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बहू ने पुलिस के सामने सास और देवर को जड़े तमाचे
बहू ने पुलिस के सामने सास और देवर को जड़े तमाचे
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:51 AM IST
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बहू ने पुलिस के सामने सास और देवर को जड़े तमाचे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर की पॉश कालोनी आलोक नगर की हाई प्रोफाइल फैमिली की बहू ज्योति दुबे ने ससुरालियों पर टार्चर का आरोप लगाते हुए बखेड़ा कर दिया। उसकी मदद के लिए पहुंचे महिला संगठन और पुलिस के सामने ही उसने सास ऊषा और देवर अनुज को तमाचे जड़ दिए। उसका आरोप था कि कमरे में बंधक बनाकर उसकी पिटाई की गई थी। उसे इतना सताया गया कि वह यह कदम उठाने पर मजबूर हो गई। शादी में एक करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद उससे दहेज में 40 लाख रुपये और मांगे जा रहे हैं।
ज्योति का मायका इटावा के लालपुर मोहल्ले में है। पिता लाल माधव की मृत्यु हो चुकी है। ज्योति की शादी 28 जनवरी 2012 को पेट्रोल पंप व्यवसायी बृजेश नारायन दुबे के बेटे अंकित से हुई थी। उसका आरोप है कि दो साल से पूरी साजिश के साथ उत्पीड़न किया जा रहा था। उससे उसके पति को दूर रखा जाता। उसे नि:संतान होने के ताने दिए जाते। वह परेशान होकर तीन महीने से मायके में रह रही थी। 14 फरवरी को उसे तलाक का नोटिस भेजा गया।
बुधवार को भाई भरत उसे छोड़ने आया था। गुरुवार को सास ने उसे भगा दिया। ज्योति का कहना है कि इसके बाद देवर और सास ने उसे कमरे में बंद कर पीटा। उसने फोन पर भरत को बताया तो वह वापस आ गया, मगर उसके लिए गेट नहीं खोला गया। भरत की सूचना पर महिला संगठन की प्रतिमा भार्गव और पुलिस पहुंची और ज्योति को कमरे से निकाला। प्रतिमा ने गुस्से में आकर अनुज की पिटाई के लिए सैंडल हाथ में ले ली। इसी बीच ज्योति आपा खो बैठी। उसने सास और देवर को तमाचे जड़ दिए।
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तब तक पड़ोसी भी वहां पहुंच चुके थे। पुलिस सब चुपचाप देखती रही। पांच घंटे हंगामा चला। ज्योति का दूसरा भाई छत्रपाल भी आ गया। इंस्पेक्टर शाहगंज थाना का कहना है कि छत्रपाल ने लिखकर दिया है कि वह ज्योति को ले जा रहा है। कानूनी कार्रवाई इटावा में करेंगे। उधर, प्रतिमा भार्गव का कहना है कि सास ने बहू के ऊपर थूक दिया था। इस कारण ही बहू ने हाथ उठाया।
सास ने बहू के आरोप गलत बताए
ऊषा ने ज्योति के आरोप गलत बताए हैं। उसका कहना है कि अंकित उससे तलाक लेना चाहता है। ज्योति जबरन रहना चाहती है। वह (ऊषा) जब बीमार पति को अस्पताल में देखने गई, तब ज्योति भाइयों को लेकर घर में घुस गई और बखेड़ा खड़ा कर दिया।
कमरे में बंद मिली छोटी बहू
महिला संगठन की पदाधिकारियों ने पति अंकित के बारे में पता करने के लिए घर की तलाशी लेना शुरू कर दिया। अंकित तो नहीं मिला, लेकिन उसके भाई की पत्नी कमरे में बंद मिली।
उफ तक नहीं बोली पुलिस
शाहगंज इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज सहित पुलिस फोर्स पहुंच गई थी। घर में मायका और ससुराल पक्ष में बखेड़ा चलता रहा। पुलिस इसे तमाशे की तरह देखती रही। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक में से किसी ने उफ तक नहीं कहा।
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ज्योति का मायका इटावा के लालपुर मोहल्ले में है। पिता लाल माधव की मृत्यु हो चुकी है। ज्योति की शादी 28 जनवरी 2012 को पेट्रोल पंप व्यवसायी बृजेश नारायन दुबे के बेटे अंकित से हुई थी। उसका आरोप है कि दो साल से पूरी साजिश के साथ उत्पीड़न किया जा रहा था। उससे उसके पति को दूर रखा जाता। उसे नि:संतान होने के ताने दिए जाते। वह परेशान होकर तीन महीने से मायके में रह रही थी। 14 फरवरी को उसे तलाक का नोटिस भेजा गया।
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बुधवार को भाई भरत उसे छोड़ने आया था। गुरुवार को सास ने उसे भगा दिया। ज्योति का कहना है कि इसके बाद देवर और सास ने उसे कमरे में बंद कर पीटा। उसने फोन पर भरत को बताया तो वह वापस आ गया, मगर उसके लिए गेट नहीं खोला गया। भरत की सूचना पर महिला संगठन की प्रतिमा भार्गव और पुलिस पहुंची और ज्योति को कमरे से निकाला। प्रतिमा ने गुस्से में आकर अनुज की पिटाई के लिए सैंडल हाथ में ले ली। इसी बीच ज्योति आपा खो बैठी। उसने सास और देवर को तमाचे जड़ दिए।
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तब तक पड़ोसी भी वहां पहुंच चुके थे। पुलिस सब चुपचाप देखती रही। पांच घंटे हंगामा चला। ज्योति का दूसरा भाई छत्रपाल भी आ गया। इंस्पेक्टर शाहगंज थाना का कहना है कि छत्रपाल ने लिखकर दिया है कि वह ज्योति को ले जा रहा है। कानूनी कार्रवाई इटावा में करेंगे। उधर, प्रतिमा भार्गव का कहना है कि सास ने बहू के ऊपर थूक दिया था। इस कारण ही बहू ने हाथ उठाया।
सास ने बहू के आरोप गलत बताए
ऊषा ने ज्योति के आरोप गलत बताए हैं। उसका कहना है कि अंकित उससे तलाक लेना चाहता है। ज्योति जबरन रहना चाहती है। वह (ऊषा) जब बीमार पति को अस्पताल में देखने गई, तब ज्योति भाइयों को लेकर घर में घुस गई और बखेड़ा खड़ा कर दिया।
कमरे में बंद मिली छोटी बहू
महिला संगठन की पदाधिकारियों ने पति अंकित के बारे में पता करने के लिए घर की तलाशी लेना शुरू कर दिया। अंकित तो नहीं मिला, लेकिन उसके भाई की पत्नी कमरे में बंद मिली।
उफ तक नहीं बोली पुलिस
शाहगंज इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज सहित पुलिस फोर्स पहुंच गई थी। घर में मायका और ससुराल पक्ष में बखेड़ा चलता रहा। पुलिस इसे तमाशे की तरह देखती रही। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक में से किसी ने उफ तक नहीं कहा।