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अब प्रदेश भर में होगी गोवंश की गणना, हर गाय और सांड़ को दिया जाएगा एक नंबर
Sun, 06 Jan 2019 12:59 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 06 Jan 2019 12:59 PM IST
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अब उत्तर प्रदेश में गोवंश की गणना होगी। हर गाय और सांड़ को उसका एक नंबर दिया जाएगा। इतना ही नहीं गोशाला संचालन के लिए हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
बजट की कमी न होने पाए इसके लिए गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। शनिवार को मथुरा के वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में यह प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। यह कमेटी इस प्रस्ताव को अब मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगी।
प्रदेश में खुले घूम रहे गोवंश एक बड़ी समस्या बन रहा है। कहीं-कहीं तो आवारा पशु कानून व्यवस्था का सवाल बनने लगे हैं। किसान इन गोवंश को पकड़कर स्कूल-कालेजों में बंद कर रहे हैं।
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बजट की कमी न होने पाए इसके लिए गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। शनिवार को मथुरा के वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में यह प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। यह कमेटी इस प्रस्ताव को अब मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगी।
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प्रदेश में खुले घूम रहे गोवंश एक बड़ी समस्या बन रहा है। कहीं-कहीं तो आवारा पशु कानून व्यवस्था का सवाल बनने लगे हैं। किसान इन गोवंश को पकड़कर स्कूल-कालेजों में बंद कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने गठित की कमेटी
इस बड़ी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक हाई पावर कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में पशुपालन, कृषि, गोसेवा आयोग सहित कई बड़ी गोशालाओं के संचालक शामिल किए गए।
इस कमेटी को जिम्मा दिया गया कि वह इस समस्या का समाधान तलाशें। शनिवार को इस कमेटी की बैठक वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में कुलपति डॉ. केएमएल पाठक मौजूदगी में हुई। करीब तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में तय किया गया कि ग्राम पंचायत की जमीन पर गोशाला बनाई जाए।
यह निर्णय लिया गया मीटिंग में
- ग्राम पंचायतों में गोचारण भूमि पर गोशाला खोली जाएगी।
- प्रदेश भर में गोवंश की गणना कराई जाएगी।
- सभी गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
- गोशालाओं के संचालन को तैयार की जाएंगी कमेटी।
- पशुओं को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों पर होगी कार्रवाई।
- सरकारी भूमि पर चारा उगाया जाएगा।
इस कमेटी को जिम्मा दिया गया कि वह इस समस्या का समाधान तलाशें। शनिवार को इस कमेटी की बैठक वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में कुलपति डॉ. केएमएल पाठक मौजूदगी में हुई। करीब तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में तय किया गया कि ग्राम पंचायत की जमीन पर गोशाला बनाई जाए।
यह निर्णय लिया गया मीटिंग में
- ग्राम पंचायतों में गोचारण भूमि पर गोशाला खोली जाएगी।
- प्रदेश भर में गोवंश की गणना कराई जाएगी।
- सभी गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
- गोशालाओं के संचालन को तैयार की जाएंगी कमेटी।
- पशुओं को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों पर होगी कार्रवाई।
- सरकारी भूमि पर चारा उगाया जाएगा।