{"_id":"37938f962b7addc8f0c4301caa8325be","slug":"all-serious-case-finish-at-12-days-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" 12 दिन में निपटाने होंगे हजारों संगीन मामले","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
12 दिन में निपटाने होंगे हजारों संगीन मामले
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 19 Jun 2015 02:25 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहर सिंह बनाम राज्य सरकार मामले में उच्च न्यायालय ने यह आदेश 25 मई
को दिया था। तब पुलिस ने बहुत गंभीरता से नहीं लिया, क्योंकि समय एक महीना
पांच दिन का मिला था। लेकिन जब सभी जिलों में ऐसी लंबित विवेचनाओं की
समीक्षा हुई तो अधिकारी सकते में आ गए।
डीजीपी एके जैन ने 16 जून को चेतावनी जारी कर दी कि संगीन मामलों की विवेचना लटकाने वाले जांच अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। आईजी डीसी मिश्रा ने जोन के सभी कप्तानों के साथ ही आगरा एफएसएल के संयुक्त निदेशक डाक्टर अतुल कुमार मित्तल को पत्र भेजा है।
इसमें मुकदमों की सूची भेजकर इनसे संबंधित फोरेंसिक इंवेस्टिगेशन की रिपोर्ट 25 जून तक देने के लिए कहा गया है, ताकि 30 को हाईकोर्ट के सामने रिपोर्ट रखी जा सके। इनमें हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार, नार्कोटिक्स, जानलेवा हमला जैसे मामले हैं। डाक्टर अतुल कुमार मित्तल ने बताया कि आईजी के पत्र पर सभी वैज्ञानिकों से प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर 25 जून से पहले रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। उधर, ऐसे भी मामले बड़ी संख्या में हैं जिनमें फरार मुल्जिमों की गिरफ्तारी न हो पाने के चलते जांच लटकी हुई है।
आगरा जोन का हाल
--। 170
से अधिक मामले लंबित हैं, इनमें 80 केस 2012 और 2013 के हैं।
--। 110
मामलों में अभी तक फोरेंसिक इंवेस्टिगेशन पूरी नहीं हो पाई है।
--। 30
जून को पुलिस को हाईकोर्ट के सामने रखनी है अपनी रिपोर्ट।
--। 25
जून तक एफएसएल को देनी है आईजी डीसी शर्मा को रिपोर्ट।
--। 07
ऐसे अपराधों की विवेचना निपटानी है, जिनमें सात साल या इससे अधिक सजा का प्रावधान है।
--। 06 माह
हाईकोर्ट ने छह माह पुराने सभी मामले निपटाने का आदेश दिया है।
इनका नहीं हुआ खुलासा
- 2014 में सिकंदरा में सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में कई लोगों से पूछताछ हुई, लेकिन अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
- मई 2014 में सदर स्थित विजय बैंक में बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। इनमें भी पुलिस वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को नहीं पकड़ सकी है।
- दिसंबर 2014 में न्यू आगरा की इंद्रपुरी कालोनी में रिटायर्ड विद्युत अधिकारी के घर में बदमाशों ने डाका डाला था। पुलिस वारदात का खुलासा नहीं कर सकी है।
- दिसंबर 2014 में ही आईएसबीटी के पास से हाथरस के शेयर कारोबारी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने उसे धौलपुर के बीहड़ से बरामद किया, लेकिन बदमाश नहीं पकड़े जा सके।
डीजीपी एके जैन ने 16 जून को चेतावनी जारी कर दी कि संगीन मामलों की विवेचना लटकाने वाले जांच अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। आईजी डीसी मिश्रा ने जोन के सभी कप्तानों के साथ ही आगरा एफएसएल के संयुक्त निदेशक डाक्टर अतुल कुमार मित्तल को पत्र भेजा है।
इसमें मुकदमों की सूची भेजकर इनसे संबंधित फोरेंसिक इंवेस्टिगेशन की रिपोर्ट 25 जून तक देने के लिए कहा गया है, ताकि 30 को हाईकोर्ट के सामने रिपोर्ट रखी जा सके। इनमें हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार, नार्कोटिक्स, जानलेवा हमला जैसे मामले हैं। डाक्टर अतुल कुमार मित्तल ने बताया कि आईजी के पत्र पर सभी वैज्ञानिकों से प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर 25 जून से पहले रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। उधर, ऐसे भी मामले बड़ी संख्या में हैं जिनमें फरार मुल्जिमों की गिरफ्तारी न हो पाने के चलते जांच लटकी हुई है।
आगरा जोन का हाल
--। 170
से अधिक मामले लंबित हैं, इनमें 80 केस 2012 और 2013 के हैं।
--। 110
मामलों में अभी तक फोरेंसिक इंवेस्टिगेशन पूरी नहीं हो पाई है।
--। 30
जून को पुलिस को हाईकोर्ट के सामने रखनी है अपनी रिपोर्ट।
--। 25
जून तक एफएसएल को देनी है आईजी डीसी शर्मा को रिपोर्ट।
--। 07
ऐसे अपराधों की विवेचना निपटानी है, जिनमें सात साल या इससे अधिक सजा का प्रावधान है।
--। 06 माह
हाईकोर्ट ने छह माह पुराने सभी मामले निपटाने का आदेश दिया है।
इनका नहीं हुआ खुलासा
- 2014 में सिकंदरा में सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में कई लोगों से पूछताछ हुई, लेकिन अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
- मई 2014 में सदर स्थित विजय बैंक में बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। इनमें भी पुलिस वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को नहीं पकड़ सकी है।
- दिसंबर 2014 में न्यू आगरा की इंद्रपुरी कालोनी में रिटायर्ड विद्युत अधिकारी के घर में बदमाशों ने डाका डाला था। पुलिस वारदात का खुलासा नहीं कर सकी है।
- दिसंबर 2014 में ही आईएसबीटी के पास से हाथरस के शेयर कारोबारी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने उसे धौलपुर के बीहड़ से बरामद किया, लेकिन बदमाश नहीं पकड़े जा सके।