फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   4 year kaid

ईएमआई फ्री कार के डायरेक्टर को चार साल की सजा

Wed, 09 Nov 2016 01:07 AM IST
ईएमआई फ्री कार के डायरेक्टर को चार साल की सजा
ईएमआई फ्री कार के डायरेक्टर को चार साल की सजा Updated Wed, 09 Nov 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
4 year kaid
Jail Shimla
ईएमआई फ्री कार प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर ध्यान प्रताप सिंह यादव उर्फ डीपी सिंह को चार साल की सजा सुनाई गई है। उस पर ईएमआई फ्री कार दिलाए जाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप है। उसके खिलाफ आगरा और अलीगढ़ के सैकड़ों लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी। उसे दस हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा।
विज्ञापन

डीपी सिंह एटा के मरहरा के कांजीखेड़ा का रहने वाला है। उसने ईएमआई फ्री कार एडवरटाइज लिमिटेड, एसटीसी मीडिया वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड और ईएमआई फ्री कार प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनियां खोली थीं।
विज्ञापन

फ्रॉड कीरिपोर्ट आगरा के संजीव कुमार तालान ने पिछले साल अगस्त में दर्ज कराई थी। इसमें डीपी सिंह के अतिरिक्त कंपनी के मैनेजर प्रविंद्र सिंह यादव उर्फ बॉबी और शिवम सिंह चौहान तथा जोनल हेड एसपी सिंह को आरोपी बनाया गया था। तीनों करकुंज बोदला के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन पर आरोप था कि इन्होंने कंपनी की फ्रेंचाइजी के बदले तीन-तीन लाख रुपये लिए। फ्रेंचाइजी मालिकों ने कंपनी के कहने पर बैंकों से कार फाइनेंस कराईं। इनमें प्रति कार 31-31 हजार रुपये कंपनी ने लिए। कार लेने वालों को ईएमआई की रकम के चेक  थमा दिए गए। उनसे कहा गया कि बैंक में जमा करते रहना। लेकिन चेक बाउंस हो गए। इस पर कंपनी के दफ्तर पर हंगामा हुआ।
पुलिस की जांच के दौरान सैकड़ों लोगों ने शिकायत की थी कि उनके साथ भी धोखा हुआ है। उन्हें ईएमआई फ्री का लालच देकर उनके नाम से ही बैंक से लोन करा दिया गया। इसके बाद कोई ईएमआई जमा नहीं की गई। कार दिलाने के बदले उनसे पैसे लिए गए। फ्रेंचाइजी के पैसे अलग लिए गए। कार पर कई कंपनियों के विज्ञापन लगवाए गए। इनका भी पैसा लिया गया।

आरोप था कि सारी रकम कंपनी अधिकारी हड़प गए। पुलिस ने जांच के बाद डीपी सिंह के खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल की। केस की सुनवाई एसीजेएम (अष्टम ) अरविंद विकास की कोर्ट में हुई। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर डीपी सिंह जुर्म साबित हुआ और उन्हें चार साल की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed