{"_id":"20f88d6b12b6cc0d7f0ae2433f9808cd","slug":"agra-band-against-sushil-murder-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिला-जुला रहा आगरा बंद का असर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मिला-जुला रहा आगरा बंद का असर
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 18 Aug 2015 01:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजामंडी के व्यापारी सुशील हत्याकांड से गुस्साए व्यापारियों का ‘आगरा बंद’ थोक बाजारों में सफल रहा, जबकि फुटकर की दुकानों पर इसका मिलाजुला असर देखने को मिला।
सोमवार को रावतपाड़ा, लुहार गली, किनारी बाजार, सुभाष बाजार, मोतीगंज, यमुना किनारा, सेठ गली, फव्वारा, हास्पिटल रोड, नूरी गेट, घटिया आजम खां, दरेसी, छत्ता बाजार, बेलनगंज आदि बाजारों में दुकानों के शटर नहीं खुले। दोपहर 12 बजे आगरा व्यापार मंडल के आह्वान पर राजामंडी बाजार में व्यापारियों की सभा हुई। इसमें केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया और सीकरी के सांसद चौ. बाबूलाल ने हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने और पुलिस अधिकारियों के तबादले की मांग का समर्थन किया। चौ. बाबूलाल ने कहा कि उनके आंदोलन में किसान भी साथ हैं और जहां व्यापारियों का पसीना गिरेगा, वह खून बहाने को तैयार हैं। व्यापार मंडल महामंत्री गागन दास रामानी ने बताया कि तीन निर्णय हुए हैं। मांगें पूरी होने तक 19 अगस्त से फव्वारा चौक पर क्रमिक अनशन किया जाएगा। सभी व्यापारी मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर कानून व्यवस्था का सच बताएंगे। एसएसपी-डीआईजी को हटाने की मांग करेंगे। हर व्यापारी अपने पास सीटी रखेगा, ताकि किसी खतरे पर सीटी बजाकर गुंडों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
इन्होंने की हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग
सभा में डा. सुमंत गुप्ता, भुवेश अग्रवाल, टीएन अग्रवाल, डा. कुंदनिका शर्मा, जितेंद्र त्रिलोकानी, चुन्नी लाल गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, रवि प्रकाश अग्रवाल, सोहन लाल जैन, रविंद्र पाल सिंह टिम्मा, प्रेमचंद्र गुप्ता, संतशरण बरूआ, रमन लाल गोयल, राजेश हेमदेव, चरनजीत थापर, श्याम भोजवानी, विजय शिवहरे आदि व्यापारियों ने पुलिस अधिकारियों को हटाने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। सभा की अध्यक्षता सिंधी सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष जीवतराम करीरा ने की।
विज्ञापन
कुछ ने खोली दुकानें तो कई ने लगाए काले झंडे
बंद के दौरान लोहामंडी, बोदला, जगदीशपुरा बाजार में मिलाजुला असर रहा। यहां कुछ दुकानें सुबह से ही खुल गई थीं। वहीं, शाहगंज और भोगीपुरा बाजार में बंद का असर दिखाई दिया। यहां अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कुछ दुकानदारों ने दुकानों के बाहर काले झंडे भी लगा रखे थे। शाह मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने बताया कि मार्केट के दुकानदारों ने एकता का परिचय देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
समर्थन, पर भाजपा से जैसी उम्मीद वैसा नहीं
आगरा (ब्यूरो)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया आए, सांसद चौधरी बाबूलाल भी और कुछ चुनिंदा पदाधिकारी भी। उम्मीद इससे ज्यादा साथ मिलने की थी। बात राजामंडी में व्यापारियों के धरने की है। सुशील हत्याकांड पर पहले ही दिन से मुखालफत में अपने तेवर से भाजपा ने व्यापारियों को हितैषी होने का संदेश देने की कोशिश की थी। प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का यह मौका कोशिश और पुख्ता कर सकती थी। इसीलिए कठेरिया ने पुलिस लाइन में धरना तक दिया। उसी के बाद आगरा बंद की रणनीति भी बनी। पर बंद के दौरान धरने पर व्यापारियों को समर्थन देने जिस तरह भाजपा नेता अलग-अलग आते जाते रहे वह व्यापारियों में चर्चा का विषय बना रहा। कई तो इसे पार्टी के अंतर्कलह का नतीजा बताने से नहीं चूके।
