ऑनलाइन ट्रक भेजने के नाम पर दो साल में दो करोड़ रुपये की ठगी, सरगना सहित चार गिरफ्तार
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आगरा में ऑनलाइन ट्रांसपोर्टर से माल इधर से उधर भेजने के नाम पर ठगी करने वाले साइबर गिरोह के सरगना सहित चार आरोपियों को साइबर सेल और थाना एत्माद्दौला पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दो साल में लोगों से ठगी करके दो करोड़ से अधिक रुपये कमा चुके हैं।
साइबर सेल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अंकुश तोमर के साथ बबलू, नीरज और रामअवतार हैं। अंकुश पहले ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाता था। उसने ऑनलाइन पंजीकरण कराकर लोगों से ठगी करने वाला गिरोह दो साल पहले बनाया था। रामअवतार उसकी कंपनी पर ट्रक चलाता था।
गिरोह बनने के बाद अपने खाते 10 हजार रुपये महीने पर देने लगा। जो लोग कॉल करके माल इधर से उधर भेजने के लिए बात करते थे, गिरोह उन लोगों के साथ ठगी करता था। आरोपी आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु के लोगों को शिकार बना चुक हैं।
गिरोह पकड़े जा रहे, रकम की बरामदगी शून्य
अंकुश तोमर ने भी तीन मंजिला मकान बनवाया है। उसके पास कार भी है। मगर, यह कार अपने रिश्तेदार के नाम पर खरीदी है। उस पर दो मुकदमे दर्ज हैं। वहीं रामवतार का भी तीन मंजिला मकान है। वह राजस्थान पुलिस का इनामी भी है। उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।
यह हुई थी घटना
गिर्राज शर्मा और प्रवीन अग्रवाल ने एसएसपी से शिकायत की थी। गिर्राज शर्मा ने लॉक डाउन में महाराष्ट्र से प्याज मंगाने के लिए जस्ट डायल पर ट्रांसपोर्टर की खोज की थी। उनसे 50 हजार रुपये खाते में जमा करा लिए गए थे।
इसी तरह प्रवीन अग्रवाल ने सरिया मुरैना से अलीगढ़ मंगवाने के लिए संपर्क किया था। उनसे 12 हजार रुपये जमा करा लिए गए थे। पुलिस ने चार अगस्त को गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद चार और आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया।
ओएलएक्स, ई ट्रक और जस्ट डायल पर कराते हैं पंजीकरण
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य प्रिंस एंटरप्राइजेज, युवराज रोड लाइंस, मूवमेंट लॉजिस्टिक, सहज एंटरप्राइजेज, यूएन इंडिया एक्सपोर्ट, श्री अंबे ट्रांसपोर्ट, श्रीराम देव ट्रांसपोर्ट कंपनी, कपिल शर्मा ट्रेडर्स, एसवीएमआर लाजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड, शिवा एंटरप्राइजेज, मूवर्स एंड पैकर्स, एपीआर एटंरप्राइजेज, बिंदल ट्रांस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड आदि नाम से ओएलएक्स, ई ट्रक और जस्ट डायल पर पंजीकरण कराते हैं।
इन पर मोबाइल नंबर देकर रखते हैं। जो लोग काल करके जानकारी मांगते हैं, उन्हें कम कीमत में मॉल पहुंचाने का झांसा देते हैं। आनलाइन रकम को एडवांस में जमा करा लिया जाता है। आरोपियों ने यूनियन बैंक, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, सिंडीकेट बैंक, यूबीआई, ओबीसी, आईडीबीआई, सीबीआई, बीओबी, आईसीआईसीआई बैंक में खाते खुलवाए थे।
यह आरोपी हुए गिरफ्तार
- अंकुश तोमर निवासी चंदन नगर, एत्माद्दौला। गिरोह का मुख्य सरगना।
- नीरज उर्फ नन्हे निवासी रायभा, किरावली। खाते उपलब्ध कराता था। खातों में ऑनलाइन जमा होने वाली रकम को निकालता था।
- बबलू शर्मा निवासी श्याम नगर, थाना एत्माद्दौला। बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
फरार आरोपी
- मयंक गौतम निवासी काननवन रेजीडेंसी, कालिंदी विहार।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने बताया कि छह मोबाइल बरामद हुए हैं। 24 बैंक खाते हैं। बैंक खाते बंद कर दिए हैं। नौ बैंक खाते हाल में चालू थे। दो आधार कार्ड, पेन कार्ड, एक बाइक बरामद की गई है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना एत्माद्दौला उदयवीर मलिक, प्रभारी साइबर सेल प्रदीप कुमार, एसआई विनीत राणा, एसआई अमित कुमार, बबलू कुमार, विजय तोमर, जितेंद्र बाबू, इंतजार और कुलदीप रहे।