फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   crazy lover's would be involve anek singh murder's case

सिरफिरा आशिक तो नहीं सिकरवार का कातिल

Thu, 21 Jan 2016 02:25 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Thu, 21 Jan 2016 02:25 AM IST
विज्ञापन
crazy lover's would be involve anek singh murder's case
क्या अनेक सिंह सिकरवार का कातिल सिरफिरा आशिक है? पुलिस की जांच इस दिशा में भी चल रही है। दरअसल, पेट्रोल पंप से एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी मंगलवार से गैरहाजिर हैं। वे अपने घर भी नहीं मिले हैं। इनके बीच प्रेम संबंध की जानकारी पुलिस को मिली है। यह भी पता चला कि पुरुष कर्मचारी को महिला कर्मचारी का सिकरवार से बात करना पसंद नहीं था। पुलिस दोनों की तलाश में लगी है। इनके अलावा दो अन्य कर्मचारियों समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन

हालांकि अभी तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस की एक टीम मंगलवार रात से बुधवार शाम तक पेट्रोल पंपों पर पूछताछ करती रही। दोनों पंपों और होटल को मिलाकर कुल 150 कर्मचारी काम करते हैं। इनके बीच से ही पुलिस तक यह जानकारी पहुंची कि एक महिला और पुरुष कर्मचारी के बीच प्रेम संबंध हैं।
विज्ञापन

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने दोनों के बारे में जानकारी की तो पता चला कि वे मंगलवार को नहीं आए। घर पर भी नहीं मिले। दोनों जगह बताया गया कि रिश्तेदारी में गए हैं, लेकिन रिश्तेदार का नाम नहीं बताया। इससे शक और गहरा गया। हालांकि सही जानकारी उनके सामने आने पर ही होगी, फिलहाल शक  इन्हीं पर किया जा रहा है। पूरी जांच में सबसे अहम सवाल यही है कि कहीं पुरुष कर्मचारी ने तो महिला दोस्त की मदद से यह वारदात अंजाम नहीं दी?। उधर बुधवार को दो कर्मचारियों समेत तीन लोगों से पुलिस ने लंबी पूछताछ की।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंप से पीछे लगा था सफेद कार वाला
पुलिस ने सबसे पहले राष्ट्रदीप पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद कुबेरपुर टोल प्लाजा पर भी फुटेज देखे गए। इनमें कुछ नहीं मिला। सिकरवार की लाश मिल जाने के बाद पंप वाले फुटेज बड़ी बारीकी से काफी देर तक देखे गए। इसमें नजर आया कि सिकरवार के होंडा सिटी लेकर चलने के दौरान वहां एक सफेद रंग की अल्टो कार खड़ी थी। इसमें तेल डलवाने के बाद ड्राइवर लगभग पांच मिनट तक इंतजार करता रहा। जैसे ही सिकरवार निकले, उसने कार उनके पीछे लगा दी। इससे पुलिस को शक हो गया कि कहीं कातिल इसी कार में तो नहीं था। काफी प्रयास के बावजूद कार का नंबर नहीं पढ़ा जा सका। फुटेज काफी दूर की थी, इसलिए ड्राइवर का चेहरा भी स्पष्ट नहीं हो सका।

हत्या के लिए ही किया गया अपहरण
पुलिस यह मानकर चल रही है कि अनेक सिंह सिकरवार का अपहरण उनकी हत्या के लिए ही किया गया था। कातिल का मकसद न लूट था और न फिरौती वसूलना। ऐसा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि उनकी लाश खंदौली में मिली। अगर लूट का मकसद होता तो एत्मादपुर से निकलते ही बदमाश लूटकर भाग गए होते। गाड़ी को यू टर्न लेकर खंदौली की ओर ले जाया गया था। अगर फिरौती के लिए अपहरण किया गया होता तो फिर इतनी जल्दी हत्या न की जाती। उन्हें खंदौली इसीलिए ले जाया गया क्योंकि वहां सुनसान जगह पर कत्ल करना आसान था। माना जा रहा है कि हत्या के बाद कातिल के मन में नौ लाख देखकर लालच आ गया। इसलिए वह सूटकेस ले गया।
फोरेंसिक इंवेस्टिगेशन
- फील्ड यूनिट ने पहले रात में ही मौके से कार का मुआयना कर फिंगर प्रिंट लिए। इसके बाद कार खंदौली थाना पहुंचाए जाने पर सुबह भी फिंगर प्रिंट लिए।
डॉग स्कवैड की जांच
- खोजी कुत्ता कार से दाऊजी रोड की ओर कुछ दूर चलकर वापस आ गया। इससे माना जा रहा है कि कातिल इसी ओर भागा।
सर्विलांस सेल की रिपोर्ट
मंगलवार शाम 6:30 से लेकर 10:30 तक सिकरवार का मोबाइल फोन ऑन रहा। लोकेशन एत्मादपुर से खंदौली तक  की आई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed