{"_id":"5a258a724f1c1bd1408bae96","slug":"121512409714-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं थम रहा है महिलाओं पर उत्पीड़न","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नहीं थम रहा है महिलाओं पर उत्पीड़न
Updated Mon, 04 Dec 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
rape
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। नारी सशक्तीकरण के प्रयास जिले में नाकाफी साबित हो रहे हैं। महिला हेल्पलाइन सेवा के तहत इस वर्ष नवंबर तक 182 मामले दर्ज हुए हैं। इसमें दहेज हत्या, छेड़खानी समेत अन्य मामले दर्ज हैं। अधिकारियों की मानें तो कई शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। कई पर कार्रवाई की जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निस्तारण के लिए जोन के आईजी की निगरानी में 1090 हेल्पलाइन के जरिए पीड़िताएं अपनी शिकायतों को दर्ज करातीं हैं। संबंधित जिले के एसपी को मामले में कार्रवाई के लिए आदेशित किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत इस वर्ष नवंबर 182 मामले दर्ज कराए गए हैं।
जिला स्तरीय अधिकारियों की मानें तो प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। दर्ज मामले में की गई कार्रवाई का ब्योरा भी उच्चाधिकारियों को भेजा जाता है। एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि आईजी स्तर पर 1090 की मानीटरिंग होती है। प्रयास रहता है कि हर शिकायत पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई कर दोषी को दंडित किया जाए।
विज्ञापन
जिले में पूर्व में महिलाओं की सुरक्षा के लिए दबंगई दमन दल और शक्ति परी की टीम का गठन भी किया जा चुका है। शक्ति परी की टीम मनचलों को सबक सिखाने के लिए गठित किया गया था। वहीं दबंगई दमन दल को महिला उत्पीड़न व अन्य शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए बनाया गया था। मगर दोनों ही टीमें कुछ ही समय बाद गायब हो गईं।
विज्ञापन
महिलाओं की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निस्तारण के लिए जोन के आईजी की निगरानी में 1090 हेल्पलाइन के जरिए पीड़िताएं अपनी शिकायतों को दर्ज करातीं हैं। संबंधित जिले के एसपी को मामले में कार्रवाई के लिए आदेशित किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत इस वर्ष नवंबर 182 मामले दर्ज कराए गए हैं।
विज्ञापन
जिला स्तरीय अधिकारियों की मानें तो प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। दर्ज मामले में की गई कार्रवाई का ब्योरा भी उच्चाधिकारियों को भेजा जाता है। एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि आईजी स्तर पर 1090 की मानीटरिंग होती है। प्रयास रहता है कि हर शिकायत पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई कर दोषी को दंडित किया जाए।
विज्ञापन
जिले में पूर्व में महिलाओं की सुरक्षा के लिए दबंगई दमन दल और शक्ति परी की टीम का गठन भी किया जा चुका है। शक्ति परी की टीम मनचलों को सबक सिखाने के लिए गठित किया गया था। वहीं दबंगई दमन दल को महिला उत्पीड़न व अन्य शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए बनाया गया था। मगर दोनों ही टीमें कुछ ही समय बाद गायब हो गईं।