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बंदीरक्षक ने कोतवाली पुलिस को छकाया
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:06 PM IST
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बंदी रक्षक
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मैनपुरी। रविवार को कोतवाली पहुंचे एक बंदीरक्षक ने पुलिस को कई घंटों तक परेशान किया। परेशान कोतवाली पुलिस ने इसकी सूचना जेल पुलिस को दी। इसके बाद जेल अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को भेजकर उसे बुलाया। सिपाही के जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
जिला कारागार में तैनात बंदीरक्षक कृपाशंकर नशा करने का आदी है। शनिवार को उसने कुछ अधिक ही नशा कर लिया था। रविवार को उसे जिला अस्पताल में चिकित्सक के पास उपचार के लिए भेजा। वह जिला अस्पताल जाने की बजाय थाना कोतवाली जा पहुंचा। वहां उसने पुलिसकर्मियों से साथी के साथ मारपीट करने की बात कही।
पहले तो पुलिसकर्मी उसकी बातों पर विश्वास कर गए, मगर जब वह एक शिकायतकर्ता को देखकर डर कर मुंशी कक्ष में छिप गया। जब उसने छिपने का कारण पूछा तो उसने बताया कि महिला अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा लिखाने आई है। वह अगर थाने से बाहर निकलेगा तो विपक्षी उसे मार देंगे। उसकी इस हरकतों से पुलिस काफी देर तक परेशान रही।
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जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि बंदीरक्षक नशे का आदी है। उसे जिला अस्पताल चिकित्सक के पास भेजा था। मगर वह थाने जा पहुंचा। वह इसी तरह की हरकतें करता है। कुछ देर बाद जेल पुलिस के सिपाही थाने पहुंचे और उसे ले गए।
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जिला कारागार में तैनात बंदीरक्षक कृपाशंकर नशा करने का आदी है। शनिवार को उसने कुछ अधिक ही नशा कर लिया था। रविवार को उसे जिला अस्पताल में चिकित्सक के पास उपचार के लिए भेजा। वह जिला अस्पताल जाने की बजाय थाना कोतवाली जा पहुंचा। वहां उसने पुलिसकर्मियों से साथी के साथ मारपीट करने की बात कही।
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पहले तो पुलिसकर्मी उसकी बातों पर विश्वास कर गए, मगर जब वह एक शिकायतकर्ता को देखकर डर कर मुंशी कक्ष में छिप गया। जब उसने छिपने का कारण पूछा तो उसने बताया कि महिला अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा लिखाने आई है। वह अगर थाने से बाहर निकलेगा तो विपक्षी उसे मार देंगे। उसकी इस हरकतों से पुलिस काफी देर तक परेशान रही।
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जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि बंदीरक्षक नशे का आदी है। उसे जिला अस्पताल चिकित्सक के पास भेजा था। मगर वह थाने जा पहुंचा। वह इसी तरह की हरकतें करता है। कुछ देर बाद जेल पुलिस के सिपाही थाने पहुंचे और उसे ले गए।