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कीमतों में इजाफा, रसोई से गायब हो रहा सब्जियों का राजा
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कासगंज मे एक दुकान पर बिक्री के लिए रखीं सब्जियां
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। प्याज के बेकाबू हुए दामों को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। प्याज की बढ़ती कीमतों के बाद अब सब्जियों का राजा कहे जाने वाले आलू ने भी दामों में ताव दिखाना शुरू कर दिया है। आलू इस सीजन में काफी महंगा हो गया है। थोक व्यापारी भी आलू की बढ़ती कीमतों को लेकर परेशान है।
व्यापारियों का कहना है कि देशभर में नए आलू की आवक शुरू हो गई है, फिर भी दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे। थोक फल-सब्जी व्यापारी मनोज का कहना है कि शहर की फुटकर मंडियों में अभी आलू बाहर से आ रहा है। इस बार आलू का उत्पादन कम हुआ है। साथ ही भाड़ा महंगा होने के कारण आलू-प्याज सहित अन्य सब्जियों के दाम पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।
थोक फल-सब्जी मंडी में पिछले साल दिसम्बर में आलू के दाम 10 से 15 रुपए किलो थे। अभी पुराने आलू की कीमत 30 से 35 रुपए किलो है, वहीं नए आलू की कीमत 18 से 20 रुपये किलो है। इधर आलू के बढ़ते दामों पर प्रशासन ने नजर रखना शुरू कर दिया है। व्यापारियों से आवक के आंकड़े लिए जा रहे हैं।
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व्यापारियों का कहना है कि देशभर में नए आलू की आवक शुरू हो गई है, फिर भी दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे। थोक फल-सब्जी व्यापारी मनोज का कहना है कि शहर की फुटकर मंडियों में अभी आलू बाहर से आ रहा है। इस बार आलू का उत्पादन कम हुआ है। साथ ही भाड़ा महंगा होने के कारण आलू-प्याज सहित अन्य सब्जियों के दाम पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।
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थोक फल-सब्जी मंडी में पिछले साल दिसम्बर में आलू के दाम 10 से 15 रुपए किलो थे। अभी पुराने आलू की कीमत 30 से 35 रुपए किलो है, वहीं नए आलू की कीमत 18 से 20 रुपये किलो है। इधर आलू के बढ़ते दामों पर प्रशासन ने नजर रखना शुरू कर दिया है। व्यापारियों से आवक के आंकड़े लिए जा रहे हैं।
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