विज्ञापन
सोमवार को रावतपाड़ा, लुहार गली, किनारी बाजार, सुभाष बाजार, मोतीगंज, यमुना किनारा, सेठ गली, फव्वारा, हास्पिटल रोड, नूरी गेट, घटिया आजम खां, दरेसी, छत्ता बाजार, बेलनगंज आदि बाजारों में दुकानों के शटर नहीं खुले। दोपहर 12 बजे आगरा व्यापार मंडल के आह्वान पर राजामंडी बाजार में व्यापारियों की सभा हुई। इसमें केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया और सीकरी के सांसद चौ. बाबूलाल ने हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने और पुलिस अधिकारियों के तबादले की मांग का समर्थन किया। चौ. बाबूलाल ने कहा कि उनके आंदोलन में किसान भी साथ हैं और जहां व्यापारियों का पसीना गिरेगा, वह खून बहाने को तैयार हैं। व्यापार मंडल महामंत्री गागन दास रामानी ने बताया कि तीन निर्णय हुए हैं। मांगें पूरी होने तक 19 अगस्त से फव्वारा चौक पर क्रमिक अनशन किया जाएगा। सभी व्यापारी मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर कानून व्यवस्था का सच बताएंगे। एसएसपी-डीआईजी को हटाने की मांग करेंगे। हर व्यापारी अपने पास सीटी रखेगा, ताकि किसी खतरे पर सीटी बजाकर गुंडों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
विज्ञापन
इन्होंने की हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग
सभा में डा. सुमंत गुप्ता, भुवेश अग्रवाल, टीएन अग्रवाल, डा. कुंदनिका शर्मा, जितेंद्र त्रिलोकानी, चुन्नी लाल गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, रवि प्रकाश अग्रवाल, सोहन लाल जैन, रविंद्र पाल सिंह टिम्मा, प्रेमचंद्र गुप्ता, संतशरण बरूआ, रमन लाल गोयल, राजेश हेमदेव, चरनजीत थापर, श्याम भोजवानी, विजय शिवहरे आदि व्यापारियों ने पुलिस अधिकारियों को हटाने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। सभा की अध्यक्षता सिंधी सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष जीवतराम करीरा ने की।
विज्ञापन
कुछ ने खोली दुकानें तो कई ने लगाए काले झंडे
बंद के दौरान लोहामंडी, बोदला, जगदीशपुरा बाजार में मिलाजुला असर रहा। यहां कुछ दुकानें सुबह से ही खुल गई थीं। वहीं, शाहगंज और भोगीपुरा बाजार में बंद का असर दिखाई दिया। यहां अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कुछ दुकानदारों ने दुकानों के बाहर काले झंडे भी लगा रखे थे। शाह मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने बताया कि मार्केट के दुकानदारों ने एकता का परिचय देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
समर्थन, पर भाजपा से जैसी उम्मीद वैसा नहीं
आगरा (ब्यूरो)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया आए, सांसद चौधरी बाबूलाल भी और कुछ चुनिंदा पदाधिकारी भी। उम्मीद इससे ज्यादा साथ मिलने की थी। बात राजामंडी में व्यापारियों के धरने की है। सुशील हत्याकांड पर पहले ही दिन से मुखालफत में अपने तेवर से भाजपा ने व्यापारियों को हितैषी होने का संदेश देने की कोशिश की थी। प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का यह मौका कोशिश और पुख्ता कर सकती थी। इसीलिए कठेरिया ने पुलिस लाइन में धरना तक दिया। उसी के बाद आगरा बंद की रणनीति भी बनी। पर बंद के दौरान धरने पर व्यापारियों को समर्थन देने जिस तरह भाजपा नेता अलग-अलग आते जाते रहे वह व्यापारियों में चर्चा का विषय बना रहा। कई तो इसे पार्टी के अंतर्कलह का नतीजा बताने से नहीं चूके।