मथुरा में कोरोना का कहर: 24 घंटे में चार मरीजों की मौत, 172 लोग संक्रमित मिले
दूसरी लहर में कोरोना वायरस और घातक होता जा रहा है। बीते 24 घंटे में मथुरा के चार कोरोना मरीजों की मौत हो गई। इनका अलग-अलग शहरों में इलाज चल रहा था।
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मथुरा जिले में कोरोना संक्रमण और घातक होता जा रहा है। 24 घंटे में संक्रमण से चार मरीजों की मौत हो गई। इससे मृतकों की संख्या 128 हो गई है। जिले में गुरुवार को 172 लोग संक्रमित भी मिले। अब कुल संक्रमितों का आंकड़ा 8377 पर पहुंच गया है। इनमें सक्रिय केस 1032 हैं।
शहर के बाढ़पुरा क्षेत्र निवासी मोटर व्यवसायी की फरीदाबाद में मौत हो गई। कोरोना संक्रमित होने के बाद इलाज के लिए उन्हें फरीदाबाद ले जाया गया था। उनकी पत्नी भी संक्रमित हैं। उनका का उपचार चल रहा है। दूसरी मौत शहर के बहादुर पुरा क्षेत्र में हुई है। यहां के 55 वर्षीय व्यक्ति की आगरा के निजी अस्पताल में मौत हो गई।
केएम मेडिकल कॉलेज में अग्रसेन नगर के रहने वाले 73 वर्षीय गिलट व्यापारी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। वहीं, कदंब विहार रिफाइनरी नगर क्षेत्र की रहने वाली 87 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया। इनका इलाज आगरा के अस्पताल में चल रहा था। इस महिला के 32 वर्षीय पुत्र की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी थी।
यहां मिले नए मरीज
गुरुवार को चंदनवन, छटीकरा, कृष्णानगर क्षेत्र, गली कानूगों, राधापुरमं स्टेट, राधा वैली, वृंदावन, मथुरा रिफाइनरी नगर, कृष्णापुरी, मांट, आचार नगर, श्रीजी धाम गोवर्धन रोड़, श्रीजी गार्डन, नवनीत नगर, घीया मंडी, धौलीप्याऊ, राधेश्याम कॉलोनी, आनंद धाम कॉलोनी में 172 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं।
सौ बेड का अस्पताल शीघ्र
कोरोना की दूसरी लहर से जनपद में लगातार बिगड़ रहे हालात के बाद जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में जुट गया है। इसके लिए ऑक्सीजन बेडों की संख्या बढ़ाए जाने आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग सौ से लेकर दो सौ बेड के अस्पताल को शीघ्र सुचारु करने जा रहा है।
बताया जा रहा है कि जनपद में इस समय 175 ही ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था है। इसके साथ ही लगभग 32 वेंटिलेटर में हैं। जनपद में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं ना मिलने के कारण कोरोना के मरीजों को दिल्ली, हरियाणा या नोएडा ले जाना पड़ रहा है।
एसीएमओ एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता ने कहा कि हम बहुत जल्द ही सौ या दो सौ बेड का अस्पताल शुरू करने जा रहे हैं। इसके लिए सरकारी और निजी स्तर के अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है।
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