{"_id":"586415514f1c1b724feeafe2","slug":"crocodile-chambal","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंबल में मरा घड़ियाल, शिकार की आशंका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चंबल में मरा घड़ियाल, शिकार की आशंका
चंबल में मरा घड़ियाल, शिकार की आशंका
Updated Thu, 29 Dec 2016 01:11 AM IST
विज्ञापन
चंबल में मरा घड़ियाल, शिकार की आशंका
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबल नदी में पिनाहट घाट पर उटसाना गांव के पास बुधवार को एक विशाल घड़ियाल मृत अवस्था में पड़ा मिला। यह देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर घंटों बाद पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने शव का पोस्टमार्टम कराया। घड़ियाल के मरने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। शरीर पर चोटों के निशान देखकर ग्रामीण शिकार की आशंका जता रहे हैं। वहीं, वन विभाग मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की बात कहकर अपनी लापरवाही को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि चंबल नदी में घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुआ, डाल्फिन जैसे कई अन्य जीवों को संरक्षित किया जा रहा है। विश्व में विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए नदी को सबसे सुरक्षित माना जाता है। इन पर नजर रखने के लिए सेंक्च्युरी क्षेत्र में वनकर्मियों को तैनात किया गया है। इस सबके बाद भी इलाके में जीवों के शिकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आरोप लगते हैं कि वन विभाग की जानकारी में सब कुछ होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
इसी का नतीजा बुधवार को उटसाना के पास चंबल नदी में देखने को मिला। विशालकाय मृत घड़ियाल पानी में उतराता मिला। ग्रामीणों ने जानकारी वन कर्मियों को दी। घंटो बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। वनकर्मियों ने घटना के संबंध में ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है। घड़ियाल की मौत कैसे हुई, इस बारे में कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हकीकत ये है कि घड़ियाल के शरीर पर चोटों के निशान हैं। पेट को किसी धारदार हथियार से चीर दिया गया है।
विज्ञापन
--------
मृत घड़ियाल पाए जाने की जानकारी हुई है। टीम को मौके पर जाकर जांच करने को कहा गया है। मौत कैसे हुई, इसका पता लगाया जा रहा है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी।
- अनिल पटेल, डीएकओ, आगरा
------
मृत घड़ियाल का पोस्टमार्टम कराया गया है। कई बार घड़ियाल आपस में लड़कर घायल हो जाते हैं। सर्दियों में धूप न सेंक पाने की वजह से वे घाव के कारण बीमार होकर मर जाते हैं। घड़ियाल का मरना बीमारी से भी हो सकत है।
- राकेश चतुर्वेदी, रेंजर वन्य जीव, बाह
विज्ञापन
गौरतलब है कि चंबल नदी में घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुआ, डाल्फिन जैसे कई अन्य जीवों को संरक्षित किया जा रहा है। विश्व में विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए नदी को सबसे सुरक्षित माना जाता है। इन पर नजर रखने के लिए सेंक्च्युरी क्षेत्र में वनकर्मियों को तैनात किया गया है। इस सबके बाद भी इलाके में जीवों के शिकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आरोप लगते हैं कि वन विभाग की जानकारी में सब कुछ होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
विज्ञापन
इसी का नतीजा बुधवार को उटसाना के पास चंबल नदी में देखने को मिला। विशालकाय मृत घड़ियाल पानी में उतराता मिला। ग्रामीणों ने जानकारी वन कर्मियों को दी। घंटो बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। वनकर्मियों ने घटना के संबंध में ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है। घड़ियाल की मौत कैसे हुई, इस बारे में कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हकीकत ये है कि घड़ियाल के शरीर पर चोटों के निशान हैं। पेट को किसी धारदार हथियार से चीर दिया गया है।
विज्ञापन
--------
मृत घड़ियाल पाए जाने की जानकारी हुई है। टीम को मौके पर जाकर जांच करने को कहा गया है। मौत कैसे हुई, इसका पता लगाया जा रहा है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी।
- अनिल पटेल, डीएकओ, आगरा
------
मृत घड़ियाल का पोस्टमार्टम कराया गया है। कई बार घड़ियाल आपस में लड़कर घायल हो जाते हैं। सर्दियों में धूप न सेंक पाने की वजह से वे घाव के कारण बीमार होकर मर जाते हैं। घड़ियाल का मरना बीमारी से भी हो सकत है।
- राकेश चतुर्वेदी, रेंजर वन्य जीव, बाह