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UP: कोर्ट ने 14 एसीपी कार्यपालक मजिस्ट्रेट तलब किए, चालानों का मांगा गया स्पष्टीकरण
Tue, 24 Mar 2026 10:01 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 10:01 AM IST
सार
कोर्ट ने चालान प्रक्रिया में खामियों के आरोपों पर 14 एसीपी कार्यपालक मजिस्ट्रेट को तलब किया है। जांच में यह देखा जाएगा कि अभियुक्तों को जमानत और सूचना के अधिकार से वंचित तो नहीं किया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा विशेष न्यायाधीश (ई.सी. एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-4 ने सोमवार को 14 सहायक पुलिस आयुक्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट तलब किए। उनसे 1 जनवरी से 28 फरवरी के बीच धारा 126, 135, और 170 बीएनएसएस के तहत किए गए चालानों का स्पष्टीकरण मांगा जिससे अभियुक्तों या उनके परिजनों को जमानती और मुचलका दाखिल करने का अवसर नहीं देने और समय पर सूचना न मिलने के आरोपों की जांच की जा सके।
उच्च न्यायालय के आदेश पर विशेष न्यायाधीश (ई.सी. एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-4 जांच समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। जांच समिति 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच धारा 126, 135, और 170 बीएनएसएस के तहत दर्ज चालानों में प्रक्रियात्मक खामियों की पड़ताल करेगी।
समिति तय करेगी कि अभियुक्तों को कानून के तहत मिलने वाले जमानत और मुचलका दाखिल करने के अधिकारों से वंचित न किया जाए और उनके परिजन को भी समय पर आवश्यक सूचना प्राप्त हो। अभियुक्तों को उनके विधिक अधिकार प्राप्त हों और न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को दूर किया जा सके।
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उच्च न्यायालय के आदेश पर विशेष न्यायाधीश (ई.सी. एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-4 जांच समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। जांच समिति 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच धारा 126, 135, और 170 बीएनएसएस के तहत दर्ज चालानों में प्रक्रियात्मक खामियों की पड़ताल करेगी।
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समिति तय करेगी कि अभियुक्तों को कानून के तहत मिलने वाले जमानत और मुचलका दाखिल करने के अधिकारों से वंचित न किया जाए और उनके परिजन को भी समय पर आवश्यक सूचना प्राप्त हो। अभियुक्तों को उनके विधिक अधिकार प्राप्त हों और न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को दूर किया जा सके।
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