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कब्जा हटाने से आहत किसान
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:59 PM IST
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रुनकता। गांव लोहकरेरा में शुक्रवार शाम को किसान बदन सिंह ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। परिवारीजनों का आरोप है कि तहसील की टीम ने गांव के एक खेत से बिना किसी पूर्व सूचना के उनका कब्जा हटाकर विपक्षी को दिला दिया। उनकी फसल को भी बर्बाद कर दिया। इससे आहत होकर ही उसने यह कदम उठाया।
गांव में एक खेत को लेकर खूब सिंह और निनुआ पक्ष में विवाद चल रहा था। उपजिलाधिकारी किरावली के यहां मामले की सुनवाई हो रही थी। दस साल बाद खूब सिंह के पक्ष में फैसला हुआ। शुक्रवार को एसडीएम किरावली, तहसील की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में खूब सिंह को कब्जा दिला दिया। इससे निनुआ के पिता बदन सिंह काफी आहत हो गए। नाती सुशील ने बताया कि दादा बदन सिंह ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवारीजनों का आरोप है कि अधिकारियों ने एक पक्षीय कार्रवाई की है।
उधर, एसडीएम किरावली अरुण कुमार सिंह का कहना कि आदेशानुसार कार्रवाई की गई थी। सूचना मिली थी कि किसान ने विषाक्त पदार्थ खाया है। ग्रामीणों से बातचीत में पता चला है कि बदन सिंह बीमार रहते हैं। विषाक्त पदार्थ खाने का मामला नहीं है। कब्जा हटाने से पहले दूसरे पक्ष को समय भी दिया गया था। वहीं चौकी प्रभारी ने घटना की जानकारी से इनकार किया है।
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गांव में एक खेत को लेकर खूब सिंह और निनुआ पक्ष में विवाद चल रहा था। उपजिलाधिकारी किरावली के यहां मामले की सुनवाई हो रही थी। दस साल बाद खूब सिंह के पक्ष में फैसला हुआ। शुक्रवार को एसडीएम किरावली, तहसील की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में खूब सिंह को कब्जा दिला दिया। इससे निनुआ के पिता बदन सिंह काफी आहत हो गए। नाती सुशील ने बताया कि दादा बदन सिंह ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवारीजनों का आरोप है कि अधिकारियों ने एक पक्षीय कार्रवाई की है।
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उधर, एसडीएम किरावली अरुण कुमार सिंह का कहना कि आदेशानुसार कार्रवाई की गई थी। सूचना मिली थी कि किसान ने विषाक्त पदार्थ खाया है। ग्रामीणों से बातचीत में पता चला है कि बदन सिंह बीमार रहते हैं। विषाक्त पदार्थ खाने का मामला नहीं है। कब्जा हटाने से पहले दूसरे पक्ष को समय भी दिया गया था। वहीं चौकी प्रभारी ने घटना की जानकारी से इनकार किया है।
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