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अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके तांत्रिक
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कासगंज। पटियाली के थानागांव में बालक की बलि देने की कोशिश के मामले में नामजद दो तांत्रिकों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
थानागांव निवासी अंशुल पुत्र जरमन सिंह की विगत तीन दिन पूर्व बलि देने की कोशिश की गई थी। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ बलि के लिए अपहरण करने का मामला दर्ज किया गया था। खजाने के लालच में तांत्रिक से पूजा पाठ करने वाले दो आरोपियों राजेश और बंटी को पुलिस जेल भेज चुकी है लेकिन पूजा पाठ करने वाले दोनों तांत्रिक खेमकरन और पूरन की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। तांत्रिकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें तीन दिन से लगातार दबिश दे रही है। इसके बाद भी पुुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस ने तांत्रिकों के गांव सनौढ़ी में भी दबिश दी लेकिन उनका वहां भी कोई सुराग नहीं लग सका।
स्तब्ध हैं सनोढ़ी के ग्रामीण
पटियाली। बालक की बलि देने की कोशिश के मामले में सनोढ़ी के दो तांत्रिकों का नाम आने से ग्रामीण स्तब्ध हैं। बताया जाता है कि गांव में एक भगत मोहल्ला है। यहां खेमकरन का परिवार काफी समय से भगतई कर रहा है। ग्रामीण पूजा पाठ आदि के लिए इसी परिवार से संपर्क करते है। खेमकरन का नाम बलि देने की कोशिश में आने पर ग्रामीण सकते में हैं। ग्रामीण प्रदीप शाक्य, हरिओम ने बताया कि वे नहीं जानते थे कि खेमकरन बलि देने जैसा कार्य भी करता है। इस खबर के बाद से उनको काफी धक्का लगा है।
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थानागांव निवासी अंशुल पुत्र जरमन सिंह की विगत तीन दिन पूर्व बलि देने की कोशिश की गई थी। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ बलि के लिए अपहरण करने का मामला दर्ज किया गया था। खजाने के लालच में तांत्रिक से पूजा पाठ करने वाले दो आरोपियों राजेश और बंटी को पुलिस जेल भेज चुकी है लेकिन पूजा पाठ करने वाले दोनों तांत्रिक खेमकरन और पूरन की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। तांत्रिकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें तीन दिन से लगातार दबिश दे रही है। इसके बाद भी पुुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस ने तांत्रिकों के गांव सनौढ़ी में भी दबिश दी लेकिन उनका वहां भी कोई सुराग नहीं लग सका।
स्तब्ध हैं सनोढ़ी के ग्रामीण
पटियाली। बालक की बलि देने की कोशिश के मामले में सनोढ़ी के दो तांत्रिकों का नाम आने से ग्रामीण स्तब्ध हैं। बताया जाता है कि गांव में एक भगत मोहल्ला है। यहां खेमकरन का परिवार काफी समय से भगतई कर रहा है। ग्रामीण पूजा पाठ आदि के लिए इसी परिवार से संपर्क करते है। खेमकरन का नाम बलि देने की कोशिश में आने पर ग्रामीण सकते में हैं। ग्रामीण प्रदीप शाक्य, हरिओम ने बताया कि वे नहीं जानते थे कि खेमकरन बलि देने जैसा कार्य भी करता है। इस खबर के बाद से उनको काफी धक्का लगा है।
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