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Agra News: पत्नी और बेटी को हर माह देने होंगे छह हजार रुपये, ठेकेदार पति को दिए कोर्ट ने आदेश

Sun, 16 Oct 2022 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 16 Oct 2022 10:00 AM IST
सार

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने ठेकेदार को आदेश दिया है कि पत्नी और बेटी के भरण पोषण के लिए हर महीने छह हजार रुपये देने होंगे। ये रकम मुकदमा दायर करने की तिथि से देय होगी। 

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court ordered the contractor husband Wife and daughter will have to pay six thousand rupees every month
कोर्ट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आगरा में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विपिन कुमार ने पत्नी और बेटी के भरण पोषण के लिए छह हजार रुपये प्रति माह दिलाने के आदेश किए हैं। धनराशि मुकदमा दायर करने की तारीख से देनी होगी, जिससे पीड़िता को 44 माह की भरण पोषण राशि के रूप में 2.64 लाख रुपये पति देने के लिए बाध्य होगा।

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ये है मामला 

मुकदमा दायर करने वाली महिला की शादी मई 2009 में हुई थी। आरोप लगाया कि उसे ससुरालीजन दहेज के लिए परेशान करते थे। दो लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। पति ने हत्या की कोशिश भी की। वह किसी तरह बच गई। जून 2015 में पति ने उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता ने कहा कि पति ठेकेदारी करता है, जिससे अच्छी आय हो जाती है। वह मुंबई में रह कर काम कर रहा है। 

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दायर किया था मुकदमा 

महिला ने परिवार न्यायालय में अपने एवं अव्यस्यक पुत्री के भरण पोषण के लिए अधिवक्ता अनिल अग्रवाल के माध्यम से मुकदमा प्रस्तुत किया। इस पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने वादी के भरण पोषण के लिए छह हजार एवं उसकी पुत्री के लिए दो हजार रुपये प्रति माह विपक्षी से दिलाने के आदेश पारित किए। 


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पीड़िता को होती है डायलिसिस 

पति के अदालत में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए हाजिर न होने पर वादी के पक्ष में एक पक्षीय कार्यवाही कर आदेश पारित किया। पीड़िता की प्रति सप्ताह दो बार डायलिसिस होती है, जिसका खर्च सामाजिक संस्था उठाती है। 

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