाना हरीपर्वत की फोर्स पहुंच गई। फिंगर प्रिंट और डाग स्क्वैड ने साक्ष्य जुटाए। कारोबारी ने बताया कि बदमाश पांच लाख रुपये के जेवरात, पांच हजार रुपये और दो मोबाइल ले गए।
गैस कटर से काटे ताले, पानी भी डाला
कारोबारी की कोठी की लॉबी में दो दरवाजे लगे हैं। इनमें एक में लोहे की जाली लगी है तो दूसरा भी लकड़ी के बोर्ड का हैं। जाली वाले दरवाजे में सेंट्रल लॉक है। बदमाशों ने पहले उसे ही सब्बल और छैनी से तोड़ने का प्रयास किया। वह नहीं खुला तो गैस कटर का प्रयोग किया। लकड़ी में आग न लगे इसलिए पानी लेकर डालते रहे। इसके बाद बोर्ड के दरवाजे को भी इसी तरह गैस कटर से काटा। इसमें तीन लाक थे, जिसमें से सेंट्रल लाक को काट दिया। इसके बाद एक और लाक को तोड़ दिया। तीसरा लॉक नहीं लगा था।
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11, लता कुंज, आगरा-मथुरा रोड निवासी सत्येंद्र शर्मा का क्रियेटिव हैंड्स के नाम से हैंडीक्राफ्ट का एक्सपोर्ट का कारोबार है। फैक्ट्री शास्त्रीपुरम में है। पत्नी मंजुला आर्मी स्कूल में टीचर हैं। बेटी स्वाती और बेटा मयंक अमेरिका में रहते हैं। मयंक इंजीनियर हैं। वहीं एक बेटी निधि गुड़गांव में रहती हैं। कोठी के पिछले हिस्से में सर्वेंट रूम है, जिसमें नौकर संजय टोपो (अल्परदार, पश्चिम बंगाल), पत्नी, बहन और भतीजी के साथ रहता है। रात तकरीबन तीन बजे 7-8 बदमाश लॉबी के दो गेट के ताले तोड़कर अंदर घुस आए। सभी ने अपने चेहरे ढक रखे थे। दो के पास तमंचे तो बाकी के हाथों में छुरे थे। बदमाशों ने दंपति को कमरे में बंधक बना लिया। नौकर के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। सत्येंद्र और मंजुला ने शोर मचाने का प्रयास किया तो गोली मारने की धमकी दी। घर की चादर को फाड़कर उनके हाथ-पैर और मुंह बांध दिया। मंजुला के कड़े, चेन और टाप्स लूट लिए। सत्येंद्र पर कंबल डालकर बेड पर लिटा दिया। इसके बाद बेखौफ होकर लूट करते रहे। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद दंपति को अलग-अलग कमरों में बंद करके बदमाश चले गए। रविवार तड़के तकरीबन 5:45 बजे कालोनी में रहने वाली मंजुला की ननद गिरजा टहलने के लिए बाहर निकली। मंजुला की आवाज सुनकर वह घर पहुंची। घटना की जानकारी पर थाना हरीपर्वत की फोर्स पहुंच गई। फिंगर प्रिंट और डाग स्क्वैड ने साक्ष्य जुटाए। कारोबारी ने बताया कि बदमाश पांच लाख रुपये के जेवरात, पांच हजार रुपये और दो मोबाइल ले गए।
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गैस कटर से काटे ताले, पानी भी डाला
कारोबारी की कोठी की लॉबी में दो दरवाजे लगे हैं। इनमें एक में लोहे की जाली लगी है तो दूसरा भी लकड़ी के बोर्ड का हैं। जाली वाले दरवाजे में सेंट्रल लॉक है। बदमाशों ने पहले उसे ही सब्बल और छैनी से तोड़ने का प्रयास किया। वह नहीं खुला तो गैस कटर का प्रयोग किया। लकड़ी में आग न लगे इसलिए पानी लेकर डालते रहे। इसके बाद बोर्ड के दरवाजे को भी इसी तरह गैस कटर से काटा। इसमें तीन लाक थे, जिसमें से सेंट्रल लाक को काट दिया। इसके बाद एक और लाक को तोड़ दिया। तीसरा लॉक नहीं लगा था।
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