{"_id":"637fa12cc5e5d541a6505f78","slug":"corporation-got-permission-to-catch-five-hundred-more-monkeys-agra-news-agr5545644177","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: मिलेगी कुछ राहत, निगम को मिली पांच सौ और बंदरों को पकड़ने की अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: मिलेगी कुछ राहत, निगम को मिली पांच सौ और बंदरों को पकड़ने की अनुमति
Thu, 24 Nov 2022 10:24 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 24 Nov 2022 10:24 PM IST
सार
बंदरों को पकड़ने में खर्च होने वाली धनराशि का भार नगर निगम द्वारा उठाया जाएगा। इन बंदरों को एक माह के अंदर ही पकड़ना होगा। यदि इस अवधि में बंदरों को नहीं पकड़ा जाता है तो अनुमति स्वत: निरस्त हो जाएगी।
विज्ञापन
टूंडला के सेंट्रल रोड पर बाउंड्रावॉल पर बैठे बंदर
- फोटो : TUNDLA
विस्तार
वन विभाग ने आखिर नगर निगम को ढाई हजार बंदरों के सापेक्ष पांच सौ उत्पाती बंदरों को पकड़वाए जाने की अनुमति नगर निगम को कुछ शर्तों के साथ दी है। बंदरों को पकड़वाने के बाद शिकोहाबाद रेंज के शेखूगढ़ी स्थित वन क्षेत्र में छुड़वाना होगा। वन विभाग की अनुमति मिलने के साथ ही नगर निगम के द्वारा उत्पाती बंदरों को पकड़ने के लिए शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में पिछले दिनों बंदरों के हमले से एक चूड़ी व्यापारी की छत से गिरने से मौत हो गई थी। इसके साथ कई इलाकों में बंदर हमलावर हो गए थे। बंदरों के हमले का विरोध शहर में शुरू हो गया था। दो वार्डों के लोगों ने बंदरों को नहीं पकड़वाए जाने पर निकाय चुनाव बहिष्कार करने तक की चेतावनी दी थी। नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया था। करीब पांच सौ बंदर पकड़े गए थे। बंदरों का उत्पात कम नहीं हुआ था।
नगर निगम के अधिकारियों ने 2500 बंदरों को पकड़ने की अनुमति वन विभाग से मांगी थी। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विकास नायक ने नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि पांच सौ बंदरों को पकड़ने की हरी झंडी प्रदान की जाती है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि पकड़े गए बंदर दोबारा से उस क्षेत्र में नहीं आने पाएं।
विज्ञापन
बंदरों को पकड़ने में खर्च होने वाली धनराशि का भार नगर निगम द्वारा उठाया जाएगा। इन बंदरों को एक माह के अंदर ही पकड़ना होगा। यदि इस अवधि में बंदरों को नहीं पकड़ा जाता है तो अनुमति स्वत: निरस्त हो जाएगी। बंदरों को पकड़ने के बाद उनको शिकोहाबाद रेंज के शेखूपुर गढ़ी वन ब्लॉक यमुना किनारे छोड़ा जाए।
विज्ञापन
नगर निगम क्षेत्र में पिछले दिनों बंदरों के हमले से एक चूड़ी व्यापारी की छत से गिरने से मौत हो गई थी। इसके साथ कई इलाकों में बंदर हमलावर हो गए थे। बंदरों के हमले का विरोध शहर में शुरू हो गया था। दो वार्डों के लोगों ने बंदरों को नहीं पकड़वाए जाने पर निकाय चुनाव बहिष्कार करने तक की चेतावनी दी थी। नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया था। करीब पांच सौ बंदर पकड़े गए थे। बंदरों का उत्पात कम नहीं हुआ था।
विज्ञापन
नगर निगम के अधिकारियों ने 2500 बंदरों को पकड़ने की अनुमति वन विभाग से मांगी थी। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विकास नायक ने नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि पांच सौ बंदरों को पकड़ने की हरी झंडी प्रदान की जाती है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि पकड़े गए बंदर दोबारा से उस क्षेत्र में नहीं आने पाएं।
विज्ञापन
बंदरों को पकड़ने में खर्च होने वाली धनराशि का भार नगर निगम द्वारा उठाया जाएगा। इन बंदरों को एक माह के अंदर ही पकड़ना होगा। यदि इस अवधि में बंदरों को नहीं पकड़ा जाता है तो अनुमति स्वत: निरस्त हो जाएगी। बंदरों को पकड़ने के बाद उनको शिकोहाबाद रेंज के शेखूपुर गढ़ी वन ब्लॉक यमुना किनारे छोड़ा जाए।