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मधुमेह मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रहा कोरोना संक्रमण, चौंकाने वाली है यह रिपोर्ट

Tue, 27 Oct 2020 12:17 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 27 Oct 2020 12:17 AM IST
सार

  • एसएन मेडिकल कॉलेज ने तैयार की रिपोर्ट, 51 फीसदी संक्रमितों में मधुमेह, 30 फीसदी थे ब्लड प्रेशर के मरीज
  • सात प्रतिशत मरीजों में किडनी, लिवर और हृदय की बीमारी मिलीं 

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Coronavirus proving fatal for diabetic patients in agra
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

आगरा में मधुमेह मरीजों के लिए कोरोना संक्रमण जानलेवा साबित हो रहा है। अभी तक संक्रमण से दम तोड़ने वाला हर दूसरा मरीज मधुमेह से पीड़ित था। 20 फीसदी मृतक उच्च रक्तचाप के मरीज थे। चिकित्सक बता रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखें। 

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जिले में रविवार तक कोरोना वायरस के संक्रमण से 142 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें मरने वाले मधुमेह, किडनी, लिवर, कैंसर, टीबी, हृदय, उच्च रक्तचाप की बीमारियां से भी ग्रस्त थे। एसएन मेडिकल कॉलेज के कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सकीय टीम ने मृतकों में विभिन्न बीमारियों की भी रिपोर्ट बनाई है। 
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इसमें मरने वालों में सबसे ज्यादा 51 फीसदी मरीजों में मधुमेह रोग था। इसमें अधिकांश मरीजों की शुगर स्तर अनियंत्रित था और दवाएं भी नियमित नहीं ले रहे थे। 22 फीसदी मृतक उच्च रक्तचाप की परेशानी से जूझ रहे थे। 38 प्रतिशत मरीजों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप की परेशानी पाई गई। 

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20 प्रतिशत की मौत निमोनिया से

20 प्रतिशत की मौत गंभीर निमोनिया होने के कारण हुई। सात फीसदी मरीजों में टीबी, किडनी, लिवर, हृदय संबंधी बीमारी मिली। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में पांच विभागों के चिकित्सकों की टीम भी बनाई गई थी। 

कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रहे डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि मधुमेह-उच्च रक्तचाप के मरीजों में संक्रमण से हालत लगातार बिगड़ने से मरीजों की मौत हुई। मरने वालों में 45 से 65 साल की आयु के मरीज सबसे ज्यादा थे। 

शुगर स्तर को नियंत्रित रखें मरीज : डॉ. प्रभात अग्रवाल

एसएन कॉलेज के फिजीशियन डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि मधुमेह मरीज घबराएं नहीं, बस शुगर स्तर को नियंत्रित करें। दवाएं नहीं खा रहे हैं तो डॉक्टर के परामर्श पर इनको शुरू करें। ब्लडप्रेशर को भी नियंत्रित करें। बीपी और शुगर की जांच कराते रहें।

मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीज नियमित योग कर सकते हैं। साइकिल चलाएं या फिर तेज गति से 30 से 40 मिनट तक रोज टहलें। ऐसा करने से वजन नहीं बढ़ेगा और फिट रहेंगे। खाने-पीने में दाल, चपाती, सलाद का भरपूर प्रयोग करें।  

45 से 65 की उम्र के सबसे ज्यादा मरीजों की मौत

संक्रमण से होने वाली मौत में सबसे ज्यादा 45 से 65 साल की उम्र के मरीज थे। इनकी संख्या 50 प्रतिशत थी। इसमें पुरुषों की संख्या अधिक थी।  65 से अधिक उम्र के मरीज 20 प्रतिशत और 45 साल से कम आयु के 30 प्रतिशत मरीज थे। सभी मृतक आईसीयू में वेंटिलेटर पर थे इनको ऑक्सीजन भी दी गई।  
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