फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   crime, hospital

महिला चिकित्सालय में फिर लापरवाही, नवजात की मौत

Fri, 05 Jul 2019 11:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2019 11:30 PM IST
विज्ञापन
crime, hospital
एटा। महिला जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक बार फिर लापरवाही सामने आई है। यहां प्रसव के बाद नवजात की गिरने से मौत हो गई। परिजन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बच्चे की मौत होने का आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन

विकास खंड शीतलपुर के गांव ककरावली निवासी फूलेंद्र सिंह की पत्नी रूबी आठ माह की गर्भवती थी। गुरुवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महिला को शुक्रवार सुबह पांच बजे महिला जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। रूबी की मां रामादेवी का आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों ने बिना देखे ही कह दिया कि अभी बच्चा नहीं होगा और प्रसूता को घर ले जाओ। ज्यादा गुहार लगाने पर दवा लिख दी और कहा कि दवा खिलाकर घर ले जाइए। महिला को दवा खिलाकर वे रूबी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे तो और उसे तेज दर्द होने लगे। इसके बाद परिजन प्रसूता को दोबारा महिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन फिर भी अस्पताल में तैनात कर्मियों का रवैया नहीं बदला। महिला को एक बेड पर लिटा दिया लेकिन कोई देखने वाला नहीं था। दर्द से परेशान महिला तड़प रही थी और इधर-उधर चक्कर काट रही थी। इसके बावजूद भी स्वास्थ्य कर्मियों ने कोई हमदर्दी नहीं दिखाई। प्रसूता को लगा कि उसका बच्चा बाहर आ गया है तो वह स्टोर की ओर भागी, तभी खड़े से ही बच्चा बाहर आ गया सिर जमीन में जाकर लगा। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बच्चे को उठाया लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता के परिजनों में रोष फैल गया। पीड़ित महिला के परिजनों का आरोप है यदि डाक्टर और स्टाफ नर्स लापरवाही नहीं बरते तो बच्चे की जान बच सकती थी। प्रसूता रूबी की ठीक से देखभाल नहीं किए जाने से बच्चे की जान चली गई।
विज्ञापन

सात महीने का होने से नहीं बचा बच्चा
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि डिलीवरी रूम में तीन बेड हैं। सभी बेडों पर मरीज पहले से मौजूद थे। ऐसे में प्रसूता रूबी को बाहर रोक कर रखा गया था। महिला को जैसे ही बच्चा हुआ तो कर्मचारियों की ओर से पूरा सहयोग किया गया। बच्चा कमजोर था और 1.385 किग्रा वजन था। इस कारण उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर स्टाफ नर्स अंजू ने मौजूद डा. निधि गुप्ता को जानकारी नहीं दी। इस कारण महिला ने बाहर ही बच्चे को जन्म दिया। मामले की जांच की ला रही है। स्टाफ नर्स को दोषी पाया गया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप कुमार, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed