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बैकफुट पर पुलिस, अबरार को जमानत
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 27 Jul 2015 01:55 AM IST
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वजीरपुरा बलवे में गिरफ्तार कांग्रेस के शहर अध्यक्ष हाजी अबरार हुसैन को भारी दबाव के बाद आखिरकार पुलिस को जमानत देनी पड़ी। हवालात में आधी रात के बाद कांग्रेस नेता की हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अन्य 16 बलवाइयों को एसीजेएम नवम सीएम चतुर्वेदी ने जेल भेजा गया। वहीं कांग्रेस नेता की जमानत की जानकारी पर वजीरपुरा के लोगों में आक्रोश फैल गया।
वजीरपुरा में टोरंट पावर के भूमिगत केबल डालने का विरोध करने पर शनिवार दोपहर को भारी बवाल हुआ था। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी। पुलिस ने बमुश्किल हालात काबू किए थे। लोगों को उकसाने में कांग्रेस नेता हाजी अबरार समेत 17 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। इस पर कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी और एसएसपी से बातचीत की, लेकिन आरोपी को नहीं छोड़ा गया। सूत्रों ने बताया कि लखनऊ से दबाव पड़ने के बाद आधी रात को अधिकारियों ने पुलिस को निर्देश दिए। रात तकरीबन ढाई बजे हवालात में बंद हाजी अबरार का ब्लड प्रेशर गिर गया। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें कंप्यूटर रूम में बिठाया। यहां उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। तब पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। अफसरों से बातचीत के बाद साढ़े तीन बजे कांग्रेस नेता को संजय प्लेस के एक नर्सिंग होम में दाखिल किया गया। सुबह छह बजे उन्हें जमानत दी गई।
उधर, पुलिस ने 16 आरोपियों को एसीजेएम (नवम) की कोर्ट में पेश किया। उनके जमानत प्रार्थना पत्रों को जज ने खारिज कर दिया। पैरवी करते हुए रमाशंकर शर्मा एवं रामदत्त दिवाकर ने कहा कि आरोपियों पर धारा 307 और 308 लगाई गई है, जबकि ऐसी चोटें नहीं हैं। पुलिस ने गोली चलाई है। कोर्ट ने पुलिस से एक्सरे और मेडिकल मांगे तो पुलिस उन्हें नहीं दिखा सकी।
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मेडिकल ग्राउंड पर दी जमानत
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कांग्रेस नेता को मेडिकल ग्राउंड पर जमानत दी गई है। हवालात में हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। उन्हें कोर्ट से जमानत करानी पड़ेगी।
सिपाहियों में गुस्सा
बलवाइयों को उकसाने वाले कांग्रेस नेता को थाने से जमानत देने पर पुलिस महकमे में कई चर्चाएं थीं। पुलिसकर्मियों में इसे लेकर काफी आक्रोश है। सिपाहियों का कहना था कि पुलिस पर पथराव किया गया। कई सिपाही घायल हुए। इसके बाद भी मुख्य आरोपी को थाने से छोड़ दिया गया।
वजीरपुरा के लोगों का हंगामा
बवाल में गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने शनिवार रात को दबिश नहीं दी। पूरी रात मोहल्ले की बिजली काट दी गई थी। इसके चलते महिलाएं और बच्चे गर्मी में परेशान रहे। लोगों का आरोप था कि पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ की। उन्होंने दोबारा टोरंट की खोदाई शुरू होने पर हंगामा भी किया। लेकिन पुलिस के पहुंचने पर वे शांत हो गए।
टोरंट के लिए काम करती है पुलिस
