{"_id":"5f15d8498ebc3e9fb145ad0f","slug":"crime-mainpuri-news-agr451297352","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायरल वीडियो के बयान से मेल नहीं खा रही डीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायरल वीडियो के बयान से मेल नहीं खा रही डीडी
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मैनपुरी। माधौनगर कांड की सीबीआई जांच की मांग उठ चुकी है। पुलिस भी जांच में जुटी हुई है। वहीं दूसरी ओर आग में जलकर मरने वाली महिला के मृत्यु पूर्व लिए गए बयान और वायरल वीडियो आपस में मेल नहीं खा रहा है। पुलिस का दावा है कि मजिस्ट्रेट के समक्ष लिए गए बयान कोर्ट में कार्रवाई का आधार बनेंगे। वायरल वीडियो संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। जांच अभी जारी है, लेकिन जल्दबाजी में किसी को आरोपी करार दे देना, किसी भी दशा में उचित नहीं है।
कोतवाली क्षेत्र के माधौनगर में 17 जून की रात रंजिश के चलते मुरारी कश्यप ने पड़ोसी रामबहादुर के घर में आग लगा दी थी। आग में जलने से दो वर्षीय बालक ऋषि की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं अन्य चार झुलसे रामबहादुर, पत्नी ममता, बेटी रौली और शिखा ने कुछ दिन बाद सैफई मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया था। मेडिकल कॉलेज सैफई में इलाज के दौरान दो वीडियो वायरल हुए थे। इसमें घायल ममता और शिखा की ओर से एक महिला के पूछने पर मुरारी के अलावा घटना में दो अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही थी। वीडियो संज्ञान में आने के बाद एसपी अजय कुमार पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई की बात कही थी।
वीडियो का डीडी (मृत्यु पूर्व बयान) से मिलान कर पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिया था। सीओ सिटी अभय नरायन के मुताबिक वायरल हुए वीडियो का डीडी (मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान) से मिलान किया गया, लेकिन उसमें महिलाएं इस तरह के आरोप नहीं लगा रही हैं जो कि वायरल हो रहे वीडियो में कहा जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि जो वीडियो वायरल हुआ है, उसको देखने से पता चलता है कि बयान लेने वाली महिला स्वयं उन नामों को बुलवाने की कोशिश कर रहा है। न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान महत्वपूर्ण होते हैं। अभी भी जांच जारी है एक वीडियो के आधार पर पुलिस किसी को भी दोषी करार नहीं दे सकती। सभी तथ्यों की गहराई से जांच पड़ताल जारी है।
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पुलिस मुरारी को भेज चुकी है जेल
माधौनगर में पांच लोगों की हत्याओं का जिम्मेदार मुरारी जेल की सलाखों के पीछे है। वायरल वीडियो में मुरारी के अलावा दो अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी। पुलिस की जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं। उनसे तो उक्त लोगों को मामले में क्लीन चिट मिलती नजर आ रही है।
मृत्यु पूर्व बयानों में उक्त लोगों का नाम नहीं लिया गया है। निश्चित तौर पर यह किसी की सोची समझी साजिश भी हो सकती है। फिलहाल मामले की जांच अभी भी जारी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई व प्रक्रिया की जाएगी।
अभय नरायन राय, सीओ सिटी
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कोतवाली क्षेत्र के माधौनगर में 17 जून की रात रंजिश के चलते मुरारी कश्यप ने पड़ोसी रामबहादुर के घर में आग लगा दी थी। आग में जलने से दो वर्षीय बालक ऋषि की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं अन्य चार झुलसे रामबहादुर, पत्नी ममता, बेटी रौली और शिखा ने कुछ दिन बाद सैफई मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया था। मेडिकल कॉलेज सैफई में इलाज के दौरान दो वीडियो वायरल हुए थे। इसमें घायल ममता और शिखा की ओर से एक महिला के पूछने पर मुरारी के अलावा घटना में दो अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही थी। वीडियो संज्ञान में आने के बाद एसपी अजय कुमार पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई की बात कही थी।
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वीडियो का डीडी (मृत्यु पूर्व बयान) से मिलान कर पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिया था। सीओ सिटी अभय नरायन के मुताबिक वायरल हुए वीडियो का डीडी (मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान) से मिलान किया गया, लेकिन उसमें महिलाएं इस तरह के आरोप नहीं लगा रही हैं जो कि वायरल हो रहे वीडियो में कहा जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि जो वीडियो वायरल हुआ है, उसको देखने से पता चलता है कि बयान लेने वाली महिला स्वयं उन नामों को बुलवाने की कोशिश कर रहा है। न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान महत्वपूर्ण होते हैं। अभी भी जांच जारी है एक वीडियो के आधार पर पुलिस किसी को भी दोषी करार नहीं दे सकती। सभी तथ्यों की गहराई से जांच पड़ताल जारी है।
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पुलिस मुरारी को भेज चुकी है जेल
माधौनगर में पांच लोगों की हत्याओं का जिम्मेदार मुरारी जेल की सलाखों के पीछे है। वायरल वीडियो में मुरारी के अलावा दो अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी। पुलिस की जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं। उनसे तो उक्त लोगों को मामले में क्लीन चिट मिलती नजर आ रही है।
मृत्यु पूर्व बयानों में उक्त लोगों का नाम नहीं लिया गया है। निश्चित तौर पर यह किसी की सोची समझी साजिश भी हो सकती है। फिलहाल मामले की जांच अभी भी जारी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई व प्रक्रिया की जाएगी।
अभय नरायन राय, सीओ सिटी