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गवाही में लापरवाही पर एडीजीसी जिम्मेदार
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मैनपुरी। आपराधिक मुकदमों में तय तारीख पर समय से गवाही नहीं कराने पर सहायक शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) जिम्मेदार होंगे। मासिक समीक्षा में लापरवाही साबित होने पर कार्रवाई होगी। मुकदमों में समय से गवाही नहीं हो पाने के कारण अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ने पर शासन ने भी नाराजगी जताई है।
पुराने लंबित मुकदमों को शीघ्र निस्तारित करने केे निर्देश दिए हैं। पुराने मुकदमों में गवाही कराने के लिए सरकारी गवाहों पर भी कार्रवाई शुरू की गई है। आपराधिक मुकदमों में तय तारीख पर समय से गवाही कराने के लिए एडीजीसी की जिम्मेदारी तय की गई है। अदालत में आने वाले हर गवाह की समय से गवाही कराना एडीजीसी की जिम्मेदारी होगी। लापरवाही बरतने वाले एडीजीसी के खिलाफ मासिक समीक्षा के बाद कार्रवाई भी होगी।
शासन ने मांगी सूची
शासन ने 25 पुराने गंभीर अपराध वाले लंबित मामलों की सूची मांगी है। इनमें हत्या, डकैती, बलात्कार, महिला संबंधी अपराध, बाल अपराध सामाजिक अपराधों को शामिल किया गया है। मुकदमों में समय से गवाही नहीं हो पाने के संबंध में स्पष्ट और बिंदुवार ब्योरा भी मांगा है।
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प्रभावी पैरवी कर दिलाएं सजा
शासन से भेजे गए पत्र में कहा गया है एडीजीसी आपराधिक मुकदमों में प्रभावी पैरवी करें। तय तारीख पर गवाहों की अदालत में गवाही कराएं। गंभीर अपराध के मुकदमों में प्रभावी तरीके से अदालत के सामने अभियोजन का पक्ष रखकर आरोपियों को सजा दिलाएं।
अभियोजन का पक्ष अदालत के सामने प्रभावी तरीके से रखने के लिए एडीजीसी को निर्देश दिए गए हैं। उनके काम की मासिक समीक्षा भी की जाती है। शासन के आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
वीरेंद्र कुमार मिश्रा, डीजीसी फौजदारी
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पुराने लंबित मुकदमों को शीघ्र निस्तारित करने केे निर्देश दिए हैं। पुराने मुकदमों में गवाही कराने के लिए सरकारी गवाहों पर भी कार्रवाई शुरू की गई है। आपराधिक मुकदमों में तय तारीख पर समय से गवाही कराने के लिए एडीजीसी की जिम्मेदारी तय की गई है। अदालत में आने वाले हर गवाह की समय से गवाही कराना एडीजीसी की जिम्मेदारी होगी। लापरवाही बरतने वाले एडीजीसी के खिलाफ मासिक समीक्षा के बाद कार्रवाई भी होगी।
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शासन ने मांगी सूची
शासन ने 25 पुराने गंभीर अपराध वाले लंबित मामलों की सूची मांगी है। इनमें हत्या, डकैती, बलात्कार, महिला संबंधी अपराध, बाल अपराध सामाजिक अपराधों को शामिल किया गया है। मुकदमों में समय से गवाही नहीं हो पाने के संबंध में स्पष्ट और बिंदुवार ब्योरा भी मांगा है।
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प्रभावी पैरवी कर दिलाएं सजा
शासन से भेजे गए पत्र में कहा गया है एडीजीसी आपराधिक मुकदमों में प्रभावी पैरवी करें। तय तारीख पर गवाहों की अदालत में गवाही कराएं। गंभीर अपराध के मुकदमों में प्रभावी तरीके से अदालत के सामने अभियोजन का पक्ष रखकर आरोपियों को सजा दिलाएं।
अभियोजन का पक्ष अदालत के सामने प्रभावी तरीके से रखने के लिए एडीजीसी को निर्देश दिए गए हैं। उनके काम की मासिक समीक्षा भी की जाती है। शासन के आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
वीरेंद्र कुमार मिश्रा, डीजीसी फौजदारी