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सीजेएम ने योगी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद को खारिज किया
Wed, 29 May 2019 02:50 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 29 May 2019 02:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के खिलाफ दायर किए गए प्रकीर्ण वाद को सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) ममता सिंह ने खारिज कर दिया है। वाद दायर करने वाले पूर्व एसपीओ रामदास निगम के तथ्य सुनवाई के दौरान सीजेएम कोर्ट में सही नहीं पाए गए हैं।
समाजवादी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पूर्व एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारी) रामदास निगम ने सीजेएम कोर्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ अपने अधिवक्ता पूर्व विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामसेवक के माध्यम से प्रकीर्ण वाद दायर किया था। इसमें मुख्यमंत्री पर अखिलेश यादव को गुंडों का सरताज
तथा मायावती को भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति कहने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
सीजेएम ममता सिंह ने मामले की सुनवाई की। रामदास निगम के वकीलों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। रामदास निगम के वकीलों द्वारा दी गई दलीलों के बाद सीजेएम ममता सिंह ने प्रकीर्ण वाद पर अपना फैसला सुनाया है। प्रकीर्ण वाद को आधारहीन पाकर उसको खारिज कर दिया है।
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समाजवादी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पूर्व एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारी) रामदास निगम ने सीजेएम कोर्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ अपने अधिवक्ता पूर्व विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामसेवक के माध्यम से प्रकीर्ण वाद दायर किया था। इसमें मुख्यमंत्री पर अखिलेश यादव को गुंडों का सरताज
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तथा मायावती को भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति कहने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
सीजेएम ममता सिंह ने मामले की सुनवाई की। रामदास निगम के वकीलों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। रामदास निगम के वकीलों द्वारा दी गई दलीलों के बाद सीजेएम ममता सिंह ने प्रकीर्ण वाद पर अपना फैसला सुनाया है। प्रकीर्ण वाद को आधारहीन पाकर उसको खारिज कर दिया है।
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पीड़ित ही कर सकता प्रकीर्ण वाद
सीजेएम ममता सिंह ने आदेश में लिखा है सीआरपीसी की धारा 199 के तहत प्रकीर्ण वाद का संज्ञान पीड़ित व्यक्ति द्वारा दायर किए
गए प्रकीर्ण वाद पर ही न्यायालय द्वारा लिया जा सकता है। प्रकीर्ण वाद दायर करने वाले रामदास निगम इस धारा के अधिकार क्षेत्र में
नहीं आते हैं।
यह था मामला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ और जौनपुर की चुनावी सभाओं में पूर्व मुख्यमंत्री सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को
गुंडों का सरताज और पूर्व मुख्यमंत्री बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति कहा है। इसी आधार पर रामदास
निगम ने सीजेएम कोर्ट में प्रकीर्ण वाद दायर किया था।
सीजेएम ममता सिंह ने आदेश में लिखा है सीआरपीसी की धारा 199 के तहत प्रकीर्ण वाद का संज्ञान पीड़ित व्यक्ति द्वारा दायर किए
गए प्रकीर्ण वाद पर ही न्यायालय द्वारा लिया जा सकता है। प्रकीर्ण वाद दायर करने वाले रामदास निगम इस धारा के अधिकार क्षेत्र में
नहीं आते हैं।
यह था मामला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ और जौनपुर की चुनावी सभाओं में पूर्व मुख्यमंत्री सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को
गुंडों का सरताज और पूर्व मुख्यमंत्री बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति कहा है। इसी आधार पर रामदास
निगम ने सीजेएम कोर्ट में प्रकीर्ण वाद दायर किया था।