मथुरा: अदालत ने जेल गैंगवार के सभी 14 आरोपियों को किया बरी, सात साल बाद आया फैसला
मथुरा जेल में 17 जनवरी 2015 को गैंगवार हुई थी। इस मामले में सात साल बाद फैसला आया है। कोर्ट ने सभी 14 आरोपियों को बरी कर दिया है।
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मथुरा जेल में 17 जनवरी 2015 को हुई गैंगवार की वारदात के सभी 14 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। सभी को दोषमुक्त मानते हुए जेल से रिहा करने के आदेश दिए। वारदात के सभी आठ चश्मदीद गवाह पक्ष द्रोही (बयान से मुकरना) हो गए, जिसके कारण अदालत को सबूत नहीं मिल सके। इस पर अदालत ने गैंगवार के सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
कुख्यात बदमाश ब्रजेश मावी की हत्या के बाद राजेश टोटा सहित उसके कई साथी जेल में बंद थे। इसी दौरान 17 जनवरी 2015 को राजेश टोटा और जेल में बंद बृजेश मावी के साथियों के बीच गैंगवार हो गई। इस गैंगवार में जेल के एक बंदी की मौत भी हो गई। गैंगवार के दौरान घायल हुए राजेश टोटा की आगरा इलाज के दौरान ले जाते समय हत्या कर दी गई थी।
15 आरोपी हुए थे नामजद
इस केस में कुल 15 आरोपी नामजद हुए, जिसमें राजेश टोटा भी शामिल था। आरोपियों की सुनवाई एडीजे अनिल कुमार पांडे की अदालत में हुई। सोमवार को अदालत ने निर्णय देते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त मानते हुए बरी कर दिया। दोषमुक्त होने वालों में राजकुमार शर्मा, गोपाल शर्मा, राजू, गुड्डन शर्मा, दीपक मीणा, श्यामू, लॉरेंस विमल उर्फ बिट्टू, नईम, ओम प्रकाश निवासी हाथरस, जेल आरक्षी कैलाश गुप्ता, दीपक वर्मा मथुरा, दीपक मीणा हाथरस, राकेश चौधरी पानी गांव मथुरा, गोपाल यादव निवासी कंपू घाट मथुरा शामिल हैं।
लॉरेंस और दीपक मीणा जेल में बंद थे, जबकि दीपक मीणा की जमानत हो चुकी थी। वह अन्य मामले में जेल में बंद है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एडीजीसी सूर्यवीर सिंह ने बताया कि अदालत के समक्ष चश्मदीद सभी आठ गवाव पक्षद्रोही हो गए। जिसके चलते अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया और जेल से रिहा होने के आदेश दिए है।
जेल प्रशासन हुआ पक्षद्रोही
जेल में हुई वारदात के दौरान चश्मदीद रहे जेल सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार, जेलर आकाश शर्मा, डिप्टी जेलर सुरेश कुमार, आरक्षी दिलीप कुमार, उदयवीर सिंह, दिलासाराम अधिवक्ता लवेश शर्मा, मुकेश चूड़ामणि सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए। इनमें जेल प्रशासन के साथ-साथ सिम विक्रेता तक गवाही में शामिल थे । इस पूरे मामले में कुल 22 गवाह थे। जिनमें 8 गवाह चश्मदीद थे जबकि अन्य गवाह पुलिस प्रक्रिया में शामिल गवाह थे।