Agra News: पत्नी और बेटी को हर माह देने होंगे छह हजार रुपये, ठेकेदार पति को दिए कोर्ट ने आदेश
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने ठेकेदार को आदेश दिया है कि पत्नी और बेटी के भरण पोषण के लिए हर महीने छह हजार रुपये देने होंगे। ये रकम मुकदमा दायर करने की तिथि से देय होगी।
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आगरा में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विपिन कुमार ने पत्नी और बेटी के भरण पोषण के लिए छह हजार रुपये प्रति माह दिलाने के आदेश किए हैं। धनराशि मुकदमा दायर करने की तारीख से देनी होगी, जिससे पीड़िता को 44 माह की भरण पोषण राशि के रूप में 2.64 लाख रुपये पति देने के लिए बाध्य होगा।
ये है मामला
मुकदमा दायर करने वाली महिला की शादी मई 2009 में हुई थी। आरोप लगाया कि उसे ससुरालीजन दहेज के लिए परेशान करते थे। दो लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। पति ने हत्या की कोशिश भी की। वह किसी तरह बच गई। जून 2015 में पति ने उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता ने कहा कि पति ठेकेदारी करता है, जिससे अच्छी आय हो जाती है। वह मुंबई में रह कर काम कर रहा है।
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दायर किया था मुकदमा
महिला ने परिवार न्यायालय में अपने एवं अव्यस्यक पुत्री के भरण पोषण के लिए अधिवक्ता अनिल अग्रवाल के माध्यम से मुकदमा प्रस्तुत किया। इस पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने वादी के भरण पोषण के लिए छह हजार एवं उसकी पुत्री के लिए दो हजार रुपये प्रति माह विपक्षी से दिलाने के आदेश पारित किए।
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पीड़िता को होती है डायलिसिस
पति के अदालत में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए हाजिर न होने पर वादी के पक्ष में एक पक्षीय कार्यवाही कर आदेश पारित किया। पीड़िता की प्रति सप्ताह दो बार डायलिसिस होती है, जिसका खर्च सामाजिक संस्था उठाती है।
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