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Agra News: आंखों पर काली पट्टी बांधकर पार्षद ने दिया धरना
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आगरा। नगर निगम सदन के 18वें अधिवेशन में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। करीब डेढ़ घंटे तक सदन की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। अधिवेशन शुरू होते ही बसपा पार्षद सुनील शर्मा ने व्यवस्था का सवाल उठाते हुए पहले बोलने की कोशिश की तो महापौर ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इसके बाद वह आंखों पर काली पट्टी बांधकर डायस के आगे धरने पर बैठ गए।
उनके साथ अन्य पार्षद भी धरने पर बैठे तो हंगामा शुरू हो गया। बसपा और भाजपा पार्षद आमने-सामने आ गए और जमकर तकरार हुई। इसी दौरान पार्षद यशपाल ने माइक तोड़ दिया, जिस पर हंगामा हुआ तो सदन स्थगित कर दिया गया। महापौर ने यशपाल सिंह को निष्कासित करने की घोषणा कर दी। स्थगन के दौरान बसपा पार्षदों ने खेद व्यक्त किया तब उन्हें वापस बुलाया गया।
सामान्य अधिवेशन में राष्ट्रगान के बाद महापौर ने दिवाली की शुभकामनाओं के साथ शुरुआत की। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने 14वें अधिवेशन के कार्यवाही की पुष्टि का प्रस्ताव रखा लेकिन इससे पहले ही बसपा के पार्षद सुनील कुमार शर्मा ने माइक थाम लिया और व्यवस्था का प्रश्न रखा। अनुमति न मिलने पर सुनील शर्मा ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू कर दिया।
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जय भीम के जवाब में भाजपा पार्षदों ने जयश्री राम के नारे लगाए और एक घंटे तक यह तकरार चलती रही। बसपा पार्षद यशपाल सिंह के हाथों निगम का माइक टूटने पर हंगामा और बढ़ गया। भाजपा पार्षद हेमंत प्रजापति ने यशपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। महापौर ने यशपाल सिंह को सदन से निष्कासित करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस पर पार्षदों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया और धरने पर फिर से बैठ गए। भाजपा के पार्षदों ने टूटे माइक की अर्थी निकाल दी।
वरिष्ठ पार्षदों के साथ बैठक में सहमति बनी और पार्षद रवि माथुर, प्रकाश केशवानी, कप्तान सिंह, सुहैल कुरैशी, अनुराग चतुर्वेदी, राकेश जैन आदि की पहल के बाद पार्षद यशपाल सिंह और सुनील शर्मा ने खेद व्यक्त किया। तब महापौर ने निष्कासन वापस लिया।
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प्रश्नकाल में आधे-अधूरे जवाब, असंतुष्ट रहे पार्षद
अधिवेशन में प्रश्नकाल में 42 सवाल लगाए गए, जिनका जवाब पार्षदों को लिखित में उसी दौरान दिया गया, जिससे पार्षद असंतुष्ट रहे। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने करीब आधे घंटे तक प्रश्नकाल चलाया लेकिन 90 फीसदी पार्षद अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट रहे और उन्होंने अपनी नाराजगी भी जताई। जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने हंगामा कर दिया। इसे लेकर तीखी बहस हुई।
पहली बार लाल कालीन पर स्वागत
नगर निगम में दिवाली के मौके पर सदन तक गैलरी को फूल मालाओं से सजाया गया। डायस पर फूलों की लड़ियां लगाई गईं। पार्षदों का स्वागत लाल कालीन बिछाकर किया गया। पहली बार पार्षद इस तरह से सजावट और व्यवस्थाएं देखकर हैरत में पड़ गए। उन्होंने सवालों पर अफसरों को घेरा लेकिन व्यवस्थाओं को सराहा।
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उनके साथ अन्य पार्षद भी धरने पर बैठे तो हंगामा शुरू हो गया। बसपा और भाजपा पार्षद आमने-सामने आ गए और जमकर तकरार हुई। इसी दौरान पार्षद यशपाल ने माइक तोड़ दिया, जिस पर हंगामा हुआ तो सदन स्थगित कर दिया गया। महापौर ने यशपाल सिंह को निष्कासित करने की घोषणा कर दी। स्थगन के दौरान बसपा पार्षदों ने खेद व्यक्त किया तब उन्हें वापस बुलाया गया।
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सामान्य अधिवेशन में राष्ट्रगान के बाद महापौर ने दिवाली की शुभकामनाओं के साथ शुरुआत की। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने 14वें अधिवेशन के कार्यवाही की पुष्टि का प्रस्ताव रखा लेकिन इससे पहले ही बसपा के पार्षद सुनील कुमार शर्मा ने माइक थाम लिया और व्यवस्था का प्रश्न रखा। अनुमति न मिलने पर सुनील शर्मा ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर विरोध शुरू कर दिया।
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जय भीम के जवाब में भाजपा पार्षदों ने जयश्री राम के नारे लगाए और एक घंटे तक यह तकरार चलती रही। बसपा पार्षद यशपाल सिंह के हाथों निगम का माइक टूटने पर हंगामा और बढ़ गया। भाजपा पार्षद हेमंत प्रजापति ने यशपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। महापौर ने यशपाल सिंह को सदन से निष्कासित करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस पर पार्षदों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया और धरने पर फिर से बैठ गए। भाजपा के पार्षदों ने टूटे माइक की अर्थी निकाल दी।
वरिष्ठ पार्षदों के साथ बैठक में सहमति बनी और पार्षद रवि माथुर, प्रकाश केशवानी, कप्तान सिंह, सुहैल कुरैशी, अनुराग चतुर्वेदी, राकेश जैन आदि की पहल के बाद पार्षद यशपाल सिंह और सुनील शर्मा ने खेद व्यक्त किया। तब महापौर ने निष्कासन वापस लिया।
प्रश्नकाल में आधे-अधूरे जवाब, असंतुष्ट रहे पार्षद
अधिवेशन में प्रश्नकाल में 42 सवाल लगाए गए, जिनका जवाब पार्षदों को लिखित में उसी दौरान दिया गया, जिससे पार्षद असंतुष्ट रहे। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने करीब आधे घंटे तक प्रश्नकाल चलाया लेकिन 90 फीसदी पार्षद अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट रहे और उन्होंने अपनी नाराजगी भी जताई। जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने हंगामा कर दिया। इसे लेकर तीखी बहस हुई।
पहली बार लाल कालीन पर स्वागत
नगर निगम में दिवाली के मौके पर सदन तक गैलरी को फूल मालाओं से सजाया गया। डायस पर फूलों की लड़ियां लगाई गईं। पार्षदों का स्वागत लाल कालीन बिछाकर किया गया। पहली बार पार्षद इस तरह से सजावट और व्यवस्थाएं देखकर हैरत में पड़ गए। उन्होंने सवालों पर अफसरों को घेरा लेकिन व्यवस्थाओं को सराहा।