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गोशाला को ग्रांट नहीं मिली तो छोड़ उदिए 347 गोवंश
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मलावन में गौशाला से छोड़े गए गौवंश- अमर उजाला
- फोटो : ETAH
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एटा। निराश्रित गोवंशों को मलावन स्थित ओम शुभ गोशाला को अब तक सरकार की ओर से कोई ग्रांट नहीं दी गई है। गोशाला का करीब14 लाख रुपया बकाया बताया जा रहा था। पिछले दिनों प्रशासन को 23 जुलाई तक भुगतान करने का समय भी दिया गया था। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार देर शाम गोशाला में संरक्षित गोवंशों को छोड़ दिया गया।
गोशाला से छूटने के बाद 347 निराश्रित गोवंशों के झुंडों ने खेतों में उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। इसको लेकर आस पास के क्षेत्र में लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। अब तक गोशाला में निराश्रित गोवंशों संचालक की ओर से स्वयं धनराशि खर्च करके पाला जा रहा था। लेकिन शासन की ओर से कोई भी धनराशि मांग करने के बाद भी नहीं मुहैया कराई गई। गोशाला संचालक अजीत सिंह चौहान का आरोप है कि ग्रांट की फाइल निचले स्तर से प्रक्रियाएं पूर्ण कर जिलाधिकारी तक पहुंचा दी गई थी। लेकिन वहां से फाइल गायब होना बताया जा रहा है। इससे गोवंशों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में धनराशि बाधा बन रही थी गोवंशों के लिए चारा आदि व्यवस्थाएं करने का संकट पैदा हो गया। मजबूरी में गोशाला में संरक्षित 347 गोवंशों को छोड़ना पड़ गया है।
ओम शुभ गोशाला की फाइल जिलाधिकारी से अनुमोदन के लिए भेजी जा चुकी थी, अनुमोदन होने के बाद फाइल शासन को भेजी जाती, लेकिन गोवंशों को छोड़ने में जल्दबाजी की गई है। छोड़े गए गोवंशों को मॉडर्न गोशाला मलावन और वृहद गो संरक्षण केंद्र वाहिदपुर बीबी में संरक्षित किया जाएगा।
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डा. केपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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गोशाला से छूटने के बाद 347 निराश्रित गोवंशों के झुंडों ने खेतों में उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। इसको लेकर आस पास के क्षेत्र में लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। अब तक गोशाला में निराश्रित गोवंशों संचालक की ओर से स्वयं धनराशि खर्च करके पाला जा रहा था। लेकिन शासन की ओर से कोई भी धनराशि मांग करने के बाद भी नहीं मुहैया कराई गई। गोशाला संचालक अजीत सिंह चौहान का आरोप है कि ग्रांट की फाइल निचले स्तर से प्रक्रियाएं पूर्ण कर जिलाधिकारी तक पहुंचा दी गई थी। लेकिन वहां से फाइल गायब होना बताया जा रहा है। इससे गोवंशों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में धनराशि बाधा बन रही थी गोवंशों के लिए चारा आदि व्यवस्थाएं करने का संकट पैदा हो गया। मजबूरी में गोशाला में संरक्षित 347 गोवंशों को छोड़ना पड़ गया है।
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ओम शुभ गोशाला की फाइल जिलाधिकारी से अनुमोदन के लिए भेजी जा चुकी थी, अनुमोदन होने के बाद फाइल शासन को भेजी जाती, लेकिन गोवंशों को छोड़ने में जल्दबाजी की गई है। छोड़े गए गोवंशों को मॉडर्न गोशाला मलावन और वृहद गो संरक्षण केंद्र वाहिदपुर बीबी में संरक्षित किया जाएगा।
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डा. केपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी