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Agra: किशोरी के अपहरण में पांच वर्ष की जेल, बालक का अपहरण करके फिरौती मांगने वाले तीन को उम्रकैद

Mon, 01 May 2023 11:46 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 01 May 2023 11:46 PM IST
सार

आगरा में कोर्ट ने किशोरी के अपहरण के मामले में दोषी को पांच वर्ष जेल की सजा सुनाई। वहीं बालक का अपहरण करके फिरौती मांगने वाले तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 

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court sentenced five years to kidnapper of teenager and life imprisonment to kidnapper of child in Agra
Agra News: कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमेंद्र कुमार ने किशोरी के अपहरण में रितेश को दोषी माना है। उसे पांच साल कैद और 5000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हालांकि इसे अदालत ने दुराचार व पॉक्सो एक्ट का दोषी नहीं माना।

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मामला छत्ता थाना में दर्ज हुआ था। वादी ने 30 दिसंबर 2014 को बताया कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री कक्षा 8 में पढ़ती थी। आरोप है कि उसे 24 दिसंबर 2014 को आरोपी रितेश (निवासी भैरों बगीची, जीवनी मंडी आगरा ) बहला-फुसला कर ले गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपहरण, दुराचार एवं पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपपत्र दाखिल किया।
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उधर, पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोपी के साथ मर्जी से जाना बताया। दुराचार का भी आरोप नहीं लगाया लेकिन अदालत में गवाही से पूर्व पीड़िता की मृत्यु हो गई। विशेष लोक अभियोजक विजय किशन लवानियां के तर्क पर अदालत ने आरोपी को दुराचार व पाॅक्सो एक्ट से दोषमुक्त कर अपहरण के आरोप में सजा सुनाई।

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सात आरोपियों के विरुद्ध प्रस्तुत किया गया था आरोप-पत्र

विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र नीरज कुमार बख्शी ने फिरौती के लिए 6 साल के बालक के अपहरण की सुनवाई की। आरोपियों मिठ्ठू उर्फ प्रमोद निवासी मुस्तफा क्वार्टर, विनोद कंजड़ निवासी शिवनगर और राजू यादव निवासी सोहल्ला थाना सदर बाजार आगरा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

थाना सदर में मामला दर्ज हुआ था। वादी रनवीर सिंह का पुत्र नितिन 19 जून 1998 की सुबह घर के बाहर खेलते हुए लापता हुआ था। इसमें गुमशुदगी दर्ज कराई। वादी के अनुसार उन्हें धमकी दी जा रही थी। कहा गया कि एक लाख रुपया पहुंचा दो अन्यथा चारों लड़कों को भून दिया जाएगा।

अभियोजन पक्ष ने पेश किए 14 गवाह 

विवेचना में पुलिस ने मिट्ठू उर्फ प्रमोद, विक्की उर्फ विकास, मोर मुकुट उर्फ मोरा, नीरज उर्फ टीटू, विनोद कंजड़, राजू एवं मुन्नालाल के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपी विक्की उर्फ विकास निवासी आगरा कैंट के नाबालिग होने पर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई। विचारण के दौरान मोर मुकुट व नीरज उर्फ टीटू की मृत्यु होने पर अदालत ने उनके नाम अलग कर दिए। अभियोजन पक्ष से 14 गवाह पेश किए गए। अदालत ने एडीजीसी नाहर सिंह तोमर के तर्क और साक्ष्य पर आरोपियों को दोषी पाया।
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