श्री पारस अस्पताल प्रकरण: आगरा में एक पीड़ित के प्रार्थनापत्र पर अदालत में सुनवाई आज
छत्ता निवासी अशोक ने अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें उन्होंने अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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आगरा के श्री पारस अस्पताल में दो मौतों के मामले में पीड़ित अशोक चावला के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी। इसके लिए गुरुवार को अधिवक्ताओं के पैनल ने बैठक की। केस को लेकर वार्ता की गई। मुकदमा दर्ज कराने के लिए अधिवक्ता पैरवी करेंगे।
छत्ता निवासी अशोक चावला के पिता वासदेव चावला की श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल को मृत्यु हुई थी। वहीं भाई अमित चावला की पत्नी मनीषा चावला की 27 अप्रैल को मृत्यु हुई थी। सात जून को अस्पताल के संचालक का वीडियो वायरल हुआ था।
इसके बाद अशोक चावला ने पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने सुनवाई नहीं की थी। इसके बाद कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। इसमें 16 जुलाई की तारीख सुनवाई के लिए लगी है। केस की पैरवी अधिवक्ताओं का पैनल कर रहा है।
इनमें युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा, सुनील शर्मा, योगेश लवानिया, पंकज सिंह, उमेश कुमार वर्मा, नरेंद्र शर्मा, केसी शर्मा, हिम्मत सिंह राजपूत, अजय चाहर, मंजू द्विवेदी, श्रेष्ठा मिश्रा, भावना कुलश्रेष्ठ, कृष्ण मुरारी माहेश्वरी, अरविंद गौतम सहित 60 अधिवक्ता शामिल हैं।
अधिवक्ताओं ने केस से संबंधित धाराओं को लेकर बृहस्पतिवार को विचार विमर्श किए। साक्ष्य भी पेश किए जाएंगे। मुकदमा दर्ज कराने के लिए पैरवी की जा रही है। पूर्व में कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।
अधिवक्ताओं के सवाल
- पुलिस प्रार्थनापत्र पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कर रही है?
- महामारी एक्ट के मुकदमे में चार्जशीट लगाने में देरी क्यों?
- सीसीटीवी की डीवीआर लखनऊ लैब भेजी गई। प्रशासन ने फुटेज क्यों नहीं देखे?
- मोबाइल की जांच में इतनी देर क्यों लगाई जा रही है? जल्द रिपोर्ट क्यों नहीं मंगा रहे?
- पुलिस अभी तक साक्ष्य नहीं जुटा पाई है? वीडियो की जांच का क्या हुआ?
- मामले में अनावश्यक लोगों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है?
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भी पैनल में शामिल हुए
मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पांच अधिवक्ता भी पैनल में शामिल हो गए हैं। अपनी राय केस को लेकर दे रहे हैं। जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर करने में सहयोग करेंगे।