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बाइकर्स गैंग ने कारोबारी से लूटे 1.55 लाख रुपये
बाइकर्स गैंग ने कारोबारी से लूटे 1.55 लाख रुपये
Updated Thu, 27 Oct 2016 12:35 AM IST
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बाइकर्स गैंग ने कारोबारी से लूटे 1.55 लाख रुपये
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर के पाश इलाके सूर्य नगर में मंगलवार रात बाइकर्स गैंग ने कपड़ा कारोबारी ज्ञानचंद मंगलानी से 1.55 लाख और सोने की चेन लूट ली। तीन बाइक पर आए सात बदमाशों ने कारोबारी की एक्टिवा में टक्कर मारकर गिराया। इसके बाद उन्हें पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी।
सूर्य नगर निवासी ज्ञानचंद मंगलानी का सुभाष बाजार में राजन नाम से स्टोर है। बड़े भाई किशन चंद का नगर निगम के सामने राजन माल और दूसरे भाई जमुनादास का सिंधी बाजार में कपड़े का कारोबार है। ज्ञानचंद मंगलवार रात तकरीबन 11:46 बजे दुकान बंद करने के बाद एक्टिवा से घर लौट रहे थे। 11:55 बजे सूर्य नगर में क्वालिटी रेस्टोरेंट के सामने सफेद रंग की बिना नंबर की बाइक पर तीन बदमाश आए। उन्होंने ज्ञानचंद के एक्टिवा में टक्कर मार दी, जिससे वह गिर गए। उनके हाथ और पैर में चोट लगी। वह कुछ समझ पाते उससे पहले ही एक बदमाश ने उन पर पिस्टल तान दी। दूसरे ने हाथ पीछे कर पकड़ लिए। इसके बाद दो बाइक पर चार बदमाश और आ गए। उन्होंने एक्टिवा की डिकी खोली और बैग निकाल लिया। उनके गले से सोने की चेन, जेब से दो मोबाइल, टिफिन, वाटर कूलर ले लिया। 1.42 लाख रुपये टिफिन में रखे थे। वहीं तकरीबन 13 हजार रुपये जेब से निकाल लिए। विरोध करने पर कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद एक मोबाइल वापस करने के बाद बदमाश भाग गए। उन्होंने घर पहुंचने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को सौ नंबर पर दी। एएसपी अनुराग वत्स फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। ज्ञानचंद की बेटी भारती मंगलानी हरिद्वार में न्यायिक अधिकारी हैं।
बाक्स
दुकान से पीछा करते आए बदमाश
पुलिस को आशंका है कि बदमाश दुकान से ही पीछा करते आए होंगे। उन्होंने रेकी करके वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों को पता था कि कैश टिफिन में रखा है। वहीं वारदात से कुछ देर पहले ही ज्ञान चंद ने राजन माल पहुंचने पर अपने भतीजे सतीश को घर जाने का इशारा भी किया। सतीश ने बताया कि जब चाचा उसके शोरूम के सामने से निकले तो वह बाहर ही खड़ा हुआ था। उनके पीछे एक बाइक पर तीन युवक चल रहे थे। बाइक पर नंबर नहीं था। पीछे बैठे युवकों ने चेहरे छिपा रखे थे। इससे आशंका है कि वही बदमाश उनके पीछे आए। सूर्य नगर में पांच गेट हैं। इनमें से रात में चार बंद हो जाते हैं। एमजी रोड से आने वालों के लिए गेट रात में खुला रहता है। इस पर कोई गार्ड भी नहीं होता है। मंगलवार को रेस्टोरेंट भी बंद रहता है। ज्ञानचंद के साथ उनका कर्मचारी उमेश (बोदला) भी आता है। वह सेंट जोंस पर उतर जाता है।
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पुलिस का खेल, डकैती नहीं, लगाई लूट की धारा
कारोबारी के साथ लूट करने वाले सात बदमाश थे। उन्होंने अपने चेहरे ढके थे। वह तीन बाइक पर आए थे। व्यापारी ने पुलिस को यही बताया। मगर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में भी खेल कर दिया। डकैती की जगह, मामले में लूट की धारा लगाई। कारोबारी का आरोप है कि पुलिस ने उनसे कई सवाल किए। इसके बाद अपनी मर्जी से ही तहरीर लिखवा ली।
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सूर्य नगर निवासी ज्ञानचंद मंगलानी का सुभाष बाजार में राजन नाम से स्टोर है। बड़े भाई किशन चंद का नगर निगम के सामने राजन माल और दूसरे भाई जमुनादास का सिंधी बाजार में कपड़े का कारोबार है। ज्ञानचंद मंगलवार रात तकरीबन 11:46 बजे दुकान बंद करने के बाद एक्टिवा से घर लौट रहे थे। 11:55 बजे सूर्य नगर में क्वालिटी रेस्टोरेंट के सामने सफेद रंग की बिना नंबर की बाइक पर तीन बदमाश आए। उन्होंने ज्ञानचंद के एक्टिवा में टक्कर मार दी, जिससे वह गिर गए। उनके हाथ और पैर में चोट लगी। वह कुछ समझ पाते उससे पहले ही एक बदमाश ने उन पर पिस्टल तान दी। दूसरे ने हाथ पीछे कर पकड़ लिए। इसके बाद दो बाइक पर चार बदमाश और आ गए। उन्होंने एक्टिवा की डिकी खोली और बैग निकाल लिया। उनके गले से सोने की चेन, जेब से दो मोबाइल, टिफिन, वाटर कूलर ले लिया। 1.42 लाख रुपये टिफिन में रखे थे। वहीं तकरीबन 13 हजार रुपये जेब से निकाल लिए। विरोध करने पर कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद एक मोबाइल वापस करने के बाद बदमाश भाग गए। उन्होंने घर पहुंचने के बाद घटना की जानकारी पुलिस को सौ नंबर पर दी। एएसपी अनुराग वत्स फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। ज्ञानचंद की बेटी भारती मंगलानी हरिद्वार में न्यायिक अधिकारी हैं।
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दुकान से पीछा करते आए बदमाश
पुलिस को आशंका है कि बदमाश दुकान से ही पीछा करते आए होंगे। उन्होंने रेकी करके वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों को पता था कि कैश टिफिन में रखा है। वहीं वारदात से कुछ देर पहले ही ज्ञान चंद ने राजन माल पहुंचने पर अपने भतीजे सतीश को घर जाने का इशारा भी किया। सतीश ने बताया कि जब चाचा उसके शोरूम के सामने से निकले तो वह बाहर ही खड़ा हुआ था। उनके पीछे एक बाइक पर तीन युवक चल रहे थे। बाइक पर नंबर नहीं था। पीछे बैठे युवकों ने चेहरे छिपा रखे थे। इससे आशंका है कि वही बदमाश उनके पीछे आए। सूर्य नगर में पांच गेट हैं। इनमें से रात में चार बंद हो जाते हैं। एमजी रोड से आने वालों के लिए गेट रात में खुला रहता है। इस पर कोई गार्ड भी नहीं होता है। मंगलवार को रेस्टोरेंट भी बंद रहता है। ज्ञानचंद के साथ उनका कर्मचारी उमेश (बोदला) भी आता है। वह सेंट जोंस पर उतर जाता है।
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पुलिस का खेल, डकैती नहीं, लगाई लूट की धारा
कारोबारी के साथ लूट करने वाले सात बदमाश थे। उन्होंने अपने चेहरे ढके थे। वह तीन बाइक पर आए थे। व्यापारी ने पुलिस को यही बताया। मगर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में भी खेल कर दिया। डकैती की जगह, मामले में लूट की धारा लगाई। कारोबारी का आरोप है कि पुलिस ने उनसे कई सवाल किए। इसके बाद अपनी मर्जी से ही तहरीर लिखवा ली।