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गुस्साए दलितों ने रोकी ट्रेन, लगाया जाम
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:46 PM IST
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मैनपुरी। दलित अत्याचार निरोधक अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन से दलित वर्ग के लोगों में आक्रोश भड़क गया। सोमवार की सुबह मैनपुरी के कचहरी स्टेशन पर जुटे लोगों ने ट्रेन को रोककर भारत बंद का आह्वान किया। इसके बाद ईशन नदी पुल पर जाम लगाकर केंद्र व प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। कोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए पुनर्विचार करने की मांग की। राष्ट्रपति और प्रधानामंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कस्बों में भी विरोध प्रदर्शन किया गया।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति के अत्याचार निरोधक अधिनियम में संशोधन करने के साथ ही जांच के बाद गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए। उक्त आदेश को दलितों के संरक्षण के लिए बनाए गए कानून को निष्प्रभावी करने का आरोप लगाते हुए भारत बंद का आह्वान किया है। सोमवार को तय समय के अनुसार सुबह आठ बजे से ही संगठनों के नेताओं के साथ दलित समाज के सैकड़ों लोग मैनपुरी के कचहरी स्टेशन पर पहुंच गए।
रेल ट्रैक पर बैठकर विरोध दर्ज कराते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को गलत बताते हुए पुनर्विचार करने की मांग रखी। इस बीच स्टेशन पर आ रही पैसेंजर ट्रेन को लोगों ने रोक लिया। ट्रेन को रोकने के बाद कई लोग इंजन पर चढ़ गए। इसके बाद संशोधन के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए अधिनियम को जस का तस रखे जाने की बात कही।
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इस दौरान दलित संगठन के नेताओं ने एसडीएम अमित सिंह को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे जाने के साथ ही सरकार से पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में आंबेडकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी आरडी निगम, मान सिंह सुमन, चतुर सिंह, राजीव कुमार, रामौतार, प्रदीप कुमार शाक्य, राजाराम भारती, रामप्रकाश मौर्य, मानिकचंद्र संग्रामी, नवीन अंबेश, महेंद्र पाल सिंह आदि रहे।
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हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति के अत्याचार निरोधक अधिनियम में संशोधन करने के साथ ही जांच के बाद गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए। उक्त आदेश को दलितों के संरक्षण के लिए बनाए गए कानून को निष्प्रभावी करने का आरोप लगाते हुए भारत बंद का आह्वान किया है। सोमवार को तय समय के अनुसार सुबह आठ बजे से ही संगठनों के नेताओं के साथ दलित समाज के सैकड़ों लोग मैनपुरी के कचहरी स्टेशन पर पहुंच गए।
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रेल ट्रैक पर बैठकर विरोध दर्ज कराते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को गलत बताते हुए पुनर्विचार करने की मांग रखी। इस बीच स्टेशन पर आ रही पैसेंजर ट्रेन को लोगों ने रोक लिया। ट्रेन को रोकने के बाद कई लोग इंजन पर चढ़ गए। इसके बाद संशोधन के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए अधिनियम को जस का तस रखे जाने की बात कही।
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इस दौरान दलित संगठन के नेताओं ने एसडीएम अमित सिंह को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे जाने के साथ ही सरकार से पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में आंबेडकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, पूर्व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी आरडी निगम, मान सिंह सुमन, चतुर सिंह, राजीव कुमार, रामौतार, प्रदीप कुमार शाक्य, राजाराम भारती, रामप्रकाश मौर्य, मानिकचंद्र संग्रामी, नवीन अंबेश, महेंद्र पाल सिंह आदि रहे।