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दीपावली बाद होगी कालेज संचालकों की गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2016 01:08 AM IST
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एसआईटी ने 84 कालेज संचालकों में से 80 के बयान दर्ज किए
- फोटो : अमर उजाला
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डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में कछुआ चाल से जांच कर रही एसआईटी दीपावली के बाद कुछ रफ्तार पकड़ सकती है। जांच एजेंसी की तैयारी उन कालेज संचालकों को गिरफ्तारी करने की है जिनके कालेजों में वर्ष 2004-05 में बीएड की फर्जी डिग्रियां बेची गईं। इन कालेजों की लिस्ट बनाई जा चुकी है। 84 में से 80 के बयान दर्ज हो चुके हैं। जांच एजेंसी के आला अधिकारियों ने मीटिंग में तय किया है कि इनकी गिरफ्तारी के लिए शासन से अनुमति मांगी जाए। इसके मिलते ही दीपावली बाद गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू किया जाए।
बता दें, एसआईटी 2004 से 2009 तक के बीएड सत्रों में किए गए फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। अभी 2004 की जांच पूरी हुई है। इस सत्र में 8000 अभ्यर्थी थे। इनमें से 5186 की डिग्री फर्जी पाई गई। इसकी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी के साथ ही राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है। तीनों में से किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में आठ केस दर्ज किए गए थे। इनमें ही अब कालेज संचालकों को आरोपी बनाया जा रहा है। तीन लिपिक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कालेज संचालकों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल गए हैं।
इन सभी कालेजों ने कोटे से अधिक छात्रों को मार्कशीट दी है। अभ्यर्थियों के अंक भी बढ़वाए गए हैं। जिनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं था, उनसे परीक्षा दिलवाई गई। यह कालेज आगरा, मथुरा, मैनपुरी, एटा, अलीगढ़, हाथरस के हैं। उधर फर्जीवाड़े की रिपोर्ट हाईकोर्ट में भी रखी जा चुकी है। इस पर सुनवाई होनी बाकी है। बता दें, एसआईटी की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में ही चल रही है। जांच एजेंसी के अधिकारी दशहरे के बाद एक बार फिर जांच के लिए यूनिवर्सिटी आ सकते हैं।
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बता दें, एसआईटी 2004 से 2009 तक के बीएड सत्रों में किए गए फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। अभी 2004 की जांच पूरी हुई है। इस सत्र में 8000 अभ्यर्थी थे। इनमें से 5186 की डिग्री फर्जी पाई गई। इसकी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी के साथ ही राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है। तीनों में से किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में आठ केस दर्ज किए गए थे। इनमें ही अब कालेज संचालकों को आरोपी बनाया जा रहा है। तीन लिपिक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कालेज संचालकों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल गए हैं।
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इन सभी कालेजों ने कोटे से अधिक छात्रों को मार्कशीट दी है। अभ्यर्थियों के अंक भी बढ़वाए गए हैं। जिनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं था, उनसे परीक्षा दिलवाई गई। यह कालेज आगरा, मथुरा, मैनपुरी, एटा, अलीगढ़, हाथरस के हैं। उधर फर्जीवाड़े की रिपोर्ट हाईकोर्ट में भी रखी जा चुकी है। इस पर सुनवाई होनी बाकी है। बता दें, एसआईटी की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में ही चल रही है। जांच एजेंसी के अधिकारी दशहरे के बाद एक बार फिर जांच के लिए यूनिवर्सिटी आ सकते हैं।
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