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जम्मू कश्मीर से बने फर्जी लाइसेंस की जांच करने को आई राजस्थान पुलिस
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07एमएनपी-32-किशनी थाने में खड़ी राजस्थान पुलिस की कार
- फोटो : MAINPURI
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किशनी (मैनपुरी)। जम्मू कश्मीर से बने एक फर्जी लाइसेंस की जांच करने के लिए राजस्थान पुलिस मंगलवार को थाने पहुंची। राजस्थान के थाना कुरावट के एसआई पर्वत सिंह के साथ थाना क्षेत्र के गांव खरगपुर बसैत निवासी सुनील दुबे भी हिरासत में था।
एसआई ने बताया कि सुनील के विरुद्ध पांच जनवरी को कुरावट थाने पर आर्म्स एक्ट व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। उसके शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण पिछले 22 वर्षों से एक ही आदमी के हस्ताक्षर द्वारा किया जा रहा था। उक्त शस्त्र लाइसेंस पर तीन जुलाई 1997 में नगर के आदित्य आर्म्स स्टोर से डीबीबीएल खरीदी थी। उक्त बंदूक पर सुनील पिछले कई वर्षों से उदयपुर में एक निजी सिक्योरटी कंपनी में गार्ड की नौकरी कर रहा था। पिछले दिनों सुनील का शस्त्र लाइसेंस चेक करने पर जम्मू कश्मीर से निर्गत हुआ पाया गया। जब जांच की गई तो जारी लाइसेंस फर्जी निकला। पांच जनवरी को कुरावट थाने में इंस्पेक्टर मोतीराम सिंह ने उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी द्वारा बताए गए उसके पते व लाइसेंस बनाने वाले, फर्जी तरीके से नवीनीकरण करने वाले और आम्र्स स्टोर से बंदूक बिक्री की जांच करने के लिए पुलिस उसे साथ लेकर आई है। उन्हें शक है कि ऐसे कई फर्जी लाइसेंसों के सहारे कई लोग नौकरी कर रहे हैं। पुलिस ने आम्र्स स्टोर के संचालक से काफी देर तक पूछताछ की।
औरैया से बनाया गया था लाइसेंस
सुनील ने राजस्थान पुलिस को दिए बयान में बताया है कि उक्त लाइसेंस जनपद औरैया के थाना एरवा कटरा क्षेत्र के गांव बिजनौरा निवासी संजीव कुमार ने बनाकर दिया था। लाइसेंस का नवीनीकरण इटावा के उदयपुरकलां निवासी रवेल यादव करवाता था। बताया कि लाइसेंस बनवाने वाले व नवीनीकरण करने वाले दोनों लोगों की मौत हो चुकी है। इस जानकारी पर पुलिस दोनों के मृत्यु प्रमाण पत्र लेने औरैया व इटावा चली गई।अ
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एसआई ने बताया कि सुनील के विरुद्ध पांच जनवरी को कुरावट थाने पर आर्म्स एक्ट व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। उसके शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण पिछले 22 वर्षों से एक ही आदमी के हस्ताक्षर द्वारा किया जा रहा था। उक्त शस्त्र लाइसेंस पर तीन जुलाई 1997 में नगर के आदित्य आर्म्स स्टोर से डीबीबीएल खरीदी थी। उक्त बंदूक पर सुनील पिछले कई वर्षों से उदयपुर में एक निजी सिक्योरटी कंपनी में गार्ड की नौकरी कर रहा था। पिछले दिनों सुनील का शस्त्र लाइसेंस चेक करने पर जम्मू कश्मीर से निर्गत हुआ पाया गया। जब जांच की गई तो जारी लाइसेंस फर्जी निकला। पांच जनवरी को कुरावट थाने में इंस्पेक्टर मोतीराम सिंह ने उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी द्वारा बताए गए उसके पते व लाइसेंस बनाने वाले, फर्जी तरीके से नवीनीकरण करने वाले और आम्र्स स्टोर से बंदूक बिक्री की जांच करने के लिए पुलिस उसे साथ लेकर आई है। उन्हें शक है कि ऐसे कई फर्जी लाइसेंसों के सहारे कई लोग नौकरी कर रहे हैं। पुलिस ने आम्र्स स्टोर के संचालक से काफी देर तक पूछताछ की।
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औरैया से बनाया गया था लाइसेंस
सुनील ने राजस्थान पुलिस को दिए बयान में बताया है कि उक्त लाइसेंस जनपद औरैया के थाना एरवा कटरा क्षेत्र के गांव बिजनौरा निवासी संजीव कुमार ने बनाकर दिया था। लाइसेंस का नवीनीकरण इटावा के उदयपुरकलां निवासी रवेल यादव करवाता था। बताया कि लाइसेंस बनवाने वाले व नवीनीकरण करने वाले दोनों लोगों की मौत हो चुकी है। इस जानकारी पर पुलिस दोनों के मृत्यु प्रमाण पत्र लेने औरैया व इटावा चली गई।अ
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