वजीरपुरा के पीड़ित परिवारों का कहना है कि पुलिस क्या टोरंट पावर के लिए काम करती है। एक प्राइवेट कंपनी के लोग आम जनता का उत्पीड़न करते हैं। झूठे मुकदमे लगाते हैं। तब भी पुलिस प्रशासन निजी कंपनी के इशारे पर काम कर रहा है। लोगों में टोरंट का इस तरह पक्ष लेने पर भारी आक्रोश है। मुस्लिम मंच से जुड़े नासिर खान का कहना है कि पुलिस को आम जनता का हित देखना चाहिए, न कि टोरंट पावर का। कंपनी व्यवसायिक लाभ के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।
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वजीरपुरा में टोरंट पावर के भूमिगत केबल डालने का विरोध करने पर शनिवार दोपहर को भारी बवाल हुआ था। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी। पुलिस ने बमुश्किल हालात काबू किए थे। लोगों को उकसाने में कांग्रेस नेता हाजी अबरार समेत 17 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। इस पर कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी और एसएसपी से बातचीत की, लेकिन आरोपी को नहीं छोड़ा गया। सूत्रों ने बताया कि लखनऊ से दबाव पड़ने के बाद आधी रात को अधिकारियों ने पुलिस को निर्देश दिए। रात तकरीबन ढाई बजे हवालात में बंद हाजी अबरार का ब्लड प्रेशर गिर गया। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें कंप्यूटर रूम में बिठाया। यहां उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। तब पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। अफसरों से बातचीत के बाद साढ़े तीन बजे कांग्रेस नेता को संजय प्लेस के एक नर्सिंग होम में दाखिल किया गया। सुबह छह बजे उन्हें जमानत दी गई।
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उधर, पुलिस ने 16 आरोपियों को एसीजेएम (नवम) की कोर्ट में पेश किया। उनके जमानत प्रार्थना पत्रों को जज ने खारिज कर दिया। पैरवी करते हुए रमाशंकर शर्मा एवं रामदत्त दिवाकर ने कहा कि आरोपियों पर धारा 307 और 308 लगाई गई है, जबकि ऐसी चोटें नहीं हैं। पुलिस ने गोली चलाई है। कोर्ट ने पुलिस से एक्सरे और मेडिकल मांगे तो पुलिस उन्हें नहीं दिखा सकी।
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मेडिकल ग्राउंड पर दी जमानत
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कांग्रेस नेता को मेडिकल ग्राउंड पर जमानत दी गई है। हवालात में हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। उन्हें कोर्ट से जमानत करानी पड़ेगी।
सिपाहियों में गुस्सा
बलवाइयों को उकसाने वाले कांग्रेस नेता को थाने से जमानत देने पर पुलिस महकमे में कई चर्चाएं थीं। पुलिसकर्मियों में इसे लेकर काफी आक्रोश है। सिपाहियों का कहना था कि पुलिस पर पथराव किया गया। कई सिपाही घायल हुए। इसके बाद भी मुख्य आरोपी को थाने से छोड़ दिया गया।
वजीरपुरा के लोगों का हंगामा
बवाल में गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने शनिवार रात को दबिश नहीं दी। पूरी रात मोहल्ले की बिजली काट दी गई थी। इसके चलते महिलाएं और बच्चे गर्मी में परेशान रहे। लोगों का आरोप था कि पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ की। उन्होंने दोबारा टोरंट की खोदाई शुरू होने पर हंगामा भी किया। लेकिन पुलिस के पहुंचने पर वे शांत हो गए।
टोरंट के लिए काम करती है पुलिस
वजीरपुरा के पीड़ित परिवारों का कहना है कि पुलिस क्या टोरंट पावर के लिए काम करती है। एक प्राइवेट कंपनी के लोग आम जनता का उत्पीड़न करते हैं। झूठे मुकदमे लगाते हैं। तब भी पुलिस प्रशासन निजी कंपनी के इशारे पर काम कर रहा है। लोगों में टोरंट का इस तरह पक्ष लेने पर भारी आक्रोश है। मुस्लिम मंच से जुड़े नासिर खान का कहना है कि पुलिस को आम जनता का हित देखना चाहिए, न कि टोरंट पावर का। कंपनी व्यवसायिक लाभ के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।