{"_id":"5998893d4f1c1bf60b8b4797","slug":"61503168829-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ी वारदात की फिराक में विनोद जाट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बड़ी वारदात की फिराक में विनोद जाट
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। झांसी के सराफ राजेंद्र अग्रवाल और राजू के अपहरण के मामले में एसटीएफ की गिरफ्त मेें आए 50 हजार के इनामी अपराधी लोकेंद्र से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विनोद जाट किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। आगरा और उसके आसपास के जिले में वह ठिकाना बनाए है।
एसटीएफ ने शुक्रवार सुबह मऊ रोड से लोकेंद्र को गिरफ्तार किया था। वह मोस्टवांटेड अपराधी विनोद जाट का दायां हाथ कहा जाता है। लोकेंद्र पर 20 से अधिक केस दर्ज हैं। एसटीएफ ने उससे पूछताछ की है। पता चला है कि विनोद जाट किराये पर फ्लैट लेकर रहता है। किसी को शक न हो, उसके लिए फैक्ट्री में नौकरी कर लेता है। जिस किसी के साथ वारदात करनी होती है, उसकी कई दिन तक रेकी करता है।
वह एक और बड़ी वारदात की फिराक में है। विनोद जाट गैंग ने 12 जुलाई को झांसी के सराफ राजेंद्र और राजू का अपहरण कर 25 करोड़ की फिरौती मांगी थी। दोनों सराफों को सिकंदरा के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में 25 जुलाई को मुठभेड़ के बाद मुक्त कराया गया था। इस मुठभेड़ पर सवाल उठे थे क्योंकि कोई बदमाश गिरफ्तार नहीं हो पाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसटीएफ ने शुक्रवार सुबह मऊ रोड से लोकेंद्र को गिरफ्तार किया था। वह मोस्टवांटेड अपराधी विनोद जाट का दायां हाथ कहा जाता है। लोकेंद्र पर 20 से अधिक केस दर्ज हैं। एसटीएफ ने उससे पूछताछ की है। पता चला है कि विनोद जाट किराये पर फ्लैट लेकर रहता है। किसी को शक न हो, उसके लिए फैक्ट्री में नौकरी कर लेता है। जिस किसी के साथ वारदात करनी होती है, उसकी कई दिन तक रेकी करता है।
विज्ञापन
वह एक और बड़ी वारदात की फिराक में है। विनोद जाट गैंग ने 12 जुलाई को झांसी के सराफ राजेंद्र और राजू का अपहरण कर 25 करोड़ की फिरौती मांगी थी। दोनों सराफों को सिकंदरा के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में 25 जुलाई को मुठभेड़ के बाद मुक्त कराया गया था। इस मुठभेड़ पर सवाल उठे थे क्योंकि कोई बदमाश गिरफ्तार नहीं हो पाया था।
विज्ञापन