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बैंक शाखा प्रबंधक को प्राधिकरण में तलब किया
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मैनपुरी। विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश की अवहेलना करना उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक घिरोर के शाखा प्रबंधक को महंगा पड़ा है। आदेश की अवहेलना करने के मामले में शाखा प्रबंधक को प्राधिकरण में तलब किया गया है। मामले की सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की गई है। तहसील घिरोर के गांव गढ़ारा निवासी लालबहादुर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत की। शिकायत में कहा उसके पिता सिंघमणि ने उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक शाखा घिरोर से वर्ष 2006 में 50 हजार रुपये का लोन लिया था।
जिसके बाद उसके पिता ने 19 जून 2007 को 21930 रुपया, 25 मार्च 2008 को 2490 रुपया तथा दो जून 2008 को 1000 रुपया जमा कराया। उसके बाद उसके पिता की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद उसने ऋण माफी योजना के तहत आवेदन किया। योजना का लाभ देने के लिए तत्कालीन प्रबंधक ने उससे 20 हजार रुपये भी ले लिए, लेकिन उसे योजना का लाभ नहीं मिला। बैंक ने उससे 1.80 लाख की वसूली का नोटिस भेजा है।
विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शाखा प्रबंधक से आख्या मांगी गई। शाखा प्रबंधक ने प्राधिकरण में आख्या नहीं भेजी। प्राधिकरण सचिव तरन्नुम खान ने बैंक प्रबंधक की उदासीन कार्यशैली को आदेश की अवहेलना माना है। प्राधिकरण सचिव ने बैंक प्रबंधक को प्राधिकरण में मामले से संबंधित बहीखाता और सभी जरूरी अभिलेखों सहित प्राधिकरण में तलब किया है। मामले की सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय कर दी गई है।
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जिसके बाद उसके पिता ने 19 जून 2007 को 21930 रुपया, 25 मार्च 2008 को 2490 रुपया तथा दो जून 2008 को 1000 रुपया जमा कराया। उसके बाद उसके पिता की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद उसने ऋण माफी योजना के तहत आवेदन किया। योजना का लाभ देने के लिए तत्कालीन प्रबंधक ने उससे 20 हजार रुपये भी ले लिए, लेकिन उसे योजना का लाभ नहीं मिला। बैंक ने उससे 1.80 लाख की वसूली का नोटिस भेजा है।
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विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शाखा प्रबंधक से आख्या मांगी गई। शाखा प्रबंधक ने प्राधिकरण में आख्या नहीं भेजी। प्राधिकरण सचिव तरन्नुम खान ने बैंक प्रबंधक की उदासीन कार्यशैली को आदेश की अवहेलना माना है। प्राधिकरण सचिव ने बैंक प्रबंधक को प्राधिकरण में मामले से संबंधित बहीखाता और सभी जरूरी अभिलेखों सहित प्राधिकरण में तलब किया है। मामले की सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय कर दी गई है।
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