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न्यायालय की अवमानना में फंसीं बीएसए, चार्ज की तारीख तय
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कासगंज। न्यायादेश का अनुपालन न करने के मामले में उच्च न्यायालय ने बीएसए को प्रथम दृष्टया अवमानना का दोषी पाया है। शिक्षा विभाग के अधिवक्ता से जवाब तलब किया। चार्ज की तारीख भी उच्च न्यायालय ने तय कर दी है। शिक्षकों को उम्मीद जागी है कि जल्द ही उनकी बर्खास्तगी पर रोक लग जाएगी और उन्हें तैनाती मिल सकेगी।
फर्जी डिग्री के मामले में जिले के शिक्षक भी फंसे। एसआईटी की जांच टीम ने जांच कर 91 शिक्षकों की बर्खास्तगी की संस्तुति की। इन शिक्षकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने एसआईटी की संस्तुति पर बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्त सभी शिक्षकों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने बीती 21 अक्तूबर को शिक्षकों को बड़ी राहत दी और उनके बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगा दी, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्तगी यथावत रखी और शिक्षकों को कार्यभार गृहण नहीं कराया।
इस पर शिक्षकों ने फिर से उच्च न्यायालय की शरण ली और अधिवक्ता के माध्यम से न्यायादेश की अवमानना की याचिका न्यायालय में दाखिल कराई। शिक्षक बृजेश कुमार और 12 अन्य शिक्षकों की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायालय ने सुनवाई की। अधिवक्ता रोहित उपाध्याय ने शिक्षकों की ओर से तर्क रखे। इस पर न्यायालय ने बीएसए को प्रथम दृष्टया न्यायादेश के अवमानना का दोषी माना। उच्च न्यायालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को चेतावनी देते हुए 28 जनवरी की तिथि चार्ज के लिए नियत कर दी है। बर्खास्त शिक्षकों में उम्मीद जाग गई है कि चार्ज की तिथि से पहले शिक्षा विभाग उन्हें कार्यभार गृहण करा देगा। बीएसए अंजली अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय का जो भी आदेश होगा उसका प्राथमिकता के साथ अनुपालन कराया जाएगा।
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फर्जी डिग्री के मामले में जिले के शिक्षक भी फंसे। एसआईटी की जांच टीम ने जांच कर 91 शिक्षकों की बर्खास्तगी की संस्तुति की। इन शिक्षकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने एसआईटी की संस्तुति पर बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्त सभी शिक्षकों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने बीती 21 अक्तूबर को शिक्षकों को बड़ी राहत दी और उनके बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगा दी, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्तगी यथावत रखी और शिक्षकों को कार्यभार गृहण नहीं कराया।
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इस पर शिक्षकों ने फिर से उच्च न्यायालय की शरण ली और अधिवक्ता के माध्यम से न्यायादेश की अवमानना की याचिका न्यायालय में दाखिल कराई। शिक्षक बृजेश कुमार और 12 अन्य शिक्षकों की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायालय ने सुनवाई की। अधिवक्ता रोहित उपाध्याय ने शिक्षकों की ओर से तर्क रखे। इस पर न्यायालय ने बीएसए को प्रथम दृष्टया न्यायादेश के अवमानना का दोषी माना। उच्च न्यायालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को चेतावनी देते हुए 28 जनवरी की तिथि चार्ज के लिए नियत कर दी है। बर्खास्त शिक्षकों में उम्मीद जाग गई है कि चार्ज की तिथि से पहले शिक्षा विभाग उन्हें कार्यभार गृहण करा देगा। बीएसए अंजली अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय का जो भी आदेश होगा उसका प्राथमिकता के साथ अनुपालन कराया जाएगा।
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